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Nainital News: डीएम बोलीं, किसानों के जमीन बेचने पर रोक नहीं
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हल्द्वानी। प्रापर्टी डीलर, किसान और अधिवक्ताओं ने रेरा के नाम पर लगाई गई रजिस्ट्री की रोक को लेकर डीएम का घेराव किया। उधर डीएम ने इनके साथ दो घंटे बैठक की। उन्होंने साफ किया कि अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाई गई है। किसान अपनी जमीन बेच और खरीद सकते हैं। कहा कि एक ही खाता नंबर पर छोटे-छोटे प्लाट कई बार बेचना, उस पर सड़क काटना अवैध प्लाटिंग की श्रेणी में आएगा।
बृहस्पतिवार को प्रापर्टी डीलर, किसान और अधिवक्ता डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम का घेराव किया। कहा कि रेरा के प्रावधान लागू करने से किसानों को जमीन बेचने में दिक्कत आ रही है। रेरा के प्रावधानों के तहत ज़मीन बेचने पर जमीन के रेट भी बढ़ जाएंगे।
डीएम वंदना ने बताया कि किसान अपनी जमीन बेच सकता है। एक-दो बार जमीन बेचने पर कोई दिक्कत नहीं है। एक खेत नंबर पर छोटे-छोटे भूखंड में जमीन बेची जा रही है। उस जमीन पर सड़क बनाई गई है तो वह रेरा का उल्लंघन है।
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उधर जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने रेरा को लेकर स्थिति साफ करते हुए एडवाइजरी जारी कर दी है।
ये है एडवाइजरी में -
- रेरा के अनुसार, 500 वर्गमीटर से अधिक के भू-विकास परियोजना और आठ यूनिट के अधिक फ्लैट के अपार्टमेंट की परियोजना का रेरा पंजीकरण कराना होगा।
- जिला विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में भू-विन्यास, अपार्टमेंट निर्माण, मल्टी हाउसिंग निर्माण, ले-आउट निर्माण, निजी आवासीय / व्यवसायिक भवनों के निर्माण आदि से पूर्व मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है ।
- बिना स्वीकृत मानचित्र के परियोजना निर्माण एवं विक्रय करना अवैध है।
- अवैध प्लाटिंग/ले-आउट का निर्माण कर विक्रय करने से अनियोजित विकास हो रहा है। इससे नवीन आवासीय क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, विद्युत, पेयजल की गम्भीर समस्याएं सामने आ रही हैं।
- कृषि भूमि के संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि कृषि भूमि को कृषि प्रयोजन के लिए क्रय-विक्रय करने पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है।
-एक बड़े भूखंड पर सड़क का निर्माण कर छोटे-छोटे भूखंड में बेचना रेरा का उल्लंघन है।
- आवासीय कॉलोनियों में जमीन लेने से पहले जिला विकास प्राधिकरण से कॉलोनियों की जानकारी लें। प्लाट अथवा फ्लैट खरीदने से पूर्व प्लाटिंग/ग्रुप हाउसिंग/मल्टीपल हाउसिंग मानचित्र की स्वीकृति का परीक्षण अवश्य कर लें और उसका उल्लेख विक्रय पत्र में अवश्य कराएं।
===
अधिवक्ताओं ने भी किया रेरा का विरोध
हल्द्वानी। तहसील हल्द्वानी के अधिवक्ताओं ने हल्द्वानी बार के सचिव विनीत परिहार को रेरा के विरोध में ज्ञापन सौंपा और सहयोग की मांग की।
अधिवक्तागण, अरायजनवीस और किसानों ने धरना भी दिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे किसानों को जमीन बेचने में काफी दिक्कत हो रही है। रेरा के प्रावधानों के अनुसार, जमीन के रेट भी काफी बढ़ जाएंगे। कई प्रावधान अव्यवहारिक होने से वर्तमान में रेरा प्रासंगिक नहीं है और इसको संशोधित किया जाना आवश्यक है। कहा कि रेरा के लागू होने से रजिस्ट्री कम होगी जिससे तहसील में कार्य करने वाले अधिवक्तागण व अन्य लोग भी प्रभावित होंगे। सचिव विनीत परिहार ने कहा कि इस मामले पर बार एसोसिएशन में बात की जाएगी।
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बृहस्पतिवार को प्रापर्टी डीलर, किसान और अधिवक्ता डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम का घेराव किया। कहा कि रेरा के प्रावधान लागू करने से किसानों को जमीन बेचने में दिक्कत आ रही है। रेरा के प्रावधानों के तहत ज़मीन बेचने पर जमीन के रेट भी बढ़ जाएंगे।
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डीएम वंदना ने बताया कि किसान अपनी जमीन बेच सकता है। एक-दो बार जमीन बेचने पर कोई दिक्कत नहीं है। एक खेत नंबर पर छोटे-छोटे भूखंड में जमीन बेची जा रही है। उस जमीन पर सड़क बनाई गई है तो वह रेरा का उल्लंघन है।
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उधर जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने रेरा को लेकर स्थिति साफ करते हुए एडवाइजरी जारी कर दी है।
ये है एडवाइजरी में -
- रेरा के अनुसार, 500 वर्गमीटर से अधिक के भू-विकास परियोजना और आठ यूनिट के अधिक फ्लैट के अपार्टमेंट की परियोजना का रेरा पंजीकरण कराना होगा।
- जिला विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में भू-विन्यास, अपार्टमेंट निर्माण, मल्टी हाउसिंग निर्माण, ले-आउट निर्माण, निजी आवासीय / व्यवसायिक भवनों के निर्माण आदि से पूर्व मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है ।
- बिना स्वीकृत मानचित्र के परियोजना निर्माण एवं विक्रय करना अवैध है।
- अवैध प्लाटिंग/ले-आउट का निर्माण कर विक्रय करने से अनियोजित विकास हो रहा है। इससे नवीन आवासीय क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, विद्युत, पेयजल की गम्भीर समस्याएं सामने आ रही हैं।
- कृषि भूमि के संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि कृषि भूमि को कृषि प्रयोजन के लिए क्रय-विक्रय करने पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है।
-एक बड़े भूखंड पर सड़क का निर्माण कर छोटे-छोटे भूखंड में बेचना रेरा का उल्लंघन है।
- आवासीय कॉलोनियों में जमीन लेने से पहले जिला विकास प्राधिकरण से कॉलोनियों की जानकारी लें। प्लाट अथवा फ्लैट खरीदने से पूर्व प्लाटिंग/ग्रुप हाउसिंग/मल्टीपल हाउसिंग मानचित्र की स्वीकृति का परीक्षण अवश्य कर लें और उसका उल्लेख विक्रय पत्र में अवश्य कराएं।
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अधिवक्ताओं ने भी किया रेरा का विरोध
हल्द्वानी। तहसील हल्द्वानी के अधिवक्ताओं ने हल्द्वानी बार के सचिव विनीत परिहार को रेरा के विरोध में ज्ञापन सौंपा और सहयोग की मांग की।
अधिवक्तागण, अरायजनवीस और किसानों ने धरना भी दिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे किसानों को जमीन बेचने में काफी दिक्कत हो रही है। रेरा के प्रावधानों के अनुसार, जमीन के रेट भी काफी बढ़ जाएंगे। कई प्रावधान अव्यवहारिक होने से वर्तमान में रेरा प्रासंगिक नहीं है और इसको संशोधित किया जाना आवश्यक है। कहा कि रेरा के लागू होने से रजिस्ट्री कम होगी जिससे तहसील में कार्य करने वाले अधिवक्तागण व अन्य लोग भी प्रभावित होंगे। सचिव विनीत परिहार ने कहा कि इस मामले पर बार एसोसिएशन में बात की जाएगी।