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अमृत योजना में मिलेगा ‘अमृत’
ब्यूरो/ हल्द्वानी
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:48 AM IST
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पेयजल संकट से जूझ रही हल्द्वानी की जनता के लिए अमृत योजना ‘अमृत’ का काम करेगी। योजना के प्रथम चरण में हल्द्वानी में पेयजल और सीवरेज लाइनों के विस्तारीकरण के साथ ही यातायात व्यवस्था में सुधार होना है। इसमें पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 17 करोड़ की पहली डीपीआर शासन को चली गई है।
हल्द्वानी शहर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल बड़ी समस्या है। पेयजल के लिए गौला नदी और ट्यूबवेलों पर निर्भरता है। गर्मियों में पानी के लिए हाहाकार रहता है। शहर और देहात में दशकों पुरानी पेयजल लाइनें हैं। आबादी के अनुपात में लाइनों का विस्तार नहीं हो सका है। अमृत योजना में हल्द्वानी शहर भी शामिल है। मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला के मुताबिक अमृत योजना में शहर में पेयजल व्यवस्था के विस्तारीकरण के लिए डीपीआर शासन को भेज दी गई है। डीपीआर जल निगम ने तैयार की है।
जल निगम के अधिशासी अभियंता वीके पंत के मुताबिक डीपीआर में लाइनों का विस्तारण और सुधारीकरण होना है। 10 किमी नई लाइन बिछाई जाएगी। वर्तमान में गौला से 28 एमएलडी पानी रोजाना मिलता है, जबकि जरूरत 58 एमएलडी की है। डीपीआर में 28 एमएलडी प्रतिदिन अतिरिक्त पेयजल की आपूर्ति का प्रस्ताव है। स्टोरेज क्षमता के साथ ट्रीटमेंट प्लांट भी शामिल है।
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हल्द्वानी शहर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल बड़ी समस्या है। पेयजल के लिए गौला नदी और ट्यूबवेलों पर निर्भरता है। गर्मियों में पानी के लिए हाहाकार रहता है। शहर और देहात में दशकों पुरानी पेयजल लाइनें हैं। आबादी के अनुपात में लाइनों का विस्तार नहीं हो सका है। अमृत योजना में हल्द्वानी शहर भी शामिल है। मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला के मुताबिक अमृत योजना में शहर में पेयजल व्यवस्था के विस्तारीकरण के लिए डीपीआर शासन को भेज दी गई है। डीपीआर जल निगम ने तैयार की है।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता वीके पंत के मुताबिक डीपीआर में लाइनों का विस्तारण और सुधारीकरण होना है। 10 किमी नई लाइन बिछाई जाएगी। वर्तमान में गौला से 28 एमएलडी पानी रोजाना मिलता है, जबकि जरूरत 58 एमएलडी की है। डीपीआर में 28 एमएलडी प्रतिदिन अतिरिक्त पेयजल की आपूर्ति का प्रस्ताव है। स्टोरेज क्षमता के साथ ट्रीटमेंट प्लांट भी शामिल है।
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