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भविष्य के लिए जल बचाने में जुटे पर्यावरण प्रेमी
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ओखलकांडा के नाई गांव के तोक चामा में चाल खाल बनाते पर्यावरण प्रेमी चंदन नयाल। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BHIMTAL
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भीमताल (नैनीताल)। लॉकडाउन में लोग अपने-अपने तरीके से नया करने में जुटे हैं। इनमें से एक हैं पर्यावरण प्रेमी चंदन सिंह नयाल। चंदन ने लॉकडाउन में ऐसा कर दिखाया जो कई गांवों के लोगों की पानी की जरूरत को पूरा कर सकेगा। उन्होंने जल संचय के लिए डेढ़ महीने के अंदर में 15 चाल खाल बना दिए हैं। इस काम में ग्रामीणों ने भी उनका साथ दिया।
ओखलकांडा ब्लॉक के ग्राम नाई के तोक चामा निवासी चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं।
नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके। यदि चार से पांच ग्रामीण लगातार सात घंटे काम करें तो 10 हजार लीटर क्षमता वाला एक चाल खाल बना लिया जाता है।
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ओखलकांडा ब्लॉक के ग्राम नाई के तोक चामा निवासी चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं।
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नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके। यदि चार से पांच ग्रामीण लगातार सात घंटे काम करें तो 10 हजार लीटर क्षमता वाला एक चाल खाल बना लिया जाता है।
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