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नंधौर के दो गेट बंद कराए
ब्यूरो/चोरगलिया
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:36 AM IST
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खनन माफियाओं की दबगई से परेशान वन निगम कर्मचारियों ने नंधौर के चोरगलिया और कडापानी गेट बंद करा दिए। कर्मचारियों ने चोरगलिया गेट पर काम करने से साफ मना कर दिया है। चोरगलिया गेट के इंचार्ज महेश पुरी, उम्मेद सिंह मेहता व उदय सिंह मटियाली ने कहा कि सुबह 6.30 बजे निगम कर्मी गेट पर पहुंचे तो उससे पहले से ही 30-40 ट्रैक्टर बिना टोकन लिए नदी में खनन को पहुंच चुके थे।
वन निगम कर्मियों ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को दी। लेकिन जब तक वन निगम कर्मी मौके पर पहुंचते इससे पहले ही खनन माफिया मौके से फरार हो गए। बिना रॉयल्टी के उपखनिज बाहर आ रहे ट्रैक्टरों को वन निगम की टीम ने रोकने की कोशिश की तो तेज रफ्तार ट्रैक्टरों ने कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश की। जिससे गुस्साये निगम कर्मियों ने गेट में ताला लगा कर खनन कार्य बंद कर दिया।
उधर, कडापानी गेट पर वन निगम कर्मियों ने करीब 40 गाड़ियों का अवैध खनन में लिप्तता के शक में रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया। जिससे गुस्साए वाहन स्वामियों ने नंधौर कडापानी गेट बंद करा दिया। जिससे दोनों गेटों में दिनभर खनिज निकासी बंद रही।
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इमलीघाट गेट बंद किया तो आंदोलन
भाजपा नेता नवीन दुम्का ने विभाग द्वारा इमलीघाट उप खनिज निकासी गेट बंद किए जाने संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया की है। उन्होंने कहा है कि गेट बंद किया गया तो क्षेत्र के रेता बजरी कारोबारियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
बिंदुखत्ता के शीशम भुजिया नंबर 6 में वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन दुम्का ने कहा कि इमलीघाट उपखनिज निकासी गेट को तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के कार्यकाल में खोला गया था। उनका कहना है कि राज्य में कांग्रेस सरकार बनते ही अराजकता का माहौल हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनन कार्य को निजी हाथों में देने की साजिश कर रही है। सरकार दबंगों व खनन माफियाओं की डर कर से सबसे अधिक राजस्व देने वाले गेट को ही बंद करने पर आमादा है। बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता कुंदन सिंह चुफाल, गोविंद दानू, हयात सिंह कोरंगा, कमल राणा, राजेंद्र राणा कुदंन बथियाल, त्रिलोक राणा, प्रेम पाल ने विचार रखे।
वन निगम कर्मियों ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को दी। लेकिन जब तक वन निगम कर्मी मौके पर पहुंचते इससे पहले ही खनन माफिया मौके से फरार हो गए। बिना रॉयल्टी के उपखनिज बाहर आ रहे ट्रैक्टरों को वन निगम की टीम ने रोकने की कोशिश की तो तेज रफ्तार ट्रैक्टरों ने कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश की। जिससे गुस्साये निगम कर्मियों ने गेट में ताला लगा कर खनन कार्य बंद कर दिया।
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उधर, कडापानी गेट पर वन निगम कर्मियों ने करीब 40 गाड़ियों का अवैध खनन में लिप्तता के शक में रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया। जिससे गुस्साए वाहन स्वामियों ने नंधौर कडापानी गेट बंद करा दिया। जिससे दोनों गेटों में दिनभर खनिज निकासी बंद रही।
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इमलीघाट गेट बंद किया तो आंदोलन
भाजपा नेता नवीन दुम्का ने विभाग द्वारा इमलीघाट उप खनिज निकासी गेट बंद किए जाने संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया की है। उन्होंने कहा है कि गेट बंद किया गया तो क्षेत्र के रेता बजरी कारोबारियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
बिंदुखत्ता के शीशम भुजिया नंबर 6 में वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन दुम्का ने कहा कि इमलीघाट उपखनिज निकासी गेट को तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के कार्यकाल में खोला गया था। उनका कहना है कि राज्य में कांग्रेस सरकार बनते ही अराजकता का माहौल हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनन कार्य को निजी हाथों में देने की साजिश कर रही है। सरकार दबंगों व खनन माफियाओं की डर कर से सबसे अधिक राजस्व देने वाले गेट को ही बंद करने पर आमादा है। बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता कुंदन सिंह चुफाल, गोविंद दानू, हयात सिंह कोरंगा, कमल राणा, राजेंद्र राणा कुदंन बथियाल, त्रिलोक राणा, प्रेम पाल ने विचार रखे।