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आपदा के बाद पटरी पर आने लगा नैनीताल का पर्यटक सीजन
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नैनीताल में पर्यटकों की आमद बढ़ने से नौकायन के लिए लगी पर्यटकों भीड़।
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। अक्तूबर की दैवी आपदा के बाद पर्यटन कारोबार अब धीरे धीरे पटरी पर लौटने लगा है। नैनीताल समेत आसपास के पर्यटक स्थलों में सैलानियों की चहल पहल फिर से नजर आने लगी है। इससे जहां एक ओर पर्यटन कारोबारियों में नई आस जगी है वहीं दूसरी ओर इस व्यवसाय से जुड़े छोटे कारोबारियों की मेहनत भी रंग लाती नजर आ रही है। कारोबारियों का मानना है कि निकट भविष्य में नैनीताल में फिर से पर्यटक सीजन अपने पुराने रूप में नजर आने लगेगा।
बता दें कि 18 अक्तूबर और 19 अक्तूबर को कुमाऊं मंडल में घंटों तक हुई अतिवृष्टि ने जमकर तबाही मचाई थी। जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश सड़कें भूस्खलन के चलते बंद हो गई थीं। नदियां उफान पर थीं। भूस्खलन के कारण कई घर जमीदोंज हो गए, जिसमें अकेले नैनीताल जिले में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थीं। तब व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक, रील्स व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया में कुमाऊं में बाढ़, भूस्खलन और सड़क बंद होने के कारण सड़कों में लगे जाम की फोटो और वीडियो खूब वायरल हुई थी। सोशल मीडिया में वायरल हुई इन फोटो और वीडियो के कारण देश के विभिन्न प्रांतों के सैलानियों ने नैनीताल समेत आसपास के पर्यटक स्थलों में की गई अपनी एडवांस बुकिंग रदद करा दी थी। इस कारण 20 अक्तूबर के बाद से नवंबर के शुरूआती दिनों तक पर्यटक सीजन पूरी तरह से ठप रहा और पर्यटक स्थल सुनसान नजर आए।
लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। पिछले हफ्ते छह नवंबर से सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। पूर्व में अक्तूबर में बंगाली सीजन चरम पर चलता था लेकिन इस बार अभी बंगाली सैलानी कम ही नजर आ रहे हैं। इन दिनों नैनीताल में रोजाना डेढ़ हजार से अधिक सैलानी नैनीताल पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश डे विजिटर हैं जो सुबह आकर शाम को लौट रहे हैं, जबकि कुछ सैलानी रात्रि विश्राम भी नैनीताल में ही कर रहे हैं।
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होटल कारोबारियों की मानें तो हालात धीरे धीरे सुधर रहे हैं और नवंबर-दिसंबर में फिर से पर्यटक सीजन धीरे धीरे चरम पर नजर आएगा और होटल कारोबारियों के अलावा नौका चालक, घोड़े वाले, गाइड समेत पर्यटन कारोबार से जुड़े सभी लोग अपने कारोबार में रमे नजर आएंगे।
कोट
- आपदा के बाद जो फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए उनका सीधा असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा, जबकि नैनीताल में ऐसा कुछ नहीं हुआ था। अब स्थितियां पहले से काफी सुधरी हैं। सैलानियों में आपदा का न तो डर है और न ही किसी तरह का भय। ऐसे में उम्मीद है कि निकट भविष्य में धीरे धीरे पर्यटक सीजन में और अधिक सुधार होगा और अधिक सैलानी नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में आएंगे। - दिनेश लाल साह, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन नैनीताल।
- दैवी आपदा से नैनीताल शहर को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो और फोटो नैनीताल के नाम से होने के कारण सैलानियों में गलत संदेश गया। जिसके चलते सैलानियों ने बुकिंगें निरस्त कराई। अब उन्हें पता चल गया है कि नैनीताल पूरी तरह से सुरक्षित है। लिहाजा वह नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों मेें आने लगे हैं। भविष्य में और भी सीजन बढ़ने की उम्मीद है। - कमल जगाती, होटल व्यवसायी नैनीताल।
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बता दें कि 18 अक्तूबर और 19 अक्तूबर को कुमाऊं मंडल में घंटों तक हुई अतिवृष्टि ने जमकर तबाही मचाई थी। जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश सड़कें भूस्खलन के चलते बंद हो गई थीं। नदियां उफान पर थीं। भूस्खलन के कारण कई घर जमीदोंज हो गए, जिसमें अकेले नैनीताल जिले में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थीं। तब व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक, रील्स व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया में कुमाऊं में बाढ़, भूस्खलन और सड़क बंद होने के कारण सड़कों में लगे जाम की फोटो और वीडियो खूब वायरल हुई थी। सोशल मीडिया में वायरल हुई इन फोटो और वीडियो के कारण देश के विभिन्न प्रांतों के सैलानियों ने नैनीताल समेत आसपास के पर्यटक स्थलों में की गई अपनी एडवांस बुकिंग रदद करा दी थी। इस कारण 20 अक्तूबर के बाद से नवंबर के शुरूआती दिनों तक पर्यटक सीजन पूरी तरह से ठप रहा और पर्यटक स्थल सुनसान नजर आए।
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लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। पिछले हफ्ते छह नवंबर से सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। पूर्व में अक्तूबर में बंगाली सीजन चरम पर चलता था लेकिन इस बार अभी बंगाली सैलानी कम ही नजर आ रहे हैं। इन दिनों नैनीताल में रोजाना डेढ़ हजार से अधिक सैलानी नैनीताल पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश डे विजिटर हैं जो सुबह आकर शाम को लौट रहे हैं, जबकि कुछ सैलानी रात्रि विश्राम भी नैनीताल में ही कर रहे हैं।
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होटल कारोबारियों की मानें तो हालात धीरे धीरे सुधर रहे हैं और नवंबर-दिसंबर में फिर से पर्यटक सीजन धीरे धीरे चरम पर नजर आएगा और होटल कारोबारियों के अलावा नौका चालक, घोड़े वाले, गाइड समेत पर्यटन कारोबार से जुड़े सभी लोग अपने कारोबार में रमे नजर आएंगे।
कोट
- आपदा के बाद जो फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए उनका सीधा असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा, जबकि नैनीताल में ऐसा कुछ नहीं हुआ था। अब स्थितियां पहले से काफी सुधरी हैं। सैलानियों में आपदा का न तो डर है और न ही किसी तरह का भय। ऐसे में उम्मीद है कि निकट भविष्य में धीरे धीरे पर्यटक सीजन में और अधिक सुधार होगा और अधिक सैलानी नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में आएंगे। - दिनेश लाल साह, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन नैनीताल।
- दैवी आपदा से नैनीताल शहर को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो और फोटो नैनीताल के नाम से होने के कारण सैलानियों में गलत संदेश गया। जिसके चलते सैलानियों ने बुकिंगें निरस्त कराई। अब उन्हें पता चल गया है कि नैनीताल पूरी तरह से सुरक्षित है। लिहाजा वह नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों मेें आने लगे हैं। भविष्य में और भी सीजन बढ़ने की उम्मीद है। - कमल जगाती, होटल व्यवसायी नैनीताल।