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नैनीताल : ठंडी सड़क की पहाड़ी से फिर हुआ भूस्खलन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 10:14 PM IST
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Nainital: Landslide occurred again from the hill of cold road
नैनीताल। नैनीताल की ठंडी सड़क में पाषाण देवी मंदिर के पास चौथे दिन मंगलवार को भी भूस्खलन हुआ। इसके चलते भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क से होते हुए नैनीझील में समा गए। पत्थरों के गिरने से झील में तेज लहरें उठने लगीं। कई पेड़, बिजली लाइन और नैनीझील से लगी रेलिंग भी टूट गईं।
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लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए सोमवार से ही ठंडी सड़क में पैदल आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। मंगलवार को हुए भूस्खलन के बाद क्षतिग्रस्त पहाड़ी के ऊपर मौजूद डीएसबी परिसर के केपी महिला छात्रावास का भवन भी खतरे की जद में आ गया है। छात्रावास के बी ब्लॉक में रह रहीं छात्राओं को ए ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया है।
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डीएसबी परिसर के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज भट्ट आदि ने डीएम को ज्ञापन देकर भूस्खलन पर रोक लगाने के लिए
ठोस उपाय कराने की मांग की है। केपी छात्रावास की वार्डन रेणुका खोलिया ने बताया कि भूस्खलन से छात्रावास का रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात दहशत बनी रही। छात्रावास के बी ब्लॉक को खतरा बना हुआ है।
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शॉट टर्म कार्ययोजना के लिए दस लाख स्वीकृत
नैनीताल। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने मंगलवार को ठंडी सड़क पर पाषाण देवी मंदिर के पास दरक रही पहाड़ी का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन पर रोक लगाने के लिए शॉर्ट टर्म कार्य कराए जाएंगे। उसके लिए डीएम ने दस लाख रुपये स्वीकृत किए। इस दौरान पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी, एसडीएम प्रतीक जैन, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार, लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बाल-बाल बचे डीएम गर्ब्याल
नैनीताल। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल उस वक्त बाल-बाल बचे, जब पाषाण देवी मंदिर के पास दरक रही पहाड़ी से पत्थर और मलबा उनके ऊपर ही आ गिरा। डीएम गर्ब्याल मलबे के ढेर पर चढ़कर मौके का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे थे। इसी समय फिर से भूस्खलन शुरू हो गया और पत्थरों के साथ मलबा गिरने लगा। गर्ब्याल खुद को बचाते हुए वहां से नीचे उतर आए।

पाषाण देवी मंदिर की पहाड़ी सबसे कमजोर
पाषाण देवी मंदिर की पहाड़ी नगर की सबसे कमजोर पहाड़ी है। वर्ष 1998 में डीएसबी परिसर के गेट के पहले भी एक बड़ा भूस्खलन हो चुका है। राजभवन रोड से लेकर बैंड स्टैंड का क्षेत्र भी धंस रहा है। अनियंत्रित निर्माण कार्य, निर्माण कार्यों का बढ़ता दबाव और अनियोजित विकास भूस्खलन का बड़ा कारण है। इस पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। - प्रो. बहादुर सिंह कोटलिया, वरिष्ठ भूगर्भ वैज्ञानिक नैनीताल।
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