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Uttarakhand: हाईकोर्ट ने दिए निर्देश, दैनिक कर्मियों को दें विनियमितीकरण से पूर्व की सेवाओं का लाभ

Thu, 22 Aug 2024 01:28 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 22 Aug 2024 01:28 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने मंगलवार को जारी अपने महत्वपूर्ण निर्णय में विनियमित दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को राहत देते हुए विनियमितीकरण से पूर्व की सेवा को पेंशन और अन्य देयकों के प्रयोजनों के लिए जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

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Nainital High Court directed to give benefits of services before regularization to daily wage workers
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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नैनीताल हाईकोर्ट ने मंगलवार को जारी अपने महत्वपूर्ण निर्णय में विनियमित दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को राहत देते हुए विनियमितीकरण से पूर्व की सेवा को पेंशन और अन्य देयकों के प्रयोजनों के लिए जोड़ने के निर्देश दिए हैं। यानी उन्हें पिछली सेवा से पेंशन और अन्य देयकों का लाभ देने को कहा है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों दैनिक वेतन कर्मी लाभान्वित हो सकेंगे। इस प्रकरण पर कोर्ट ने 14 जून को अंतिम सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था।

मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार वन विभाग के विनियमित दैनिक वेतन कर्मी सुरेश कंडवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह वर्ष 2011 की नियमावली के तहत विनियमित सेवा में आ गया था और उसकी विनियमितीकरण से पूर्व की सेवाओं को पेंशन के प्रयोजनों के लिए गिना जाना चाहिए।

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याचिकाकर्ता की ओर से सर्वोच्च न्यायालय और उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि शीर्ष अदालत और उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि विनियमितीकरण से पूर्व की सेवाओं को पेंशन और ग्रेच्यूटी के प्रयोजनों के लिए गिना जाना चाहिए। यानी ऐसे कर्मचारियों को विनियमितीकरण से पूर्व की सेवा से पेंशन और अन्य देयकों का लाभ मिलना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के तर्कों को स्वीकार करते हुए विनियमितीकरण से पूर्व की सेवाओं से पेंशन और अन्य देयकों में लाभ देने को कहा है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से हजारों दैनिक वैतन कर्मचारी लाभान्वित हो सकेंगे।

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