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Uk: रिटायरमेंट के बाद गांव बसने का सपना अधूरा, नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर की हादसे में मौत
Tue, 17 Mar 2026 10:31 AM IST
गायत्री जोशी
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Tue, 17 Mar 2026 10:31 AM IST
सार
नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत की मुरादाबाद में हुए हादसे में मौत। आज मंगलवार को चित्रशिला घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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मृतक दयाल रावत
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
रविवार तक जो व्यक्ति अपने रिटायरमेंट के बाद गांव में बसने के सपने संजो रहा था, सोमवार को उसी की मौत की खबर ने पूरे परिवार और गांव को शोक में डुबो दिया। नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत की मुरादाबाद में हुए हादसे में मौत हो गई।
अभी चौबीस घंटे पहले तक वे गांव में रिश्तेदारों के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सरियाताल में अति साधारण कृषक स्व कुंवर सिंह के पुत्र दयाल रावत ने अपनी मेहनत लगन से नैनीताल बैंक में रीजनल मैनेजर तक का सफर तय किया। वह रविवार को गांव में एक नामकरण संस्कार में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद गांव में रहने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि 'शहर में ना मन लगता है, ना अच्छा लगता है, रिटायरमेंट के बाद गांव में ही रहूंगा।" लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
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उनके भतीजे ग्राम प्रधान हरगोविंद रावत ने बताया कि परिवार के लोग शव लेने के लिए मुरादाबाद चले गए हैं। उनका पार्थिव शरीर देर रात्रि तक पैतृक गांव सरियाताल पहुंचेगा। कल मंगलवार को चित्रशिला घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
चाचा के परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। एक बेटा मोनू देहरादून से पीएचडी जबकि बेटी सोनी उनके साथ दिल्ली ही रहती थी। अमरावती कॉलोनी में उनकी पत्नी और सबसे छोटा बेटा रहता है। - हरगोविंद रावत, भतीजा
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अभी चौबीस घंटे पहले तक वे गांव में रिश्तेदारों के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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सरियाताल में अति साधारण कृषक स्व कुंवर सिंह के पुत्र दयाल रावत ने अपनी मेहनत लगन से नैनीताल बैंक में रीजनल मैनेजर तक का सफर तय किया। वह रविवार को गांव में एक नामकरण संस्कार में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद गांव में रहने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि 'शहर में ना मन लगता है, ना अच्छा लगता है, रिटायरमेंट के बाद गांव में ही रहूंगा।" लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
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उनके भतीजे ग्राम प्रधान हरगोविंद रावत ने बताया कि परिवार के लोग शव लेने के लिए मुरादाबाद चले गए हैं। उनका पार्थिव शरीर देर रात्रि तक पैतृक गांव सरियाताल पहुंचेगा। कल मंगलवार को चित्रशिला घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
चाचा के परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। एक बेटा मोनू देहरादून से पीएचडी जबकि बेटी सोनी उनके साथ दिल्ली ही रहती थी। अमरावती कॉलोनी में उनकी पत्नी और सबसे छोटा बेटा रहता है। - हरगोविंद रावत, भतीजा