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नैना गांव से 7 किमी पैदल चढ़ाई चढ़कर महिलाओं ने किया मनोरा में मतदान
सुरेश कांडपाल
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:44 AM IST
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चुनाव
- फोटो : file
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नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में मताधिकार का प्रयोग करने वाले मतदाताओं को बुधवार को परेशानी उठानी पड़ी। आलम यह था कि मतदाताओं को नैना गांव से 7 किलोमीटर पैदल चलकर मनोरा स्थित बूूथ पर आकर वोट डालना पड़ा।
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भले ही यह मतदाता अपने मताधिकार के प्रति जागरूक दिखाई दिए लेकिन प्रशासन की ओर से इतनी दूरी पर पोलिंग बूथ बनाए जाने से वह गुस्से में थे।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार को शहर से जुड़े कई ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर इतनी दूर मतदान करने जा रही थी।
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महिलाओं ने बताया कि वह नैना गांव से 7 किलोमीटर पैदल चढ़ाई चढ़कर मतदान करने जा रहे हैं। टीम को हेमा बिष्ट, ममता बिष्ट, रेखा बिष्ट, प्रभा बिष्ट और कविता ने बताया कि प्रशासन मतदान करने के लिए जागरुक रैली व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरुक तो कर देता है।
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लेकिन प्रशासन ने यह नहीं सोचा कि बूथ को इतनी दूर रखने से कई मतदाता वोट से वंचित रह जाते हैं। मतदान के दिन कोई प्राइवेट वाहन नहीं चलने से मतदाता को काफी किलोमीटर दूर से पैदल ही चलकर अपना मताधिकार का प्रयोग करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके घर में बची सिंह बिष्ट (67) और नारायण सिंह बिष्ट (68) दोनों विकलांग बुजुर्ग भी वोट डालने के इच्छुक थे लेकिन उनको लाने के लिए कोई सुविधा नहीं होने से वह वोट डालने से उनको वंचित रहना पड़ा।