{"_id":"603d34bb8ebc3ed94a217c13","slug":"my-brother-murdered-in-commercial-envy-haldwani-news-hld416656460","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यावसायिक रंजिश में कर दी ममेरे भाई की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यावसायिक रंजिश में कर दी ममेरे भाई की हत्या
विज्ञापन
मृतक राशिद का फाइल फोटो।
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़/बागेश्वर। गरुड़ में राजमिस्त्री का काम करने वाले बहेड़ी निवासी एक युवक ने कारोबारी रंजिश में अपने ममेरे भाई की हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए उसने पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। घटना के 12वें दिन हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर शव और हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और अन्य सामान बरामद कर लिया है।
एसपी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि 26 फरवरी को बहेड़ी (यूपी) निवासी मो. नवी ने बैजनाथ थाने में तहरीर देकर अपने पुत्र राशिद (22) की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। नवी ने बताया कि राशिद को उसका ममेरा भाई (राजमिस्त्री) दानिश (20) पुत्र मेहंदी हसन डेढ़ साल पहले अपने साथ गरुड़ लाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राशिद के लापता होने के पीछे दानिश का हाथ है। दानिश गरुड़ में आठ वर्ष से राजमिस्त्री का काम करता है। 18 फरवरी को उसने अपने दो साथियों रिजवान और हारुन को एक साथ बहेड़ी के लिए भेज दिया और खुद राशिद के साथ बहेड़ी के लिए आने की बात कही।
पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने मामले के खुलासे के लिए बैजनाथ पुलिस के साथ ही एसओजी की टीम को तैनात किया। पुलिस और एसओजी की टीम ने दानिश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। उनसे बताया कि वह 18 फरवरी को राशिद को बहेड़ी ले जाने के स्थान पर अणा-लोहारचौरा के बीच जंगल में ले गया जहां सड़क किनारे लगी रेडियमयुक्त लोहे की रॉड से उसने राशिद की हत्या कर दी। घटना के दो दिन बाद 20 फरवरी को मृतक की पहचान छुपाने के लिए उसके उसके शव को पेट्रोल से जला दिया। सोमवार को पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव खुद पुलिस और एसओजी की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक का शव और हत्या में प्रयुक्त रॉड और अन्य सामान बरामद कर लिया।
विज्ञापन
राशिद के काम से चिड़ गया था दानिश
गरुड़। राशिद गरुड़ के टीट बाजार स्थित दानिश की दुकान में काम करता था। इन लोगों का घरों में टाइल्स लगाने का काम था। इस काम में राशिद को महारत हासिल हो गई थी। राशिद की मांग बढ़ने लगी थी। लोग दानिश के बजाय राशिद को काम देने लगे। यही बात दानिश को खटक गई और उसने राशिद की हत्या की योजना बनाई और उसे मार डाला।
राशिद हत्याकांड के पीछे व्यावसायिक रंजिश की बात सामने आई है। हत्यारोपी ने स्वीकार किया है कि राशिद बेहतर काम सीख गया था। राशिद कम मेहनताना देने की बात पर नाराजगी जाहिर करता था। बराबर की हिस्सेदारी मांगता था। इसलिए उसकी हत्या कर दी। मामले के खुलासे में बैजनाथ थाना पुलिस और एसओजी ने बेहतर काम किया है। - अमित श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक बागेश्वर
विज्ञापन
एसपी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि 26 फरवरी को बहेड़ी (यूपी) निवासी मो. नवी ने बैजनाथ थाने में तहरीर देकर अपने पुत्र राशिद (22) की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। नवी ने बताया कि राशिद को उसका ममेरा भाई (राजमिस्त्री) दानिश (20) पुत्र मेहंदी हसन डेढ़ साल पहले अपने साथ गरुड़ लाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राशिद के लापता होने के पीछे दानिश का हाथ है। दानिश गरुड़ में आठ वर्ष से राजमिस्त्री का काम करता है। 18 फरवरी को उसने अपने दो साथियों रिजवान और हारुन को एक साथ बहेड़ी के लिए भेज दिया और खुद राशिद के साथ बहेड़ी के लिए आने की बात कही।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने मामले के खुलासे के लिए बैजनाथ पुलिस के साथ ही एसओजी की टीम को तैनात किया। पुलिस और एसओजी की टीम ने दानिश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। उनसे बताया कि वह 18 फरवरी को राशिद को बहेड़ी ले जाने के स्थान पर अणा-लोहारचौरा के बीच जंगल में ले गया जहां सड़क किनारे लगी रेडियमयुक्त लोहे की रॉड से उसने राशिद की हत्या कर दी। घटना के दो दिन बाद 20 फरवरी को मृतक की पहचान छुपाने के लिए उसके उसके शव को पेट्रोल से जला दिया। सोमवार को पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव खुद पुलिस और एसओजी की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक का शव और हत्या में प्रयुक्त रॉड और अन्य सामान बरामद कर लिया।
विज्ञापन
राशिद के काम से चिड़ गया था दानिश
गरुड़। राशिद गरुड़ के टीट बाजार स्थित दानिश की दुकान में काम करता था। इन लोगों का घरों में टाइल्स लगाने का काम था। इस काम में राशिद को महारत हासिल हो गई थी। राशिद की मांग बढ़ने लगी थी। लोग दानिश के बजाय राशिद को काम देने लगे। यही बात दानिश को खटक गई और उसने राशिद की हत्या की योजना बनाई और उसे मार डाला।
राशिद हत्याकांड के पीछे व्यावसायिक रंजिश की बात सामने आई है। हत्यारोपी ने स्वीकार किया है कि राशिद बेहतर काम सीख गया था। राशिद कम मेहनताना देने की बात पर नाराजगी जाहिर करता था। बराबर की हिस्सेदारी मांगता था। इसलिए उसकी हत्या कर दी। मामले के खुलासे में बैजनाथ थाना पुलिस और एसओजी ने बेहतर काम किया है। - अमित श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक बागेश्वर