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27 हजार से अधिक बच्चे किताबों की धनराशि से वंचित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 02:19 AM IST
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More than 27 thousand children deprived of books
हल्द्वानी। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को भी शासन से मिलने वाली सुविधाओं का पूरी तरह लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुमाऊं मंडल में 27 हजार से अधिक बच्चे ऐसे हैं जिन्हें अब तक निशुल्क किताबों की धनराशि नहीं मिल पाई है। इनके बैंकों में खाते न खुलने से शिक्षा विभाग इन्हें डीबीटी के माध्यम से धनराशि ट्रांसफर नहीं कर पा रहा है। बैंक खाते खोलने से पहले कई नियम गिना दे रहे हैं। इससे शिक्षा विभाग के अधिकारी काफी परेशान हैं।
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी एवं अशासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें दी जाती थीं। बाद में किताबों के स्थान पर सीधे बच्चों के खाते में डीबीटी के जरिये यह धनराशि भेजी जाने लगी। बीते वर्ष मार्च महीने में कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद हो गए थे। इस कारण बच्चों को नया सत्र शुरू होने पर किताबों का पैसा नहीं मिल पाया। अब कक्षा छह से लेकर 12वीं तक के स्कूल खुल भी गए मगर कक्षा पांच तक के स्कूल तो अभी अब भी बंद हैं। इधर, चालू शिक्षा सत्र की किताबों का पैसा पंजीकृत बच्चों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर करने के लिए जनवरी महीने में शिक्षा विभाग ने सभी ब्लाकों को धनराशि आवंटित भी कर दी, मगर शत प्रतिशत बच्चों को इस लाभ नहीं मिल सका है।
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कुमाऊं मंडल के 2,74,498 बच्चों को किताबों की धनराशि देने के लिए आठ करोड़ 47 लाख 20 हजार 250 रुपये का बजट दिया गया था, मगर किताबों का पैसा 2,46,980 बच्चों को ही दी जा सकी है बाकी बच्चों के बैंक खाते न खुले होने के कारण किताबों का पैसा नहीं मिल पाया है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या यूएस नगर के बच्चों की है। यहां 18062 बच्चों को धनराशि नहीं मिल पाई है, जबकि दूसरे नंबर पर 5844 बच्चे नैनीताल जिले के हैं। शिक्षा विभाग की चिंता यह है कि शिक्षा सत्र समाप्त होने को है, ऐसे में वंचित बच्चों को योजना का लाभ कैसे मिल पाएगा। इधर, समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बैंकों में बच्चों के खाते खोलने में आ रही समस्या को दूर कराने के संबंध में जिलाधिकारियों को हस्तक्षेप करने के लिए पत्र भेजा है।
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कुमाऊं मंडल के अपर शिक्षा निदेशक आरएल आर्य का कहना है कि जिन बच्चों के बैंकों में खाते नहीं हैं, उन्हें किताबों की धनराशि ट्रांसफर करने में दिक्कत आ रही है। जिलों से यह भी जानकारी आई है कि बैंकों की ओर से नया खाता खोलने में आधार कार्ड से लेकर तमाम दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। मजदूरी करने वाले या फिर जिनके पास राशन कार्ड से लेकर पैन कार्ड नहीं हैं उनके खाते बैंक नहीं खोल रहे हैं। इस बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है।
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