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सीट बचाने का दिखा सुकून तो कांग्रेस की करारी हार पर दिखी टीस
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी।
Updated Wed, 26 Apr 2017 01:46 AM IST
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विधायक बोलीं
- फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। पारदर्शी लोकतंत्र को मजबूत करने की अमर उजाला की पहल के तहत जनप्रतिनिधि से संवाद कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में मंगलवार को हल्द्वानी की विधायक डॉ. इंदिरा हृदयेश अपनी विधानसभा के चुनिंदा लोगों से अमर उजाला कार्यालय से रूबरू हुईं। बातचीत के दौरान अपनी सीट बचा ले जाने का सुकून नेता प्रतिपक्ष डॉ. हृदयेश में दिखाई दिया तो उससे कहीं अधिक गहरी टीस कांग्रेस की करारी हार पर दिखी। बेबाक होना उनकी शख्सियत में शामिल रहा है। उनकी इसी बेबाकी को उनके नजदीकी लोग कई बार अक्खड़ होने तक ले जाते रहे हैं।
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अब दौर बदला है तो इंदिरा हृदयेश ने खुद को भी थोड़ा बदल लिया है। अब उन्होंने इसमें सरकार और प्रशासनिक तंत्र के बारे में साफगोई और जोड़ ली है। सरकारों और प्रशासन की विफलताओं को स्वीकारने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। एक सवाल के जवाब में कुछ तल्खी से उन्होंने कहा ‘बुरा मानने वाली बात नहीं है लेकिन विकास के मामले में अब देखती हूं कि हल्द्वानी को कोई दूसरी इंदिरा हृदयेश मिलती है या नहीं।’
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मामला जब पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि का आया तो रिस्पांस था कि हां हम कर नहीं पाए। सदन में पारदर्शिता की बात आई तो इंदिरा का कहना था कि सदन में बहस और विचार की कोई गुंजाइश रह ही नहीं गई है। हल्द्वानी के सुलझे-समझदार और अनुभवी नागरिकों के सवालों पर लंबे अनुभव वाली विधायक और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के जवाबों की एक झलक..सवाल पूछने वालों ने कई सवाल पूछे और उन्होंने सभी का जवाब भी दिया।
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