फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Micro, Mini Haidil industry status

माइक्रो, मिनी हाइडिल को उद्योग का दर्जा

Thu, 30 Apr 2015 02:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी Updated Thu, 30 Apr 2015 02:15 AM IST
विज्ञापन

ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म और अति सूक्ष्म जल विद्युत नीति घोषित की है। इसके तहत दो किलोवाट तक की सूक्ष्म और अति सूक्ष्म जल विद्युत परियोजनाएं ग्राम पंचायतों को आवंटित की जाएंगी। पंचायतीराज व्यवस्था के तहत इन परियोजनाओं पर पूर्ण नियंत्रण ग्राम पंचायतों का होगा।

विज्ञापन


सूक्ष्म और अति सूक्ष्म बिजली परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की खरीद पावर कारपोरेशन करेगा। सरकार ने इसे माइक्रो, मिनी हाइडिल परियोजना नाम दिया है। इसे पूरी तरह उद्योग का दर्जा दिया जाएगा और औद्योगिक नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ भी ग्राम पंचायतों को मिलेगा।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार की नई नीति के तहत सूक्ष्म और अति सूक्ष्म बिजली परियोजनाओं के आवंटन में पहली वरीयता उस ग्राम पंचायत को दी जाएगी, जिसकी सीमा में वह परियोजना बन रही है। इस योजना के तहत भारत सरकार 100 किलोवाट की परियोजना 1.25 लाख प्रति किलोवाट के  हिसाब से 1.25 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता या योजना के लागत का 90 प्रतिशत अनुदान मुहैया कराएगी। 100 किलोवाट से ज्यादा और दो मेगावाट तक की परियोजनाओं के लिए 7.50 करोड़ प्रति मेगावाट केंद्रीय सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो मई को देहरादून में होगी पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशाला
हल्द्वानी। सूक्ष्म और अति सूक्ष्म बिजली परियोजनाएं ग्राम पंचायतों को आवंटित करने और इस संबंध में बनी नई बिजली नीति को लेकर दो मई को सहारनपुर रोड पर आईएसबीटी के नजदीक इंजीनियरिंग संस्थान में राज्य के पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशाला आयोजित की गई है। उप मुख्य परियोजना अधिकारी (उरेडा) एलडी शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हो रही इस कार्यशाला में राज्य के जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य भाग लेंगे। उन्हें योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

इन परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली उत्तराखंड पावर कारपोरेशन को अपने ग्रिड के लिए ग्राम पंचायतों से खरीदनी होगी। इसके लिए भी नई नीति घोषित कर दी गई है। सरकारी जमीन पर अगर कोई परियोजना बनाई जा रही हो तो एक रुपए प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से टोकन मनी देकर 40 साल के लिए लीज पर ली जाएगी। परियोजना निर्मित करने के लिए लैंड ट्रांसफर कराने में किसी तरह की कोर्ट फीस नहीं देनी होगी।
- एलडी शर्मा, उप मुख्य परियोजना अधिकारी, अक्षय ऊर्जा अभिकरण (उरेडा) उत्तराखंड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed