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सूर्य के सामने से गुजरा बुध
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Tue, 10 May 2016 12:49 AM IST
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सूर्य के सामने से गुजरा बुध
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार शाम लोगों ने एक दुर्लभ खगोलीय घटना के तहत बुध ग्रह को सूर्य के सामने से गुजरते देखा। इस दौरान बुध ग्रह एक काले धब्बे की तरह दिखाई दे रहा था। इस परिघटना में शाम 4.41 बजे से बुध ग्रह सूर्य के व्यास के सामने आया और एक सिरे से दूसरे सिरे तक गया। ऐरीज के वैज्ञानिकों ने इस नजारे को कैमरे में कैद किया। यह स्थिति लगभग 2 घंटे 45 मिनट तक रही।
आर्यभट्ट प्रेक्षण एवं शोध संस्थान ऐरीज के वैज्ञानिक डा. बृजेश कुमार ने बताया कि यह घटना तब सामने आती है, जब सूर्य, बुध और पृथ्वी अपने अपने अक्ष पर एक सीधी लकीर में आ जाते हैं। बुध का आकार सूर्य की तुलना में बेहद छोटा है, इसलिए यह महज एक बिंदू की तरह दिखाई देता है।
सोमवार की शाम करीब पौने पांच बजे बुध ग्रह सूर्य के करीब से होकर गुजरा तो पहले सूर्य में एक छोटी सी बिंदी नजर आई और उसके बाद जैसे-जैसे बुध आगे सरकता रहा वैसे-वैसे हल्की लकीर खिंचती दिखी। अंतरिक्ष विज्ञानियों के मुताबिक इससे पहले आठ नवंबर 2006 को यह घटना रात को हुई थी, जिसे देखा नहीं जा सका था। उन्होंने बताया कि वर्ष 1631 में पहली बार बुध के सूर्य के सामने से होकर निकलने का पता लगा था।
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उन्होंने बताया कि अगली बार यह घटना 11 नवंबर 2019 में होगी, लेकिन तब इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। क्योंकि जब यह घटना होगी, तब तक देश के सभी हिस्सों में सूर्यास्त हो चुका होगा। इसके बाद भारत में यह नजारा 13 नवंबर 2032 में देखने को मिलेगा। डा. ब्रजेश कुमार ने बताया कि बुध और सूर्य की इस स्थिति को देखने को लेकर अंतरिक्ष विज्ञानियों में खासा उत्साह था। अंतरिक्ष विज्ञानी अब यह जानने की कोशिश करेंगे कि सौरमंडल में मौजूद ग्रह किस तरह से अपना स्थान बदलते हैं। एरीज में इसके लिए अलग से टेलीस्कोप लगाए गए थे।
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आर्यभट्ट प्रेक्षण एवं शोध संस्थान ऐरीज के वैज्ञानिक डा. बृजेश कुमार ने बताया कि यह घटना तब सामने आती है, जब सूर्य, बुध और पृथ्वी अपने अपने अक्ष पर एक सीधी लकीर में आ जाते हैं। बुध का आकार सूर्य की तुलना में बेहद छोटा है, इसलिए यह महज एक बिंदू की तरह दिखाई देता है।
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सोमवार की शाम करीब पौने पांच बजे बुध ग्रह सूर्य के करीब से होकर गुजरा तो पहले सूर्य में एक छोटी सी बिंदी नजर आई और उसके बाद जैसे-जैसे बुध आगे सरकता रहा वैसे-वैसे हल्की लकीर खिंचती दिखी। अंतरिक्ष विज्ञानियों के मुताबिक इससे पहले आठ नवंबर 2006 को यह घटना रात को हुई थी, जिसे देखा नहीं जा सका था। उन्होंने बताया कि वर्ष 1631 में पहली बार बुध के सूर्य के सामने से होकर निकलने का पता लगा था।
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उन्होंने बताया कि अगली बार यह घटना 11 नवंबर 2019 में होगी, लेकिन तब इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। क्योंकि जब यह घटना होगी, तब तक देश के सभी हिस्सों में सूर्यास्त हो चुका होगा। इसके बाद भारत में यह नजारा 13 नवंबर 2032 में देखने को मिलेगा। डा. ब्रजेश कुमार ने बताया कि बुध और सूर्य की इस स्थिति को देखने को लेकर अंतरिक्ष विज्ञानियों में खासा उत्साह था। अंतरिक्ष विज्ञानी अब यह जानने की कोशिश करेंगे कि सौरमंडल में मौजूद ग्रह किस तरह से अपना स्थान बदलते हैं। एरीज में इसके लिए अलग से टेलीस्कोप लगाए गए थे।