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मेडिकल कालेज को प्लाज्मा थैरेपी के लिए मिला लाइसेंस
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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी को प्लाज्मा थैरेपी देने के लिए लाइसेंस मिल गया है। औषधि निरीक्षक ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले सुशीला तिवारी अस्पताल के ब्लड बैंक का निरीक्षण कर संतोष जताया।
बता दें कि कोविड 19 से पीड़ित एक पुलिस उपनिरीक्षक और एक अन्य मरीज को प्लाज्मा थैरेपी दी गई थी। प्लाज्मा थैरेपी के बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ था। हालांकि मेडिकल कॉलेज को उस समय प्लाज्मा थैरेपी के लिए लाइसेंस नहीं मिला था। प्लाज्मा थैरेपी शुरू करने के लिए कई आपत्तियां लगाई गई थीं और ब्लड बैंक को उसे दूर कर रिपोर्ट भेजनी थी। दो दिन पहले ही ब्लड बैंक की ओर से औषधि निरीक्षक को रिपोर्ट भेजी गई। इसके बाद शुक्रवार को औषधि निरीक्षक ने निरीक्षण कर संतोष जताया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. सलोनी उपाध्याय ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिए लाइसेंस मिल गया। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि प्लाज्मा दान करने के इच्छुक 98 की लिस्ट मेडिसिन विभाग को भेजी है। विभाग के लोग उनसे संपर्क कर बुलाएंगे और प्लाज्मा की जांच करने के बाद कोविड 19 के जरूरतमंद गंभीर मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी दी जाएगी।
अब वॉकी टॉकी से लैस होंगे एसटीएच के सुरक्षा कर्मी
हल्द्वानी। एसटीएच में मरीजों के लगातार भागने की घटना के बाद अब गार्डों को वॉकी टॉकी दिया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी लगने का काम भी दो दिन के भीतर शुरू हो जाएगा। बता दें कि मरीजों को मिल रहे खराब खाने और बदहाल शौचालय समेत अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। मंडलायुक्त और एसटीएच के नोडल अधिकारी एवं केएमवीएन के एमडी ने इसे गंभीरता से लिया था। जी वार्ड में एक बार में 60 मरीजों को रखा जा सकता है। अभी यह वार्ड खाली पड़ा था। इसमें शौचालय को दुरुस्त कर दिया है। साथ ही शौचालय के नए दरवाजे लग गए हैं। फर्श भी नई बन गई है। इसके अलावा आईसीयू में 50 नए बेड आए हैं, जबकि सौ बेडों के रंगरोगन के अलावा मरम्मत संबंधी अन्य काम कराया गया है। अब कोविड 19 के मरीजों को जी वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। कोविड वार्ड खाली होने पर उसको सैनिटाइज कर डिसइंफेक्ट किया जाएगा। इसके बाद वहां शौचालय और फर्श को ठीक करने का काम शुरू होगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि सीसीटीवी लगने का काम दो दिन में शुरू हो जाएगा। बताया कि 15 वॉकी टॉकी खरीदे जा रहे हैं, जो सभी गार्डों को दिए जाएंगे। किसी मरीज के भागने या सुरक्षा संबंधी कोई भी परेशानी होने पर तत्काल सूचना एक-दूसरे को मिल जाएगी।
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बता दें कि कोविड 19 से पीड़ित एक पुलिस उपनिरीक्षक और एक अन्य मरीज को प्लाज्मा थैरेपी दी गई थी। प्लाज्मा थैरेपी के बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ था। हालांकि मेडिकल कॉलेज को उस समय प्लाज्मा थैरेपी के लिए लाइसेंस नहीं मिला था। प्लाज्मा थैरेपी शुरू करने के लिए कई आपत्तियां लगाई गई थीं और ब्लड बैंक को उसे दूर कर रिपोर्ट भेजनी थी। दो दिन पहले ही ब्लड बैंक की ओर से औषधि निरीक्षक को रिपोर्ट भेजी गई। इसके बाद शुक्रवार को औषधि निरीक्षक ने निरीक्षण कर संतोष जताया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. सलोनी उपाध्याय ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के लिए लाइसेंस मिल गया। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि प्लाज्मा दान करने के इच्छुक 98 की लिस्ट मेडिसिन विभाग को भेजी है। विभाग के लोग उनसे संपर्क कर बुलाएंगे और प्लाज्मा की जांच करने के बाद कोविड 19 के जरूरतमंद गंभीर मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी दी जाएगी।
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अब वॉकी टॉकी से लैस होंगे एसटीएच के सुरक्षा कर्मी
हल्द्वानी। एसटीएच में मरीजों के लगातार भागने की घटना के बाद अब गार्डों को वॉकी टॉकी दिया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी लगने का काम भी दो दिन के भीतर शुरू हो जाएगा। बता दें कि मरीजों को मिल रहे खराब खाने और बदहाल शौचालय समेत अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। मंडलायुक्त और एसटीएच के नोडल अधिकारी एवं केएमवीएन के एमडी ने इसे गंभीरता से लिया था। जी वार्ड में एक बार में 60 मरीजों को रखा जा सकता है। अभी यह वार्ड खाली पड़ा था। इसमें शौचालय को दुरुस्त कर दिया है। साथ ही शौचालय के नए दरवाजे लग गए हैं। फर्श भी नई बन गई है। इसके अलावा आईसीयू में 50 नए बेड आए हैं, जबकि सौ बेडों के रंगरोगन के अलावा मरम्मत संबंधी अन्य काम कराया गया है। अब कोविड 19 के मरीजों को जी वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। कोविड वार्ड खाली होने पर उसको सैनिटाइज कर डिसइंफेक्ट किया जाएगा। इसके बाद वहां शौचालय और फर्श को ठीक करने का काम शुरू होगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि सीसीटीवी लगने का काम दो दिन में शुरू हो जाएगा। बताया कि 15 वॉकी टॉकी खरीदे जा रहे हैं, जो सभी गार्डों को दिए जाएंगे। किसी मरीज के भागने या सुरक्षा संबंधी कोई भी परेशानी होने पर तत्काल सूचना एक-दूसरे को मिल जाएगी।
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