{"_id":"57f01db54f1c1b9a1157447d","slug":"man-eating-tigress-reached-gorakhpur-the-villagers-panic","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदमखोर बाघिन पहुंची गोरखपुर, ग्रामीणों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदमखोर बाघिन पहुंची गोरखपुर, ग्रामीणों में दहशत
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर
Updated Sun, 02 Oct 2016 02:03 AM IST
विज्ञापन
tiger
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीण क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बनी आदमखोर बाघिन अब तल्ला कानिया से गोरखपुर पहुंच गई। यहां ग्रामीणों मेेेे दहशत बढ़ गई है। बाघिन को मारने के लिए वन विभागने भी कमर कस ली है।
गोरखपुर मं बाघिन के फिर देखे जाने की सूचना के बाद वनाधिकारियों ने एक खेत की नाकेबंदी कर बाघिन को भागने से रोकने के लिये खेत के चारों ओर जाल लगा दिया है। मौके पर भारी भीड़ के चलते बाघिन बाहर नहीं आ रही है।
बाघिन को मारने में आ रही दिक्कतों के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों को खेत के पास से दूर किया जा रहा है।
बता दें कि आदमखोर बाघिन ने क्षेत्र में करीब एक माह से आतंक मचा रखा है। शुक्रवार को बाघिन को वनकर्मियों ने एक खेत में घेरकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी लेकिन बाघिन गच्चा देकर भाग निकली थी।
विज्ञापन
शनिवार की सुबह स्कूली बच्चों ने बाघिन को गोरखपुर में दीपक डंगलवाल के गन्ने के खेत में जाते हुए देखा। यह देख डरे सहमे बच्चों ने सूचना परिजनों व ग्रामीणों को दी। दीपक डंगवाल ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी।
वन कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए क्षेत्र में बाघिन की खोजबीन की तो उसके ताजे पदचिह्न मिले लेकिन बाघिन का कोई पता नहीं चल पाया। विभाग ने आबादी क्षेत्र को जाल लगाकर घेर लिया है ताकि बाघिन आबादी में न जा पाए।
पार्क निदेशक सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि बाघिन की लोकेशन मिल गई है। अब उसको ढूंढा जा रहा है। संभावित क्षेेत्रों में पिंजरेेेे, भैंसे के साथ ही नालो में भी कैमरा ट्रेप लगाने के साथ ही रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है।
बाघिन के मिलते ही उसको मार दिया जाएगा। इस दौरान उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ कहकशां नसीम, एसडीओ कलम सिंह बिष्ट, रमाकांत तिवारी आदि थे।
विज्ञापन
गोरखपुर मं बाघिन के फिर देखे जाने की सूचना के बाद वनाधिकारियों ने एक खेत की नाकेबंदी कर बाघिन को भागने से रोकने के लिये खेत के चारों ओर जाल लगा दिया है। मौके पर भारी भीड़ के चलते बाघिन बाहर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
बाघिन को मारने में आ रही दिक्कतों के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों को खेत के पास से दूर किया जा रहा है।
बता दें कि आदमखोर बाघिन ने क्षेत्र में करीब एक माह से आतंक मचा रखा है। शुक्रवार को बाघिन को वनकर्मियों ने एक खेत में घेरकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी लेकिन बाघिन गच्चा देकर भाग निकली थी।
विज्ञापन
शनिवार की सुबह स्कूली बच्चों ने बाघिन को गोरखपुर में दीपक डंगलवाल के गन्ने के खेत में जाते हुए देखा। यह देख डरे सहमे बच्चों ने सूचना परिजनों व ग्रामीणों को दी। दीपक डंगवाल ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी।
वन कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए क्षेत्र में बाघिन की खोजबीन की तो उसके ताजे पदचिह्न मिले लेकिन बाघिन का कोई पता नहीं चल पाया। विभाग ने आबादी क्षेत्र को जाल लगाकर घेर लिया है ताकि बाघिन आबादी में न जा पाए।
पार्क निदेशक सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि बाघिन की लोकेशन मिल गई है। अब उसको ढूंढा जा रहा है। संभावित क्षेेत्रों में पिंजरेेेे, भैंसे के साथ ही नालो में भी कैमरा ट्रेप लगाने के साथ ही रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है।
बाघिन के मिलते ही उसको मार दिया जाएगा। इस दौरान उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ कहकशां नसीम, एसडीओ कलम सिंह बिष्ट, रमाकांत तिवारी आदि थे।