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नारी चेतना की प्रतीक हैं महादेवी वर्मा : शुक्ला
Fri, 12 Sep 2025 02:51 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:51 AM IST
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मुक्तेश्वर (नैनीताल)। कवयित्री महादेवी वर्मा के 38वें स्मृति-दिवस पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के महादेवी वर्मा सृजन पीठ की ओर से राजकीय महाविद्यालय रामगढ़ में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अनुवादक विपिन शुक्ला ने कहा कि महादेवी वर्मा का हिंदी साहित्य जगत में विशिष्ट स्थान है। वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. माया शुक्ला ने कहा कि हिंदी साहित्य के लिए महादेवी वर्मा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। प्राध्यापक डाॅ. संध्या गड़कोटी ने कहा कि महादेवी आधुनिक हिंदी साहित्य जगत में पहली नारीवादी लेखिका कही जा सकती हैं। महादेवी वर्मा सृजन पीठ के समन्वयक मोहन सिंह रावत ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार साहित्य, कला, संगीत आदि सृजनात्मक क्षेत्रों से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। प्राचार्य डाॅ. नगेंद्र द्विवेदी ने सृजन पीठ के कार्यक्रम की सराहना की। संचालन डाॅ. हरीश चंद्र जोशी और डॉ. निर्मला रावत ने किया। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य ललित आर्य, कविंद्र प्रसाद, कुंदन गोस्वामी, बहादुर सिंह कुंवर, ललित नेगी आदि मौजूद रहे। संवाद
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अनुवादक विपिन शुक्ला ने कहा कि महादेवी वर्मा का हिंदी साहित्य जगत में विशिष्ट स्थान है। वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. माया शुक्ला ने कहा कि हिंदी साहित्य के लिए महादेवी वर्मा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। प्राध्यापक डाॅ. संध्या गड़कोटी ने कहा कि महादेवी आधुनिक हिंदी साहित्य जगत में पहली नारीवादी लेखिका कही जा सकती हैं। महादेवी वर्मा सृजन पीठ के समन्वयक मोहन सिंह रावत ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार साहित्य, कला, संगीत आदि सृजनात्मक क्षेत्रों से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। प्राचार्य डाॅ. नगेंद्र द्विवेदी ने सृजन पीठ के कार्यक्रम की सराहना की। संचालन डाॅ. हरीश चंद्र जोशी और डॉ. निर्मला रावत ने किया। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य ललित आर्य, कविंद्र प्रसाद, कुंदन गोस्वामी, बहादुर सिंह कुंवर, ललित नेगी आदि मौजूद रहे। संवाद
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