Election 2024: दो दशक में दोगुना बढ़े वोटर, 2004 में नैनीताल जिले में 4,82,870 मतदाता थे; जानें 2024 के आंकड़े
पिछले दो दशक में नैनीताल जिले में मतदाताओं की संख्या दोगुने से अधिक होने के साथ विधानसभा सीटों की संख्या में फेरबदल हुआ है। खबर में जानें संख्या
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पिछले दो दशक में नैनीताल जिले में मतदाताओं की संख्या दोगुने से अधिक होने के साथ विधानसभा सीटों की संख्या में फेरबदल हुआ है। वर्ष 2004 में अस्तित्व में रही मुक्तेश्वर और धारी विधानसभा सीट खत्म करने के बाद भीमताल, कालाढूंगी और लालकुआं नए विधानसभा क्षेत्र तैयार हुए और कुल विधानसभा सीटों की संख्या पांच से बढ़कर छह हो गई।
निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष-2004 में नैनीताल जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 4,82,870 थी, जो अब बढ़कर 805463 हो गई है। वर्ष-2004 में हल्द्वानी विधानसभा सीट में सर्वाधिक 1,32,814 मतदाता थे। अब कालाढूंगी विधानसभा में सर्वाधिक मतदाता हैं। कालाढूंगी सीट में मतदाताओं की संख्या 1,83,558 हो गई है। इस बार के आंकड़ों में सर्वाधिक मतदाताओं के मामले में हल्द्वानी दूसरे स्थान पर है। यहां 132814 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
विधानसभा सीटों का हाल:
वर्ष-2004 में जिले में मुक्तेश्वर, धारी, हल्द्वानी, नैनीताल और रामनगर विधानसभा सीट थी। बाद में विधानसभा क्षेत्रों के नाम लालकुआं, भीमताल, नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी और रामनगर हो गए। दो दशक पहले मौजूद रही मुक्तेश्वर और धारी सीट खत्म होने के बाद इनका कुछ हिस्सा नैनीताल विधानसभा में तो कुछ भीमताल, कालाढूंगी व लालकुआं में शामिल कर दिया गया।
स्ट्रांग रूम में मोबाइल व इलेक्ट्रानिक सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध
लोकसभा चुनाव को लेकर एमबीपीजी कालेज में बनाए गए ईवीएम कमीशनिंग स्ट्रांग रूम का मंगलवार को सामान्य ऑब्जर्वर गगनदीप सिंह बरार व राज्य के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप सिंह शाह ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। स्ट्रांग रूम में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। निरीक्षण के दौरान सामान्य ऑब्जर्वर बरार ने स्ट्रांगरूम के प्रवेश द्वार पर तैनात आईटीबीपी जवानों को निर्देश दिए कि वह स्ट्रांग रूम में आने-जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों का ब्योरा अनिवार्य रूप से रजिस्टर में अंकित करें। कहा कि स्ट्रांग रूम में मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री ले जाना प्रतिबंधित है।
20 साल में बढ़ गए 3356 सर्विस वोटर
आम मतदाताओं की संख्या में बढ़त होने के साथ-साथ जिले में पिछले 20 साल में सर्विस वोटरों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्ष 2004 में जिले में कुल 1988 सर्विस वोटर थे जबकि इस बार के चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 5344 पहुंच गया है।
थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी
पिछले विधानसभा चुनाव में नैनीताल जिले के किसी भी ब्लॉक में थर्ड जेंडर वोटर नहीं था लेकिन इस बार जिले में थर्ड जेंडर वोटर मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिले में हल्द्वानी, कालाढूंगी और रामनगर को छोड़कर किसी भी विधानसभा क्षेत्र में थर्ड जेंडर वोटर नहीं हैं। कुल 14 थर्ड जेंडर मतदाताओं में हल्द्वानी में सात, कालाढूंगी में छह और रामनगर में एक मतदाता शामिल हैं।
नैनीताल जिले में 85 वर्ष से अधिक आयु के 408 और 185 दिव्यांग मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से घर से वोट किया। जिले में दो दिनों में 1277 लोग वोटिंग कर चुके हैं।
नोडल अधिकारी मीडिया/नगर आयुक्त विशाल मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को विधानसभा रामनगर में 58, लालकुआं में 72, हल्द्वानी में 50, कालाढूंगी में 113, भीमताल में 90 और नैनीताल में 25 बुजुर्ग मतदाताओेंं ने पोस्टल बैलेट से वोट दिया। वहीं, विधानसभा रामनगर में 55, लालकुआं में 32, हल्द्वानी में 20, कालाढूंगी में 10, भीमताल में 48, और नैनीताल में 20 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से पोस्टल बैलेट से वोट दिया। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप साह ने नरीमन चौराहे के पास श्याम नारंग, प्रकाश नारंग और सुभाष नगर में त्रिलोचन सिंह के आवास पर पोस्टल बैलेट के माध्यम से हुई प्रक्रिया को देखा।