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कुमाऊं की लाइफ लाइन नैनीताल-हल्द्वानी एनएच बंद
अमर उजाला ब्यूरो ज्योलीकोट (नैनीताल)।
Updated Thu, 18 Aug 2016 01:59 AM IST
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एनएच जाम
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बुधवार तड़के दो-गांव के पास भारी भूस्खलन होने से नैनीताल-हल्द्वानी एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। सुबह पांच बजे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। बाद में पहाड़ से आने-जाने वाले वाहनों को वाया भीमताल भेजा गया। वहीं, सड़क के बंद होने के कारण क्षेत्र में दूध और समाचार पत्रों की सप्लाई नहीं हो सकी। सड़क पर गिरी चट्टानों को तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है। एनएच के बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात करीब आठ बजे तक मलबा हटाने का कार्य जारी था और मार्ग नहीं खुल सका था।
बुधवार तड़के करीब तीन बजे दो गांव के पास भेड़िया पखान क्षेत्र में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर एनएच पर आ गया। मलबे में भारी मात्रा में चट्टान, बोल्डर आने से सड़क का काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क बंद होने के कारण रात में चलने वाले लंबी दूरी के यात्री वाहन, ट्रक, समाचार पत्रों के वाहन और दूध की गाड़ियां एनएच में फंस गई। बुधवार सुबह जानकारी होने पर लोनिवि के अधिकारियों ने सड़क खोलने के लिए दो जेसीबी के अलावा एक पोकलैंड मशीन को मौके पर भेजा।
दिन भर की कड़ी मशक्कत के बावजूद सड़क पर गिरी चट्टानों, बोल्डरों को नहीं हटाया जा सका। शाम को चट्टानों को तोड़ने के लिए विस्फोटक की मदद ली गई। रात करीब आठ बजे तक एनएच में यातायात सुचारु नहीं हो सका था। सड़क के बंद होने के कारण हल्द्वानी से वाया ज्योलीकोट व भवाली होकर पहाड़ को आने-जाने वाले छोटे-बड़े वाहनों को भीमताल-रानीबाग रोड से भेजा गया।
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ब्रिटिशकालीन मार्ग बन सकता है एनएच का विकल्प
ज्योलीकोट (नैनीताल)। ब्रिटिशकालीन रानीबाग-वीरभट्टी घोड़िया सड़क के नाम से प्रसिद्ध और वर्तमान में ज्योलीकोट-ज्योली-रानीबाग मार्ग आपातकालीन परिस्थिति में एनएच का बेहतर विकल्प बन सकता है। आठ किमी लंबे उक्त मार्ग में ज्योली और रानीबाग के बीच मात्र डेढ़ किमी मार्ग और एक पुलिया का निर्माण होना है।
ग्राम प्रधान शेखर भट्ट ने बताया कि उक्त मार्ग के निर्माण के लिए क्षेत्र के लोग बीते 10 साल से मांग कर रहे हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इसे आज तक तवज्जो नहीं दी। बता दें कि एनएच में ज्योलीकोट से रानीबाग तक दर्जन भर ऐसे स्थान हैं, जो भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं और इनमें समय-समय पर भूस्खलन होते रहता है। ऐसे में यदि रानीबाग-वीरभट्टी घोड़िया मार्ग को सड़क का रूप दे दिया जाए तो यह बरसात में एनएच का बेहतर विकल्प बन सकती है।
दफ्तर नहीं पहुंच सके सरकारी कर्मचारी
ज्योलीकोट (नैनीताल)। राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने के कारण अधिकतर कर्मचारी बुधवार को दफ्तर नहीं जा सके। बता दें कि नैनीताल और भीमताल में स्थित सरकारी दफ्तरों में कार्यरत कई कर्मचारी ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं और रोजाना घर से ही अप-डाउन करते हैं। बुधवार को दो गांव के पास सड़क बंद होने के कारण अधिकांश कर्मचारी दफ्तर नहीं जा सके।
इनसेट
एनएच को खोलने के लिए कब क्या किया गया
- तड़के 3 बजे दो-गांव के पास पहाड़ी के दरकने से बंद हुआ एनएच।
- सुबह 5 बजे तक एनएच में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी।
- सुबह 5:30 बजे एक जेसीबी मौके पर पहुंची।
- सुबह 6 बजे से मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ।
- सुबह 10:30 बजे दूसरी जेसीबी मौके पर पहुंची।
- पूर्वाह्न 11 बजे डीएम दीपक रावत क्षतिग्रस्त सड़क के निरीक्षण को पहुंचे।
- दोपहर 1:30 बजे पोकलैंड मशीन मौके पर पहुंची।
- शाम 5:30 बजे चट्टान तोड़ने के लिए विस्फोटक की मदद ली गई।
- शाम 6:30 बजे तक विस्फोटकों की मदद के बाद भी नहीं टूटी थी चट्टानें।
ज्योलीकोट में बरसात से कई जगह नुकसान
ज्योलीकोट (नैनीताल)। बीती देर रात हुई मूसलाधार बरसात के चलते ज्योली-भल्युटी मोटर मार्ग और नलेना-चोपड़ा मोटर मार्ग मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। वहीं, कौसानी की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। चोपड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय की सुरक्षा दीवार भी बरसात से क्षतिग्रस्त हो गई। ढाकाखेत में भवान सिंह सिजवाली के मकान में दरारें आ गई, जिससे मकान को खतरा पैदा हो गया है। नलेना-चोपड़ा मोटरमार्ग की सुरक्षा दीवार गिरने से भूपाल राठौर आवासीय परिसर में मलवा आ गया। इससे मकान को खतरा बना हुआ है। बेलुवाखान में गोपाल राम के आवास को भी खतरा बना हुआ है।
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बुधवार तड़के करीब तीन बजे दो गांव के पास भेड़िया पखान क्षेत्र में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर एनएच पर आ गया। मलबे में भारी मात्रा में चट्टान, बोल्डर आने से सड़क का काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क बंद होने के कारण रात में चलने वाले लंबी दूरी के यात्री वाहन, ट्रक, समाचार पत्रों के वाहन और दूध की गाड़ियां एनएच में फंस गई। बुधवार सुबह जानकारी होने पर लोनिवि के अधिकारियों ने सड़क खोलने के लिए दो जेसीबी के अलावा एक पोकलैंड मशीन को मौके पर भेजा।
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दिन भर की कड़ी मशक्कत के बावजूद सड़क पर गिरी चट्टानों, बोल्डरों को नहीं हटाया जा सका। शाम को चट्टानों को तोड़ने के लिए विस्फोटक की मदद ली गई। रात करीब आठ बजे तक एनएच में यातायात सुचारु नहीं हो सका था। सड़क के बंद होने के कारण हल्द्वानी से वाया ज्योलीकोट व भवाली होकर पहाड़ को आने-जाने वाले छोटे-बड़े वाहनों को भीमताल-रानीबाग रोड से भेजा गया।
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ब्रिटिशकालीन मार्ग बन सकता है एनएच का विकल्प
ज्योलीकोट (नैनीताल)। ब्रिटिशकालीन रानीबाग-वीरभट्टी घोड़िया सड़क के नाम से प्रसिद्ध और वर्तमान में ज्योलीकोट-ज्योली-रानीबाग मार्ग आपातकालीन परिस्थिति में एनएच का बेहतर विकल्प बन सकता है। आठ किमी लंबे उक्त मार्ग में ज्योली और रानीबाग के बीच मात्र डेढ़ किमी मार्ग और एक पुलिया का निर्माण होना है।
ग्राम प्रधान शेखर भट्ट ने बताया कि उक्त मार्ग के निर्माण के लिए क्षेत्र के लोग बीते 10 साल से मांग कर रहे हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इसे आज तक तवज्जो नहीं दी। बता दें कि एनएच में ज्योलीकोट से रानीबाग तक दर्जन भर ऐसे स्थान हैं, जो भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं और इनमें समय-समय पर भूस्खलन होते रहता है। ऐसे में यदि रानीबाग-वीरभट्टी घोड़िया मार्ग को सड़क का रूप दे दिया जाए तो यह बरसात में एनएच का बेहतर विकल्प बन सकती है।
दफ्तर नहीं पहुंच सके सरकारी कर्मचारी
ज्योलीकोट (नैनीताल)। राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने के कारण अधिकतर कर्मचारी बुधवार को दफ्तर नहीं जा सके। बता दें कि नैनीताल और भीमताल में स्थित सरकारी दफ्तरों में कार्यरत कई कर्मचारी ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं और रोजाना घर से ही अप-डाउन करते हैं। बुधवार को दो गांव के पास सड़क बंद होने के कारण अधिकांश कर्मचारी दफ्तर नहीं जा सके।
इनसेट
एनएच को खोलने के लिए कब क्या किया गया
- तड़के 3 बजे दो-गांव के पास पहाड़ी के दरकने से बंद हुआ एनएच।
- सुबह 5 बजे तक एनएच में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी।
- सुबह 5:30 बजे एक जेसीबी मौके पर पहुंची।
- सुबह 6 बजे से मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ।
- सुबह 10:30 बजे दूसरी जेसीबी मौके पर पहुंची।
- पूर्वाह्न 11 बजे डीएम दीपक रावत क्षतिग्रस्त सड़क के निरीक्षण को पहुंचे।
- दोपहर 1:30 बजे पोकलैंड मशीन मौके पर पहुंची।
- शाम 5:30 बजे चट्टान तोड़ने के लिए विस्फोटक की मदद ली गई।
- शाम 6:30 बजे तक विस्फोटकों की मदद के बाद भी नहीं टूटी थी चट्टानें।
ज्योलीकोट में बरसात से कई जगह नुकसान
ज्योलीकोट (नैनीताल)। बीती देर रात हुई मूसलाधार बरसात के चलते ज्योली-भल्युटी मोटर मार्ग और नलेना-चोपड़ा मोटर मार्ग मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। वहीं, कौसानी की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। चोपड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय की सुरक्षा दीवार भी बरसात से क्षतिग्रस्त हो गई। ढाकाखेत में भवान सिंह सिजवाली के मकान में दरारें आ गई, जिससे मकान को खतरा पैदा हो गया है। नलेना-चोपड़ा मोटरमार्ग की सुरक्षा दीवार गिरने से भूपाल राठौर आवासीय परिसर में मलवा आ गया। इससे मकान को खतरा बना हुआ है। बेलुवाखान में गोपाल राम के आवास को भी खतरा बना हुआ है।