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Nainital News: भीमताल में नरभक्षी के आतंक से ‘सहम’ गई जिंदगी
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भीमताल में पिनरों के ग्रामीणों को हाथ में डंडा लेकर पानी खोलने जाना पड़ रहा है।
भीमताल ब्लॉक के गांवों में 16 दिन पहले जनजीवन सामान्य था। सात दिसंबर को मलुवाताल के तोक कसाइल में चारा काट रही इंदिरा देवी की वन्यजीव के हमले में पहली जान गई। नौ दिसंबर को नरभक्षी ने भीमताल के तोक पिनरों में फिर एक और महिला को मौत के घाट उतार दिया। तीन दिन में नरभक्षी के हमले में दो महिलाओं की मौत से भीमतालवासी खौफ के बीच रहने लगे। नरभक्षी के बढ़ते आतंक के बीच वन विभाग ने पिंजरे लगाने के साथ गश्त बढ़ाई थी कि फिर से एक और घटना ने सबको दहला दिया। इस बार अलचौना के ताड़ा में नरभक्षी ने एक युवती को अपना शिकार बनाकर अपनी दहशत से ग्रामीणों को घर में कैद कर दिया। तीन घटनाओं बाद भी विभाग यह नहीं बता पाया कि हमलावर वन्यजीव क्या है। विभाग की हीलाहवाली और लचर कार्यप्रणाली से हालात ऐसे हो गए हैं कि दिसंबर की कड़ाके की सर्दी में ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए डंडा उठा लिया है। बच्चों का स्कूल छूट गया है तो किसानों की खेती और पशुपालन। लाचार सिस्टम के चलते ग्रामीणों के सामने मूलभूत समस्याओं के साथ नरभक्षी से लड़ने की दोहरी चुनौती है।
16 दिन बाद भी नरभक्षी को नहीं पकड़ पाया विभाग। पिंजरे, ट्रैप कैमरे, सोलर लाइट भी नहीं दे रही साथ
भीमताल (नैनीताल)। नरभक्षी की तलाश में वन विभाग ने भीमताल के मलुवाताल, पिनरों और अलचौना के ताड़ा में सर्च अभियान भले ही तेज कर दिया हो पर सफलता नहीं मिल पा रही है। वन विभाग की ओर से अलचौना के ताड़ा में दो पिंजरे, 20 ट्रैप कैमरे, आठ सोलर लाइट लगाने के साथ 70 वनकर्मियों की टीम गश्त में जुटी हुई है लेकिन नरभक्षी इन इंतजामों को चकमा देकर आतंक का पर्याय बन हुआ है। इधर, वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को अलचौना के ताड़ा गांव में घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों सेअकेले घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की।
ग्रामीणों ने लगाया पिंजरा नहीं लगाने का आरोप
अलचौना के ताड़ा गांव के ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग की ओर से क्षेत्र में लाए गए पिंजरे को नहीं लगाया गया है। पांडेगांव के समाजसेवी नितेश बिष्ट ने बताया कि पिंजरे को सड़क किनारे रख दिया है। विभाग नरभक्षी को पकड़ने में ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी ने बताया कि जो पिंजरा सड़क किनारे रखा गया है उसे लगाया नहीं जाना है।
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खौफ में है दो हजार से अधिक परिवार
भीमताल के मलुवाताल, पिनरों और अलचौना के ताड़ा में नरमक्षी के हमले से दो महिलाओं और युवती की मौत के बाद से दो हजार से आधिक परिवार दहशत के बीच दिन काटने को मजबूर हैं। सुबह 10 बजे से पहले ग्रामीण अकेले घर से बाहर नहीं जा रहे हैं और शाम 4 बजते ही ग्रामीण अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। भीमताल के पिनरों गांव में नरभक्षी के खौफ के चलते ग्रामीणों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य यशपाल आर्य ने बताया कि नरभक्षी के भय से ग्रामीणों को हाथ में डंडा लेकर पानी खोलने जाना पड़ रहा है।
700 से अधिक बच्चों को शिक्षा प्रभावित
नरभक्षी के आतंक के चलते भीमताल और धारी ब्लॉक के गांवों में सरकारी स्कूलों के बंद होने से 700 से अधिक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ना पढ़ रहा है। साथ ही बोर्ड परीक्षार्थियों को पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भीमताल के मलुवाताल, पिनरों, अलचौना, ताड़ा, ओखलढूंगा और धारी के बबियाड़, दुदुली, खपाल, सरना क्षेत्र के प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और इंटर कॉलेज बंद हैं।
दुग्ध उत्पादकों को बांटा चारा
भीमताल के अलचौना, ताड़ा, पिनरों, मलुवाताल, जंगलियागांव क्षेत्र में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं की ओर से दुग्ध उत्पादकों को उनके मवेशियों के लिए 100 बैग भूसा और 25 क्विंटल हरा चारा सब्सिडी पर दिया गया। प्रधान राधा कुल्याल ने बताया कि जरूरत पड़ने पर और भूसा मंगाया जाएगा।
गोरखपुर, सौनगांव, बाईपास में दिखा तेंदुआ
भीमताल के गोरखपुर, सौनगांव और बाईपास में तेंदुए के दिखने से लोगों में भय है। बाईपास क्षेत्र में तेंदुए ने एक कुत्ते को निवाला बना दिया। वहीं शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सौनगांव में तेंदुए के दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। गोरखपुर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है।
27 तक नरभक्षी नहीं पकड़ने पर आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेसी नेता हरीश पनेरू ने शुक्रवार को ताड़ा में बाघ के हमले में जान गंवाने वाली युवती के परिजनों से मुलाकात की। पनेरू ने कहा कि 27 दिसंबर तक नरभक्षी को नहीं पकड़ा गया तो 28 दिसंबर से वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
विधायक राम सिंह कैड़ा ने कहा वन सचिव से मलुवाताल, पिनरों, अलचौना, जंगलियागांव में सोलर लाइट लगाने की मांग की है। डीएफओ से नरभक्षी को पकड़ने के लिए सर्च अभियान तेज करने को कहा है। नरभक्षी को जल्द ट्रैंक्यूलाइज कर लोगों को उसके आतंक से निजात दिलाने के निर्देश दिए हैं।
वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी ने कहा वन विभाग की टीम लगातार नरभक्षी की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। कॉर्बेट के बाघ विशेषज्ञ अपनी टीम के साथ ट्रैंक्यूलाइज करने की कोशश में जुट हैं। 70 से अधिक वन कर्मी 24 घंटे क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।
बुजुर्ग बोले-नरभक्षी का ऐसा खौफ जिंदगी में पहले नहीं देखा
डीएम और कमिश्नर के गांव नहीं पहुंचने से भी नाराजगी
भीमताल (नैनीताल)। हमने अब तक अलचौना गांव में तेंदुए और बाघ का ऐसा खौफ कभी नहीं देखा। एक ओर नरभक्षी का आतंक तो दूसरी ओर अलचौना से ताड़ा तक छह किमी मोटर मार्ग बदहाल होने से दुघर्टनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों में इस पर भी नाराजगी है की तीन मौत के बाद नैनीताल डीएम और कुमाऊं कमिश्नर भी हाल जानने गांव नहीं आए। बुजुर्ग कांति देवी का कहना है कि गांव में नरभक्षी की दहशत से सब परेशान हैं। गांव की बदहाल सड़क की प्रशासन और जनप्रतिनिधि सुध नहीं ले रहे हैं। बुजुर्ग रमेश चंद्र बेलवाल ने कहा कि नरभक्षी के खौफ से ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। विभाग को नरभक्षी को जल्द पकड़ना चाहिए। बुजुर्ग जय प्रकाश भट्ट ने कहा कि जिंदगी में पहली बार तेंदुए और बाघ का ऐसा आतंक नहीं देखा है। गांव की सड़क पर डामरीकरण नहीं होने से भी समस्या बनी हुई है। बुजुर्ग नंद किशोर शर्मा ने कहा कि वन विभाग को नरभक्षी को पकड़कर ग्रामीणों का भय दूर करना चाहिए। नरभक्षी के भय से खेतीबाड़ी, पशुपालन प्रभावित हो रहा है।
देर रात परिजनों से मिले डीएफओ
रक्षा राज्य मंत्री ने दी 20 सोलर लाइट
भीमताल (नैनीताल)। ग्राम पंचायत अलचौना के ताड़ा में शुक्रवार देर शाम डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने गश्त के दौरान मृतक निकिता शर्मा के पिता विपिन शर्मा से मुलाकात की। भाजपा नेता आनंदमणि भट्ट ने बताया कि डीएफओ ने युवती के पिता को बताया कि विभाग की टीम नरभक्षी को पकड़ने में लगी है। उन्होंने पीड़ित परिवार को विभाग की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज भट्ट के नेत्तृत्व में कार्यकर्ताओं ने वनकर्मियों के साथ क्षेत्र में देर शाम तक गश्त की। भट्ट ने बताया कि रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने मलुवाताल, पिनरो और अल्चौना क्षेत्र के लिए 20 सोलर लाइट दी गई हैं। मंत्री ने नरभक्षी को पकड़ने के निर्देश वन विभाग को दिए हैं।
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16 दिन बाद भी नरभक्षी को नहीं पकड़ पाया विभाग। पिंजरे, ट्रैप कैमरे, सोलर लाइट भी नहीं दे रही साथ
भीमताल (नैनीताल)। नरभक्षी की तलाश में वन विभाग ने भीमताल के मलुवाताल, पिनरों और अलचौना के ताड़ा में सर्च अभियान भले ही तेज कर दिया हो पर सफलता नहीं मिल पा रही है। वन विभाग की ओर से अलचौना के ताड़ा में दो पिंजरे, 20 ट्रैप कैमरे, आठ सोलर लाइट लगाने के साथ 70 वनकर्मियों की टीम गश्त में जुटी हुई है लेकिन नरभक्षी इन इंतजामों को चकमा देकर आतंक का पर्याय बन हुआ है। इधर, वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को अलचौना के ताड़ा गांव में घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों सेअकेले घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की।
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ग्रामीणों ने लगाया पिंजरा नहीं लगाने का आरोप
अलचौना के ताड़ा गांव के ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग की ओर से क्षेत्र में लाए गए पिंजरे को नहीं लगाया गया है। पांडेगांव के समाजसेवी नितेश बिष्ट ने बताया कि पिंजरे को सड़क किनारे रख दिया है। विभाग नरभक्षी को पकड़ने में ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी ने बताया कि जो पिंजरा सड़क किनारे रखा गया है उसे लगाया नहीं जाना है।
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खौफ में है दो हजार से अधिक परिवार
भीमताल के मलुवाताल, पिनरों और अलचौना के ताड़ा में नरमक्षी के हमले से दो महिलाओं और युवती की मौत के बाद से दो हजार से आधिक परिवार दहशत के बीच दिन काटने को मजबूर हैं। सुबह 10 बजे से पहले ग्रामीण अकेले घर से बाहर नहीं जा रहे हैं और शाम 4 बजते ही ग्रामीण अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। भीमताल के पिनरों गांव में नरभक्षी के खौफ के चलते ग्रामीणों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य यशपाल आर्य ने बताया कि नरभक्षी के भय से ग्रामीणों को हाथ में डंडा लेकर पानी खोलने जाना पड़ रहा है।
700 से अधिक बच्चों को शिक्षा प्रभावित
नरभक्षी के आतंक के चलते भीमताल और धारी ब्लॉक के गांवों में सरकारी स्कूलों के बंद होने से 700 से अधिक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ना पढ़ रहा है। साथ ही बोर्ड परीक्षार्थियों को पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भीमताल के मलुवाताल, पिनरों, अलचौना, ताड़ा, ओखलढूंगा और धारी के बबियाड़, दुदुली, खपाल, सरना क्षेत्र के प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और इंटर कॉलेज बंद हैं।
दुग्ध उत्पादकों को बांटा चारा
भीमताल के अलचौना, ताड़ा, पिनरों, मलुवाताल, जंगलियागांव क्षेत्र में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं की ओर से दुग्ध उत्पादकों को उनके मवेशियों के लिए 100 बैग भूसा और 25 क्विंटल हरा चारा सब्सिडी पर दिया गया। प्रधान राधा कुल्याल ने बताया कि जरूरत पड़ने पर और भूसा मंगाया जाएगा।
गोरखपुर, सौनगांव, बाईपास में दिखा तेंदुआ
भीमताल के गोरखपुर, सौनगांव और बाईपास में तेंदुए के दिखने से लोगों में भय है। बाईपास क्षेत्र में तेंदुए ने एक कुत्ते को निवाला बना दिया। वहीं शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सौनगांव में तेंदुए के दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। गोरखपुर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है।
27 तक नरभक्षी नहीं पकड़ने पर आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेसी नेता हरीश पनेरू ने शुक्रवार को ताड़ा में बाघ के हमले में जान गंवाने वाली युवती के परिजनों से मुलाकात की। पनेरू ने कहा कि 27 दिसंबर तक नरभक्षी को नहीं पकड़ा गया तो 28 दिसंबर से वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
विधायक राम सिंह कैड़ा ने कहा वन सचिव से मलुवाताल, पिनरों, अलचौना, जंगलियागांव में सोलर लाइट लगाने की मांग की है। डीएफओ से नरभक्षी को पकड़ने के लिए सर्च अभियान तेज करने को कहा है। नरभक्षी को जल्द ट्रैंक्यूलाइज कर लोगों को उसके आतंक से निजात दिलाने के निर्देश दिए हैं।
वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी ने कहा वन विभाग की टीम लगातार नरभक्षी की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। कॉर्बेट के बाघ विशेषज्ञ अपनी टीम के साथ ट्रैंक्यूलाइज करने की कोशश में जुट हैं। 70 से अधिक वन कर्मी 24 घंटे क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।
बुजुर्ग बोले-नरभक्षी का ऐसा खौफ जिंदगी में पहले नहीं देखा
डीएम और कमिश्नर के गांव नहीं पहुंचने से भी नाराजगी
भीमताल (नैनीताल)। हमने अब तक अलचौना गांव में तेंदुए और बाघ का ऐसा खौफ कभी नहीं देखा। एक ओर नरभक्षी का आतंक तो दूसरी ओर अलचौना से ताड़ा तक छह किमी मोटर मार्ग बदहाल होने से दुघर्टनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों में इस पर भी नाराजगी है की तीन मौत के बाद नैनीताल डीएम और कुमाऊं कमिश्नर भी हाल जानने गांव नहीं आए। बुजुर्ग कांति देवी का कहना है कि गांव में नरभक्षी की दहशत से सब परेशान हैं। गांव की बदहाल सड़क की प्रशासन और जनप्रतिनिधि सुध नहीं ले रहे हैं। बुजुर्ग रमेश चंद्र बेलवाल ने कहा कि नरभक्षी के खौफ से ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। विभाग को नरभक्षी को जल्द पकड़ना चाहिए। बुजुर्ग जय प्रकाश भट्ट ने कहा कि जिंदगी में पहली बार तेंदुए और बाघ का ऐसा आतंक नहीं देखा है। गांव की सड़क पर डामरीकरण नहीं होने से भी समस्या बनी हुई है। बुजुर्ग नंद किशोर शर्मा ने कहा कि वन विभाग को नरभक्षी को पकड़कर ग्रामीणों का भय दूर करना चाहिए। नरभक्षी के भय से खेतीबाड़ी, पशुपालन प्रभावित हो रहा है।
देर रात परिजनों से मिले डीएफओ
रक्षा राज्य मंत्री ने दी 20 सोलर लाइट
भीमताल (नैनीताल)। ग्राम पंचायत अलचौना के ताड़ा में शुक्रवार देर शाम डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने गश्त के दौरान मृतक निकिता शर्मा के पिता विपिन शर्मा से मुलाकात की। भाजपा नेता आनंदमणि भट्ट ने बताया कि डीएफओ ने युवती के पिता को बताया कि विभाग की टीम नरभक्षी को पकड़ने में लगी है। उन्होंने पीड़ित परिवार को विभाग की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज भट्ट के नेत्तृत्व में कार्यकर्ताओं ने वनकर्मियों के साथ क्षेत्र में देर शाम तक गश्त की। भट्ट ने बताया कि रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने मलुवाताल, पिनरो और अल्चौना क्षेत्र के लिए 20 सोलर लाइट दी गई हैं। मंत्री ने नरभक्षी को पकड़ने के निर्देश वन विभाग को दिए हैं।