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टैक्स, बिलंव शुल्क में छूट से वाहन स्वामियों को राहत
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हल्द्वानी। परिवहन विभाग की ओर से कोविड काल अवधि के रोड टैक्स और विलंब शुल्क में छूट की सुविधा मिलने से सार्वजनिक यात्री वाहन संचालकों को काफी राहत मिली है। इस नीति के चलते आरटीओ में बकाया टैक्स जमा कराने वालों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी आई है। अब तक 2400 से अधिक वाहन स्वामियों को लाभ मिल चुका है।
वर्ष 2020 फरवरी से कोविड संक्रमण शुरू होने पर सबसे अधिक टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग प्रभावित हुए। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक फरवरी 2020 तक के वैध परमिट, डीएल, फिटनेस समेत सभी अभिलेखों की वैधता 31 अक्तूबर 2021 तक बढ़ा दी थी। इस अवधि में जिस किसी वाहन की परमिट की अवधि या फिटनेस खत्म भी हुई तो उसे वैध माना गया। प्रदेश सरकार ने प्रथम चरण में सार्वजनिक यात्री वाहनों (बस, ऑटो, टैक्सी आदि) को तीन माह के रोड टैक्स में छूट दी, इसे तीन माह के लिए और बढ़ा दिया गया। संभागीय परिवहन विभाग के मुताबिक वर्ष 2021 में कोविड की दूसरी लहर को देखते हुए इस छूट को छह माह के लिए और बढ़ा दिया। इस तरह सार्वजनिक यात्री वाहनों को रोड टैक्स में एक वर्ष अवधि की छूट दिए जाने का प्रावधान है। इसमें मालवाहनों को केवल तीन माह की छूट दी गई है। जबकि स्कूल बसों को नौ महीने के रोड टैक्स में छूट की सुविधा दी गई है। ऐसे वाहन स्वामियों की बड़ी संख्या है जो कि आर्थिक दिक्कतों के चलते कई वर्षों से टैक्स जमा नहीं कर सके हैं, उन्हें इस सुविधा से काफी लाभ हो रहा है तथा टैक्स में कोविड काल अवधि की छूट मिलने पर बकाया टैक्स जमा करने में भी राहत हो रही है।
ऐसे करें आवेदन
वाहन स्वामी को टैक्स और विलंब शुल्क में राहत पाने के लिए आरटीओ के नाम केवल एक प्रार्थना एआरटीओ (प्रशासन) के समक्ष प्रस्तुत करना है। प्रार्थनापत्र में वाहन संख्या दर्ज करने के साथ ही कोविड काल की अवधि का टैक्स माफ करने और विलंब शुल्क में छूट देने के संबंध में उल्लेख करना है। अगर किसी बीमारी से ग्रस्त रहे हैं तो उसका जिक्र भी कर सकते हैं।
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सार्वजनिक यात्री वाहन स्वामियों को कोविड काल अवधि के टैक्स में छूट दिए जाने के अलावा परिस्थितियों के आधार पर विलंब शुल्क में भी राहत दी जा रही है। अब तक 2400 से अधिक वाहन स्वामियों को इसका लाभ मिल चुका है। किसी भी वाहन स्वामी को कार्य कराने में कोई असुविधा हो तो वह उनसे कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
- विमल पांडे, एआरटीओ (प्रशासन)
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वर्ष 2020 फरवरी से कोविड संक्रमण शुरू होने पर सबसे अधिक टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग प्रभावित हुए। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक फरवरी 2020 तक के वैध परमिट, डीएल, फिटनेस समेत सभी अभिलेखों की वैधता 31 अक्तूबर 2021 तक बढ़ा दी थी। इस अवधि में जिस किसी वाहन की परमिट की अवधि या फिटनेस खत्म भी हुई तो उसे वैध माना गया। प्रदेश सरकार ने प्रथम चरण में सार्वजनिक यात्री वाहनों (बस, ऑटो, टैक्सी आदि) को तीन माह के रोड टैक्स में छूट दी, इसे तीन माह के लिए और बढ़ा दिया गया। संभागीय परिवहन विभाग के मुताबिक वर्ष 2021 में कोविड की दूसरी लहर को देखते हुए इस छूट को छह माह के लिए और बढ़ा दिया। इस तरह सार्वजनिक यात्री वाहनों को रोड टैक्स में एक वर्ष अवधि की छूट दिए जाने का प्रावधान है। इसमें मालवाहनों को केवल तीन माह की छूट दी गई है। जबकि स्कूल बसों को नौ महीने के रोड टैक्स में छूट की सुविधा दी गई है। ऐसे वाहन स्वामियों की बड़ी संख्या है जो कि आर्थिक दिक्कतों के चलते कई वर्षों से टैक्स जमा नहीं कर सके हैं, उन्हें इस सुविधा से काफी लाभ हो रहा है तथा टैक्स में कोविड काल अवधि की छूट मिलने पर बकाया टैक्स जमा करने में भी राहत हो रही है।
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ऐसे करें आवेदन
वाहन स्वामी को टैक्स और विलंब शुल्क में राहत पाने के लिए आरटीओ के नाम केवल एक प्रार्थना एआरटीओ (प्रशासन) के समक्ष प्रस्तुत करना है। प्रार्थनापत्र में वाहन संख्या दर्ज करने के साथ ही कोविड काल की अवधि का टैक्स माफ करने और विलंब शुल्क में छूट देने के संबंध में उल्लेख करना है। अगर किसी बीमारी से ग्रस्त रहे हैं तो उसका जिक्र भी कर सकते हैं।
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सार्वजनिक यात्री वाहन स्वामियों को कोविड काल अवधि के टैक्स में छूट दिए जाने के अलावा परिस्थितियों के आधार पर विलंब शुल्क में भी राहत दी जा रही है। अब तक 2400 से अधिक वाहन स्वामियों को इसका लाभ मिल चुका है। किसी भी वाहन स्वामी को कार्य कराने में कोई असुविधा हो तो वह उनसे कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
- विमल पांडे, एआरटीओ (प्रशासन)