Uttarakhand: 'गोल्डन ब्वाय' लक्ष्य सेन दादा को समर्पित किया अर्जुन अवॉर्ड, राष्ट्रमंडल खेलों में जमाई थी धाक
राष्ट्रमंडल खेलों में अल्मोड़ा के युवा शटलर लक्ष्य सेन ने पहला पदक जीत कर दुनिया में अपनी धाक जमाई थी। लक्ष्य के पिता डीके सेन भारतीय खेल प्राधिकरण में बैडमिंटन कोच रहे हैं और वर्तमान में प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन एकेडमी बेंगलूरू में प्रशिक्षण दे रहे हैं। लक्ष्य को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजे जाने की खबर के बाद से ही पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
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अल्मोड़ा निवासी युवा शटलर लक्ष्य सेन को जल्द अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। लक्ष्य के नाम पर अर्जुन अवॉर्ड के लिए मुहर लगने से पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है। लक्ष्य ने इस पुरस्कार को अपने दादा सीएल सेन को समर्पित किया है।
उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव बीएस मनकोटी ने बताया कि लक्ष्य सेन दुनिया के बैडमिंटन खिलाड़ियों में छठे पायदान पर हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल के बैडमिंटन एकल का स्वर्ण, प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड में रजत पदक जीता। वह ऐतिहासिक थॉमस कप में विजेता टीम के महत्वपूर्ण अंग रहे। इंडिया ओपन के विजेता और विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक भी अपने नाम किया था।
लक्ष्य की उपलब्धि पर उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ की अध्यक्ष डॉ. अलकनंदा अशोक, प्रशांत जोशी, नगरपालिका चेयरमैन प्रकाश जोशी, जिला बैडमिंटन संघ अल्मोड़ा के अध्यक्ष प्रशांत जोशी, उपाध्यक्ष प्रशासनिक गोकुल सिंह मेहता, उपाध्यक्ष राकेश जायसवाल, सचिव डॉ. संतोष बिष्ट, सह सचिव कोषाध्यक्ष नंदन रावत, मीडिया प्रभारी डीके जोशी, लेखा परीक्षक सुरेश कर्नाटक, सलाहकार जगनमोहन सिंह फर्त्याल आदि ने खुशी जताई है।
लक्ष्य ने छोटी उम्र में पकड़ा था रैकेट
लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा में हुआ था। उन्होंने चार साल की उम्र से ही रैकेट थाम लिया था। तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत कर बैडमिंटन के दिग्गजों को भी अपने खेल की तरफ आकर्षित किया है। वह पिछले एक साल में भारत के टॉप शटलर बनकर सामने आए हैं।
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राष्ट्रमंडल खेलों में जमाई धाक
राष्ट्रमंडल खेलों में अल्मोड़ा के युवा शटलर लक्ष्य सेन ने पहला पदक जीत कर दुनिया में अपनी धाक जमाई थी। लक्ष्य के पिता डीके सेन भारतीय खेल प्राधिकरण में बैडमिंटन कोच रहे हैं और वर्तमान में प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन एकेडमी बेंगलूरू में प्रशिक्षण दे रहे हैं। वह अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 26 पदक जीत चुके हैं। इनमें अकेले 16 स्वर्ण पदक हैं। उनके बड़े भाई चिराग सेन भी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
लक्ष्य सेन की प्रमुख उपलब्धियां
- विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2021 स्पेन - कांस्य पदक।
- ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2022 इंग्लैंड - रजत पदक।
- इंडिया इंटरनेशनल सुपर सीरीज 2022 दिल्ली - स्वर्ण पदक।
- पोलिश ओपन 2019- रजत पदक।
- योनेक्स बेल्जियम इंटरनेशनल 2019 - स्वर्ण पदक।
- योनेक्स डच ओपन 2019 - स्वर्ण पदक।
- सारलोलकस ओपन 2019 सारबरूकेन - स्वर्ण पदक।
- स्कॉटिश ओपन ग्लासगो 2019 - स्वर्ण पदक।
- बांग्लादेश इंटरनेशनल चैलेंज 2019 - स्वर्ण पदक।
- योनेक्स डच ओपन 2021 - रजत पदक।
- विक्टर डेनमार्क ओपन 2021 - कांस्य पदक।
- हाइलो सारलोलक्स ओपन 2021 - कांस्य पदक।
- ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग हैदराबाद 2019 - स्वर्ण पदक।
- 83 सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2020 गुवाहाटी - रजत पदक।
- ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट बंगलुरु 2019 - स्वर्ण पदक।
- जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप 2016 कर्नाटक - स्वर्ण पदक।
- टाटा ओपन इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज 2018 - स्वर्ण पदक।
- वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2018 कनाडा - कांस्य पदक।
- यूथ ओलंपिक,2018 अर्जेंटीना - रजत पदक।
- बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप 2018 - स्वर्ण पदक।
- यूरेशिया बुल्गारिया ओपन 2017- स्वर्ण पदक।
- इंडिया इंटरनेशनल सीरीज 2016 हैदराबाद - स्वर्ण पदक।
- इस्राइल जूनियर इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट 2012 - स्वर्ण पदक।
- लीनिंग सिंगापुर यूथ इंटरनेशनल सीरीज 2011 - स्वर्ण पदक
- (अंडर, 11) योनेक्स जर्मन जूनियर इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2017 - रजत पदक।
- योनेक्स डच जूनियर इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2017 - कांस्य पदक।
- बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सीरीज टूर्नामेंट 2021 में अब तक के सबसे युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर प्रतिभाग।