{"_id":"68ab7adc00ff7cea310c269f","slug":"jamrani-dam-basic-facilities-will-be-arranged-for-rehabilitation-from-september-haldwani-news-c-8-hld1010-623350-2025-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमरानी बांध : पुनर्वास के लिए सितंबर से जुटाई जाएंगी बुनियादी सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमरानी बांध : पुनर्वास के लिए सितंबर से जुटाई जाएंगी बुनियादी सुविधाएं
Mon, 25 Aug 2025 02:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 25 Aug 2025 02:19 AM IST
विज्ञापन
हल्द्वानी। जमरानी बांध प्रभावितों के लिए किच्छा के पास प्राग फार्म में 85 करोड़ रुपये से बुनियादी सुविधाएं जुटाई जाएंगी। ऊधम सिंह नगर स्थित प्राग फार्म की 300 एकड़ जमीन पर पहले फेस में चहारदीवारी, प्लॉट कटिंग, सड़क निर्माण व सीवरेज के कार्य किए जाएंगे जिसकी शुरुआत सितंबर से होगी।
जमरानी बांध के डूब क्षेत्र में उड़वा, पस्तोला, पनियाबोर, मुरकुडिया, तिलवाड़ी, गनडार गांव आ रहे हैं। डूब क्षेत्र के इन परिवारों में 213 प्रथम श्रेणी के हैं। इनका पुनर्वास प्राग फार्म में किया जाना है। इन परिवारों के लिए यहां पीएम आवास योजना के तहत आवास आवंटित किए जाने हैं। वहीं बांध स्थल पर इन दिनों डायवर्जन टनल का काम जारी है। इस काम में आठ माह से अधिक का समय लगने का अनुमान है। प्राग फार्म में पिछले दिनों जमीन की लेवलिंग, झाड़ी कटान आदि का कार्य चल रहा था। मैदानी क्षेत्र होने के कारण पानी बढ़ने से काम रोकना पड़ा है।
15 प्रभावित सामने आए
जमरानी बांध प्रभावितों की तृतीय श्रेणी में 15 महिलाओं के आवेदन और मिले हैं। जुलाई में कुछ पात्रों के सर्वे में छूटने की बात सामने आने पर जिला प्रशासन ने छूटे हुए परिवारों और लोगों के नामों की दोबारा जांच के लिए कमेटी गठित की थी। ऐसे आवेदकों में प्रथम श्रेणी के प्रभावित परिवारों की बेटियां शामिल हैं, इन सभी का विवाह हो चुका है। पात्र की श्रेणी में होने की जानकारी देरी से मिलने के कारण ये आवेदन नहीं कर पाए थे। अब इनके कागजात तैयार हो रहे हैं। बांध प्रभावितों को अब तक 404 करोड़ का मुआवजा बांटा जा चुका है जबकि 75 करोड़ दिया जाना बाकी है।
विज्ञापन
पहले फेस में पुनर्वास कार्यों के लिए तीन टेंडर होने हैं। फार्म में एक बड़ा नाला है उसका चैनलाइजेशन होना है। एक छोटे नाले को कवर करना है। दूसरे फेस में बिल्डिंग डिजाइन का काम किया जाएगा। यहां कम्यूनिटी हॉल के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और पशु अस्पताल भी प्रस्तावित है।
ललित कुमार, उप महाप्रबंधक जमरानी बांध परियोजना
विज्ञापन
जमरानी बांध के डूब क्षेत्र में उड़वा, पस्तोला, पनियाबोर, मुरकुडिया, तिलवाड़ी, गनडार गांव आ रहे हैं। डूब क्षेत्र के इन परिवारों में 213 प्रथम श्रेणी के हैं। इनका पुनर्वास प्राग फार्म में किया जाना है। इन परिवारों के लिए यहां पीएम आवास योजना के तहत आवास आवंटित किए जाने हैं। वहीं बांध स्थल पर इन दिनों डायवर्जन टनल का काम जारी है। इस काम में आठ माह से अधिक का समय लगने का अनुमान है। प्राग फार्म में पिछले दिनों जमीन की लेवलिंग, झाड़ी कटान आदि का कार्य चल रहा था। मैदानी क्षेत्र होने के कारण पानी बढ़ने से काम रोकना पड़ा है।
विज्ञापन
15 प्रभावित सामने आए
जमरानी बांध प्रभावितों की तृतीय श्रेणी में 15 महिलाओं के आवेदन और मिले हैं। जुलाई में कुछ पात्रों के सर्वे में छूटने की बात सामने आने पर जिला प्रशासन ने छूटे हुए परिवारों और लोगों के नामों की दोबारा जांच के लिए कमेटी गठित की थी। ऐसे आवेदकों में प्रथम श्रेणी के प्रभावित परिवारों की बेटियां शामिल हैं, इन सभी का विवाह हो चुका है। पात्र की श्रेणी में होने की जानकारी देरी से मिलने के कारण ये आवेदन नहीं कर पाए थे। अब इनके कागजात तैयार हो रहे हैं। बांध प्रभावितों को अब तक 404 करोड़ का मुआवजा बांटा जा चुका है जबकि 75 करोड़ दिया जाना बाकी है।
विज्ञापन
पहले फेस में पुनर्वास कार्यों के लिए तीन टेंडर होने हैं। फार्म में एक बड़ा नाला है उसका चैनलाइजेशन होना है। एक छोटे नाले को कवर करना है। दूसरे फेस में बिल्डिंग डिजाइन का काम किया जाएगा। यहां कम्यूनिटी हॉल के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और पशु अस्पताल भी प्रस्तावित है।
ललित कुमार, उप महाप्रबंधक जमरानी बांध परियोजना