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Nainital News: हल्द्वानी से अल्मोड़ा पहुंचने में लग गए आठ घंटे
Sat, 03 Oct 2026 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:12 AM IST
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भीमताल/गरमपानी/भवाली (नैनीताल)। तीन दिन की सरकारी छुट्टी के मद्देनजर शुक्रवार को कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने से लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। पुलिस का ट्रैफिक प्लान भी पूरी तरह से फेल नजर आया। हल्द्वानी से अल्मोड़ा तीन घंटे के सफर में आठ घंटे लग गए। जाम के चलते गरमपानी, खैरना, भीमताल और भवाली के रेस्टोरेंट, होटल और होम स्टे संचालक कारोबार नहीं होने से परेशान रहे।
रानीबाग से कैंची धाम तक लगा रहा जाम
शुक्रवार को वीकेंड के चलते मैदानी इलाकों के श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए कैंची धाम पहुंचे। शुक्रवार की सुबह से शाम 5 बजे तक काठगोदाम, रानीबाग, सलड़ी, भीमताल, खुटानी, भवाली, कैंची धाम तक पांच से छह घंटे तक जाम की समस्या बनी रही। हल्द्वानी से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर आने और जाने वाले यात्रियों आठ घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। वहीं श्रद्धालुओं को भीमताल से कैंची धाम पहुंचने में तीन घंटे से अधिक समय लग गया।
अधूरा छोड़ दिया रातीघाट बाईपास
लोक निर्माण विभाग की ओर से कैंची धाम में जाम से निजात दिलाने के लिए सेनिटोरियम-रातीघाट बाईपास का निर्माण कार्य किया गया है। विभाग की ओर से 11 किमी तक सड़क पर डामरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है लेकिन आठ किमी में डामरीकरण न होने से आवाजाही बंद है। इससे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला, बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर जाने वाले यात्रियों को भवाली-कैंची धाम होते हुए सफर तय करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सड़क पर डामरीकरण होने से जाम की समस्या दूर हो जाएगी।
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1- हल्द्वानी से गरमपानी पहुंचने में चार घंटे ज्यादा लगे। जाम लगने से अल्मोड़ा तक पहुंचने में यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही वाहनों के डायवर्ट करने से अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है।
-नवीन चंद्र, यात्री अल्मोड़ा
2- मुझे हल्द्वानी जाना था। दो घंटे जाम में फंसने के बाद वापस लौट आया। कैंची धाम के जाम के चलते यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। प्रशासन को पार्किंग की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
-विनोद दुम्का, नौकुचियाताल
3- जाम की स्थिति बेहद दयनीय होती जा रही है। रेस्टोरेंट में बनाया हुआ सारा सामान खराब चला गया। इसके चलते आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वीकेंड पर स्थिति बहुत खराब हो जाती है। जाम के चलते कर्मचारियों को पैसा नहीं दे पा रहे हैं।
-आशीष पांडे, व्यापारी गरमपानी
4- कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है। बाईपास बनने के बाद भी जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। इसका असर रोजी रोटी पर पड़ रहा है। शासन-प्रशासन को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए
-गगन त्रिपाठी, व्यापारी गरमपानी
5- जाम से यात्री तो परेशान हैं ही, कारोबारी व क्षेत्रवासी भी दिक्कत में हैं। सरकार और प्रशासन को कैंची धाम के जाम से निजात दिलाने के लिए और ठोस कदम उठाने होंगे।
-रमेश तिवारी, व्यापारी
6- काठगोदाम से भीमताल तक लंबा जाम लगने से सैलानियों और स्थानीय लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते होटल कारोबारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
नितेश बिष्ट, होटल कारोबारी, भीमताल
कैंची धाम क्षेत्र में जाम से आम लोगों के साथ मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत एंबुलेंस को हो रही है। विगत माह अल्मोड़ा बेस अस्पताल से एक गंभीर मरीज को हल्द्वानी रेफर किया गया था। कैंची से भवाली तक लगे जाम में एंबुलेंस कई घंटे फंसी रही। काठगोदाम पहुंचने तक मरीज ने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले पर्यटक सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं जिससे यातायात बाधित होता है और जाम लग जाता है।
- हिमांशु कुमार, चालक, 108, आपातकालीन सेवा
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रानीबाग से कैंची धाम तक लगा रहा जाम
शुक्रवार को वीकेंड के चलते मैदानी इलाकों के श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए कैंची धाम पहुंचे। शुक्रवार की सुबह से शाम 5 बजे तक काठगोदाम, रानीबाग, सलड़ी, भीमताल, खुटानी, भवाली, कैंची धाम तक पांच से छह घंटे तक जाम की समस्या बनी रही। हल्द्वानी से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर आने और जाने वाले यात्रियों आठ घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। वहीं श्रद्धालुओं को भीमताल से कैंची धाम पहुंचने में तीन घंटे से अधिक समय लग गया।
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अधूरा छोड़ दिया रातीघाट बाईपास
लोक निर्माण विभाग की ओर से कैंची धाम में जाम से निजात दिलाने के लिए सेनिटोरियम-रातीघाट बाईपास का निर्माण कार्य किया गया है। विभाग की ओर से 11 किमी तक सड़क पर डामरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है लेकिन आठ किमी में डामरीकरण न होने से आवाजाही बंद है। इससे अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला, बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर जाने वाले यात्रियों को भवाली-कैंची धाम होते हुए सफर तय करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सड़क पर डामरीकरण होने से जाम की समस्या दूर हो जाएगी।
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1- हल्द्वानी से गरमपानी पहुंचने में चार घंटे ज्यादा लगे। जाम लगने से अल्मोड़ा तक पहुंचने में यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही वाहनों के डायवर्ट करने से अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है।
-नवीन चंद्र, यात्री अल्मोड़ा
2- मुझे हल्द्वानी जाना था। दो घंटे जाम में फंसने के बाद वापस लौट आया। कैंची धाम के जाम के चलते यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। प्रशासन को पार्किंग की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
-विनोद दुम्का, नौकुचियाताल
3- जाम की स्थिति बेहद दयनीय होती जा रही है। रेस्टोरेंट में बनाया हुआ सारा सामान खराब चला गया। इसके चलते आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वीकेंड पर स्थिति बहुत खराब हो जाती है। जाम के चलते कर्मचारियों को पैसा नहीं दे पा रहे हैं।
-आशीष पांडे, व्यापारी गरमपानी
4- कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है। बाईपास बनने के बाद भी जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। इसका असर रोजी रोटी पर पड़ रहा है। शासन-प्रशासन को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए
-गगन त्रिपाठी, व्यापारी गरमपानी
5- जाम से यात्री तो परेशान हैं ही, कारोबारी व क्षेत्रवासी भी दिक्कत में हैं। सरकार और प्रशासन को कैंची धाम के जाम से निजात दिलाने के लिए और ठोस कदम उठाने होंगे।
-रमेश तिवारी, व्यापारी
6- काठगोदाम से भीमताल तक लंबा जाम लगने से सैलानियों और स्थानीय लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते होटल कारोबारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
नितेश बिष्ट, होटल कारोबारी, भीमताल
कैंची धाम क्षेत्र में जाम से आम लोगों के साथ मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत एंबुलेंस को हो रही है। विगत माह अल्मोड़ा बेस अस्पताल से एक गंभीर मरीज को हल्द्वानी रेफर किया गया था। कैंची से भवाली तक लगे जाम में एंबुलेंस कई घंटे फंसी रही। काठगोदाम पहुंचने तक मरीज ने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले पर्यटक सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं जिससे यातायात बाधित होता है और जाम लग जाता है।
- हिमांशु कुमार, चालक, 108, आपातकालीन सेवा