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आईएसबीटी की लागत हो सकती कम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:52 PM IST
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हल्द्वानी। गौलापार में बनने वाले आईएसबीटी की लागत कम हो सकती है। इसमें डीपीआर में भी आंशिक संशोधन हो सकता है। इसको लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। कुमाऊं की महत्वाकांक्षी योजनाओं में आईएसबीटी है।
गौलापार में बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट की डीपीआर आदि तैयार हो चुकी है। आईएसबीटी में शानदार दुकान, ठहरने के इंतजाम से लेकर एयरपोर्ट की तर्ज पर हर सुविधा देने की योजना बनाई गई है। इस योजना पर एक अनुमान से करीब 90 करोड़ तक खर्च होने की उम्मीद है। बताया जाता है कि शासन को शुरुआत में बजट ज्यादा लग रहा है।
ऐसे में योजना के स्वरूप में बहुत ज्यादा बदलाव किये बगैर उसकी लागत कम करने पर मंथन चल रहा है। इसमें पहले चरण में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में जो स्ट्रक्चर प्रस्तावित है, उसमें कुछ बदलाव करना है। इसके अलावा प्रोटेक्शन वर्क के कुछ कामों में बदलाव करना है। इसकी लागत को 60 से 65 करोड़ तक लाने पर विचार किया जा रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के अलावा वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश का यह ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जाता है, ऐसे में शासन जल्द ही अन्य औपचारिकता पूरी काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब आठ हेक्टेयर में आईएसबीटी की योजना प्रस्तावित है। जहां से रोडवेज के अलावा सार्वजनिक यातायात से जुड़ी अन्य सेवाओं का भी संचालन हो सकेगा। इस संबंध में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सीएस नपलच्याल से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।
गौलापार में बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट की डीपीआर आदि तैयार हो चुकी है। आईएसबीटी में शानदार दुकान, ठहरने के इंतजाम से लेकर एयरपोर्ट की तर्ज पर हर सुविधा देने की योजना बनाई गई है। इस योजना पर एक अनुमान से करीब 90 करोड़ तक खर्च होने की उम्मीद है। बताया जाता है कि शासन को शुरुआत में बजट ज्यादा लग रहा है।
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ऐसे में योजना के स्वरूप में बहुत ज्यादा बदलाव किये बगैर उसकी लागत कम करने पर मंथन चल रहा है। इसमें पहले चरण में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में जो स्ट्रक्चर प्रस्तावित है, उसमें कुछ बदलाव करना है। इसके अलावा प्रोटेक्शन वर्क के कुछ कामों में बदलाव करना है। इसकी लागत को 60 से 65 करोड़ तक लाने पर विचार किया जा रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के अलावा वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश का यह ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जाता है, ऐसे में शासन जल्द ही अन्य औपचारिकता पूरी काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब आठ हेक्टेयर में आईएसबीटी की योजना प्रस्तावित है। जहां से रोडवेज के अलावा सार्वजनिक यातायात से जुड़ी अन्य सेवाओं का भी संचालन हो सकेगा। इस संबंध में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सीएस नपलच्याल से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।