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बार वाले पैग में, रेस्तरां वाले प्लेट में कर रहे घटतौली
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हल्द्वानी शराब बार में मानक के आधार पर प्रयोग किया जाने वाला सही पैग मापक। फोटोः मेल से
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हल्द्वानी। पैग लगाने बार और रेस्तरां में जा रहे हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाइये। खाने और पीने में घटतौली कर आपकी जेब पर डाका डाला जा रहा है। इसका खुलासा बांट माप विभाग ने किया है। पिछले दो महीने में विभाग घटतौली करने वाले पांच बार और करीब दो दर्जन रेस्तरां का चालान कर चुका है।
बार में ग्राहकों को पैग मापक से शराब दी जाती है। उत्तराखंड में 30 और 60 एमएल के पैग मापक इस्तेमाल किए जाते हैं जबकि यूपी में 100 एमएल का भी इस्तेमाल होता है। विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत बार संचालकों को पैग मापक का सत्यापन बांट माप विभाग में करवाना होता है जिससे पैग की सही मात्रा ग्राहकों को मिल सके। साथ ही पैग मापक का आकार भी निश्चित होता है। विभाग द्वारा गोलाकार पैग मापक के मानक हैं लेकिन बार संचालक घटतौली के लिए बेलनाकार पैग मापक का इस्तेमाल कर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं। पैग मापक में मात्रा और उसे बनाने वाली फर्म का नाम भी अंकित नहीं होता है।
विधिक माप विज्ञान अधिनियम के अनुसार रेस्तरां-ढाबों में मेन्यू के साथ रेट और वजन लिखना अनिवार्य है जिससे ग्राहक को पता हो कि दर्ज रेट में कितनी खाद्य सामग्री उसे परोसी जा रही है लेकिन सभी हाफ या फुट प्लेट के हिसाब से रेट फिक्स कर ग्राहकों से पैसा वसूलते हैं और हर जगह प्लेट का साइज भी अलग होता है। वरिष्ठ निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि दो महीने में पांच शराब बार और करीब दो दर्जन रेस्तरां का चालान किया गया है।
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परचून और सब्जी वाले भी घटतौली में माहिर
परचून का सामान और सब्जी बेचने वाले भी घटतौली में माहिर हैं। हल्द्वानी सब्जी मंडी में ही कई ऐसे दुकानदार हैं जिन्होंने 2013 से अपने बाटों में मुहर नहीं लगाई और कुछ दुकानदार तौल के लिए बांट की जगह पत्थर का इस्तेमाल करते हैं। परचून की दुकान वाले पैकेजिंग की आड़ में ग्राहकों को लूट रहे हैं। विधिक माप विज्ञान अधिनियम के अनुसार पेकेजिंग सामान में पैकेट के बाहर खाद्य पदार्थ का जेनेटिक नाम, मात्रा, रेट, पैकर का नाम, कस्टमर केयर नंबर होना चाहिए। छोटी दुकानों से लेकर बड़े मॉल भी इस नियम को दरकिनार कर सामान बेच रहे हैं बाट माप विभाग ने ऐसे 32 लोगों का चालान किया गया है।
16 सुनार, पांच पेट्रोल पंपों में भी घटतौली
बाट माप विभाग ने सुनारों और पेट्रोल पंप संचालकों का भी फर्जीवाड़ा पकड़ा है। हल्द्वानी में कुछ सुनार जहां तौल में घटतौली कर रहे हैं वहीं पेट्रोल-डीजल बेचने वाले भी इस खेल में शामिल मिले। बाट माप विभाग ने छह माह में हल्द्वानी परिक्षेत्र के 16 सुनार और पांच पेट्रोल-डीजल पंपों पर घटतौली पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
10 हजार तक जुर्माने का प्रावधान
विधिक माप विज्ञान अधिनियम की धाराओं के अनुसार घटतौली करने के आरोप में दस हजार या उससे अधिक रुपये जुर्माने का प्रावधान है और जुर्माना न भरने पर तीन या छह महीने में मामला कोर्ट में चला जाता है। हल्द्वानी का ही एक मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
कोट
घटतौली की जांच के लिए विभाग की ओर से गई जांच पड़ताल में शराब बार, निजी अस्पताल, परचून की दुकान, रेस्तरां आदि जगहों पर घटतौली के मामले मिले हैं। पिछले दो महीने में हल्द्वानी परिक्षेत्र में कुल 176 दुकानदारों का चालान कर 3,60,500 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
- खुशाल सिंह रावत, सहायक नियंत्रक बाट माप विभाग, हल्द्वानी।
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बार में ग्राहकों को पैग मापक से शराब दी जाती है। उत्तराखंड में 30 और 60 एमएल के पैग मापक इस्तेमाल किए जाते हैं जबकि यूपी में 100 एमएल का भी इस्तेमाल होता है। विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत बार संचालकों को पैग मापक का सत्यापन बांट माप विभाग में करवाना होता है जिससे पैग की सही मात्रा ग्राहकों को मिल सके। साथ ही पैग मापक का आकार भी निश्चित होता है। विभाग द्वारा गोलाकार पैग मापक के मानक हैं लेकिन बार संचालक घटतौली के लिए बेलनाकार पैग मापक का इस्तेमाल कर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं। पैग मापक में मात्रा और उसे बनाने वाली फर्म का नाम भी अंकित नहीं होता है।
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विधिक माप विज्ञान अधिनियम के अनुसार रेस्तरां-ढाबों में मेन्यू के साथ रेट और वजन लिखना अनिवार्य है जिससे ग्राहक को पता हो कि दर्ज रेट में कितनी खाद्य सामग्री उसे परोसी जा रही है लेकिन सभी हाफ या फुट प्लेट के हिसाब से रेट फिक्स कर ग्राहकों से पैसा वसूलते हैं और हर जगह प्लेट का साइज भी अलग होता है। वरिष्ठ निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि दो महीने में पांच शराब बार और करीब दो दर्जन रेस्तरां का चालान किया गया है।
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परचून और सब्जी वाले भी घटतौली में माहिर
परचून का सामान और सब्जी बेचने वाले भी घटतौली में माहिर हैं। हल्द्वानी सब्जी मंडी में ही कई ऐसे दुकानदार हैं जिन्होंने 2013 से अपने बाटों में मुहर नहीं लगाई और कुछ दुकानदार तौल के लिए बांट की जगह पत्थर का इस्तेमाल करते हैं। परचून की दुकान वाले पैकेजिंग की आड़ में ग्राहकों को लूट रहे हैं। विधिक माप विज्ञान अधिनियम के अनुसार पेकेजिंग सामान में पैकेट के बाहर खाद्य पदार्थ का जेनेटिक नाम, मात्रा, रेट, पैकर का नाम, कस्टमर केयर नंबर होना चाहिए। छोटी दुकानों से लेकर बड़े मॉल भी इस नियम को दरकिनार कर सामान बेच रहे हैं बाट माप विभाग ने ऐसे 32 लोगों का चालान किया गया है।
16 सुनार, पांच पेट्रोल पंपों में भी घटतौली
बाट माप विभाग ने सुनारों और पेट्रोल पंप संचालकों का भी फर्जीवाड़ा पकड़ा है। हल्द्वानी में कुछ सुनार जहां तौल में घटतौली कर रहे हैं वहीं पेट्रोल-डीजल बेचने वाले भी इस खेल में शामिल मिले। बाट माप विभाग ने छह माह में हल्द्वानी परिक्षेत्र के 16 सुनार और पांच पेट्रोल-डीजल पंपों पर घटतौली पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
10 हजार तक जुर्माने का प्रावधान
विधिक माप विज्ञान अधिनियम की धाराओं के अनुसार घटतौली करने के आरोप में दस हजार या उससे अधिक रुपये जुर्माने का प्रावधान है और जुर्माना न भरने पर तीन या छह महीने में मामला कोर्ट में चला जाता है। हल्द्वानी का ही एक मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
कोट
घटतौली की जांच के लिए विभाग की ओर से गई जांच पड़ताल में शराब बार, निजी अस्पताल, परचून की दुकान, रेस्तरां आदि जगहों पर घटतौली के मामले मिले हैं। पिछले दो महीने में हल्द्वानी परिक्षेत्र में कुल 176 दुकानदारों का चालान कर 3,60,500 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
- खुशाल सिंह रावत, सहायक नियंत्रक बाट माप विभाग, हल्द्वानी।