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गंदगी के बीच खेलेंगे होली
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 04 Mar 2015 01:48 AM IST
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शहर के लोग इस बार की होली गंदगी और सड़ांध के बीच खेलेंगे। नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर अब सड़ांध मारने लगा है। शहर में चारों तरफ कूड़ा बिखरा है। डस्टबिन ओवरफ्लो हैं।
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आवारा जानवर कूड़े के ढेर को सड़कों पर फैला रहे हैं। आंदोलित कर्मचारियों के साथ नगर प्रशासन की मंगलवार को दूसरे दौर की वार्ता भी विफल हो गई है। कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में रैली निकालकर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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नगर निगम के कर्मचारियों का पीएफ, ग्रेच्युटी फंड, लीव इन कैश का बकाया है, जिसके भुगतान की मांग को लेकर नगर निकाय कर्मचारी महासंघ ने पिछले दिनों मुख्य नगर अधिकारी से वार्ता के लिए समय मांगा। वार्ता नहीं होने से कर्मचारी आक्रोशित हो गए और गेट मीटिंग करने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। महासंघ अध्यक्ष डीएल साह और मंत्री नरेंद्र सिंह परमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मंगलवार को रैली निकाली और निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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कर्मचारियों के अलावा आठ सूत्रीय मांगों को लेकर स्वच्छकार भी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर हैं, जिससे शहर कूड़ाघर में बदल गया है। स्वच्छकार कर्मचारी संघ अध्यक्ष राहत भाई एवं सचिव अशोक राज के मुताबिक प्रशासन उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है। मांगें पूरी नहीं होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
हड़ताली कर्मचारियों से दो बार की वार्ता हो चुकी है। तीसरे दौर की वार्ता बुधवार को होनी है। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निर्वाचित बोर्ड प्रतिनिधियों को ही करना है। बतौर मुख्य नगर अधिकारी उनके स्तर पर निगम की आय बढ़ाने के सुझाव बोर्ड प्रतिनिधियों को दे दिए हैं। -आरडी पालीवाल, मुख्य नगर अधिकारी
13 करोड़ की है देनदारी
नगर निगम प्रशासन पर कर्मचारियों का करीब 13 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें करीब नौ करोड़ रुपए ग्रेच्युटी फंड का ही शामिल है। करीब 78 लाख रुपए पीएफ और बाकी लीव इन कैश का बकाया है। तहबाजारी, किराएदारी और टैक्स से निगम की सालाना आय करीब दो करोड़ 30 लाख रुपए है, जबकि कर्मचारियों के वेतन में ही 14 करोड़ चला जाता है। ऐसे में निगम प्रशासन पर कर्मचारियों की देनदारी लगातार बढ़ रही है।
कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। जनहित को देखते हुए त्योहार पर हड़ताल मुनासिब नहीं है। बुधवार तक कोई न कोई समाधान होने की पूरी संभावना है। जहां तक देनदारी की बात है उत्तराखंड के सभी निकायों की हाल खराब है। नगर निकायें सरकार की दोहरी नीति की शिकार हैं। करीब 80 फीसदी निकायों में 120 करोड़ की देनदारी है। हल्द्वानी नगर निगम में 10 करोड़ की देनदारी निगम बनते ही विरासत में मिली है। सरकार को देनदारी का भुगतान करने के लिए बजट में प्रावधान करना चाहिए। - डा. जोगेंद्र रौतेला, मेयर
मेयर और एमएनए से मिले भाजपाई
भाजपा का एक शिष्टमंडल नगर अध्यक्ष चंदन बिष्ट के नेतृत्व में मुख्य नगर अधिकारी एवं मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला से मिला और सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म कराने की मांग की। भाजपाइयों ने कहा कि होली नजदीक है। हड़ताल नहीं टूटी तो दुर्गंध से शहर में निकलना दूभर हो जाएगा। इस दौरान विंदेश गुप्ता, हुकुम सिंह कुंवर, डा. अनिल डब्बू, प्रदीप बिष्ट, प्रकाश रावत, विजय मनराल, संजय दुम्का, हरीश आर्या, राहुल झिंगरन, गणेश पंत, सुरेंद्र रावत, अनीस आलम मौजूद थे।