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अवैध रूप से खनन पट्टो के संचालन पर हाईकोर्ट गंभीर, जवाब तलब
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बीटी गंज रूड़की में नगर पालिका की भूमि के दो पट्टों की 30 साल की लीज खत्म होने के बावजूद उनके संचालन तथा व्यावसायिक प्रयोग से सरकार को हो रहे राजस्व के नुकसान को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने नगर पालिका, जिलाधिकारी हरिद्वार सहित पट्टेदार को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
किसान मजदूर संगठन के नेता रुड़की निवासी राकेश अग्रवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने कहा है कि रुड़की बीटी गंज में वर्ष 1950 में नगर पालिका ने ओमप्रकाश को 30 वर्ष के लिए दो पट्टे रिहायशी प्रयोग के लिए दिए थे। नियमों के तहत 30 वर्ष समाप्त होने के बाद वह भूमि नगर पालिका को वापस की जानी थी लेकिन पट्टेदार की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने भूमि पालिका को न लौटाकर उसमें व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दीं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
याचिकाकर्ता की ओर से मामले की जांच कर वर्ष 1982 से अब तक पट्टेदार द्वारा अर्जित की गई राशि की वसूली की मांग की गई है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नगर पालिका, जिलाधिकारी हरिद्वार सहित पट्टेदार को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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किसान मजदूर संगठन के नेता रुड़की निवासी राकेश अग्रवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने कहा है कि रुड़की बीटी गंज में वर्ष 1950 में नगर पालिका ने ओमप्रकाश को 30 वर्ष के लिए दो पट्टे रिहायशी प्रयोग के लिए दिए थे। नियमों के तहत 30 वर्ष समाप्त होने के बाद वह भूमि नगर पालिका को वापस की जानी थी लेकिन पट्टेदार की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने भूमि पालिका को न लौटाकर उसमें व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दीं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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याचिकाकर्ता की ओर से मामले की जांच कर वर्ष 1982 से अब तक पट्टेदार द्वारा अर्जित की गई राशि की वसूली की मांग की गई है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नगर पालिका, जिलाधिकारी हरिद्वार सहित पट्टेदार को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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