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केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चर सेवा: निविदा प्रक्रिया में शामिल कंपनी को राहत नहीं
Fri, 07 Apr 2023 01:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 07 Apr 2023 01:00 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चर सेवा को प्री-पेड सिस्टम आधार पर संचालन के ठेके को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद निविदा प्रक्रिया में शामिल कंपनी को कोई राहत नहीं दी है। इस मामले में प्रथम दृष्टया निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी मानते हुए मामले को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई का निर्णय लिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग व सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। घोडा-खच्चर संचालन की निविदा में शामिल एटीएच कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग की ओर से इसकी निविदा तीन मार्च को प्रकाशित की गई थी और 15 मार्च को टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई। याचिकाकर्ता का कहना था कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चहेतों को लाभ पहुंचाने की मंशा से टेंडर आवंटन कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता पहले ही कोर्ट आते तो तब मामले में सुनवाई की जा सकती थी। कोर्ट ने इस याचिका को जनहित याचिका के रूप में स्वत: संज्ञान लिया और डीएम रुद्रप्रयाग से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। घोडा-खच्चर संचालन की निविदा में शामिल एटीएच कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग की ओर से इसकी निविदा तीन मार्च को प्रकाशित की गई थी और 15 मार्च को टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई। याचिकाकर्ता का कहना था कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चहेतों को लाभ पहुंचाने की मंशा से टेंडर आवंटन कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता पहले ही कोर्ट आते तो तब मामले में सुनवाई की जा सकती थी। कोर्ट ने इस याचिका को जनहित याचिका के रूप में स्वत: संज्ञान लिया और डीएम रुद्रप्रयाग से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
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