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हाईकोर्ट : राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की अनदेखी मामले में जवाब तलब

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 02:09 AM IST
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High Court: In the case of neglect of senior citizens in the state, the answer was called
नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की अनदेखी को लेकर डिपार्टमेंट ऑफ सोशियल वेलफेयर थ्रू सेक्रेटरी हल्द्वानी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में अभिभावकों का भरण पोषण एवं कल्याण हेतु वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007 में बना था, जिसे 2011 में लागू किया गया। याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार और पुलिस वरिष्ठ नागरिकों के प्रति जवाबदेही को लेकर गंभीर नहीं है। कोविड-काल में सबसे अधिक प्रभावित अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिक हुए हैं। इनकी देखभाल की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग की होती है।
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सरकार ने एक्ट को प्रभावी बनाने के लिए कमेटी भी बना दी। एक्ट में प्रावधान है कि पुलिस प्रत्येक माह एक बार मोहल्ले में रहने वाले बुजुर्गों की बैठक लेगी और उनकी समस्याओं को सुनेगी और निराकरण हेतु उसे समाज कल्याण विभाग को भेजेगी, लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर रही है। अकेले रह रहे बुजुर्गों को बीमार होने पर उन्हें अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी भी पुलिस की है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सरकार ने इस एक्ट को बनाने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अभी तक तो वरिष्ठ नागरिकों की पहचान तक नही की गई है।
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