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Uttarakhand News: बनभूलपुरा रेलवे भूमि मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, 16 दिसंबर मिली अगली तारीख

Wed, 10 Dec 2025 05:13 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 10 Dec 2025 05:13 PM IST
सार

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है।

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Hearing in Banbhoolpura railway land case postponed in Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट

विस्तार

बनभूलपुरा की रेलवे भूमि विवाद में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई समयाभाव के कारण फिर टल गई। अब हियरिंग की नई तारीख 16 दिसंबर मुकर्रर हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बुधवार को क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहा। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ गलियों में गश्त की। आरपीएफ व जीआरपी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में मुस्तैद रही।रेलवे स्टेशन हल्द्वानी से बनभूलपुरा की तरफ करीब 29 एकड़ जमीन के स्वामित्व के लिए सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को फाइनल प्रोसिडिंग थी।

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पहले इसकी सुनवाई दो दिसंबर को होनी थी लेकिन समय नहीं होने के कारण 10 दिसंबर की तारीख दी गई। बुधवार को भी सुनवाई समयाभाव के चलते ही नहीं हो पाई। इधर मामले में सुनवाई को देखते हुए बुधवार सुबह से ही बनभूलपुरा क्षेत्र छावनी में तब्दील रहा।कई एएसपी और सीओ के साथ ही पीएसी व अन्य बलों को मिलाकर 800 जवानों की तैनाती की गई थी। रोडवेज स्टेशन, मीरा मार्ग, मंगल पड़ाव, शनि बाजार, गौला पुल के साथ ही बनभूलपुरा की ओर आने वाले सभी मार्गों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया था। दोपहर में एक निजी स्कूल की बस रेलवे स्टेशन के सामने बने बैरियर के पास आई तो उसे लौटा दिया गया।
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बनभूलपुरा थाने में सुबह एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के साथ ही एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, एसपी जीआरपी अरुणा भारती, एसपी रेलवे पीके श्रीवास्तव, एडीएम विवेक कुमार राय, एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह के अलावा दस से ज्यादा थाना प्रभारी भी अपनी टीमों के साथ पहुंच थे। एसएसपी के साथ अफसरों ने बनभूलपुरा क्षेत्र में गश्त की।
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व्यापारी बोले, निर्णय जो भी आए दुकानें नहीं होंगी बंद
बनभूलपुरा प्रकरण में व्यापारी वर्ग अभी आदेश के इंतजार में है। हालांकि एक बात पर आम सहमति यह है कि दुकानें बंद नहीं होंगी। व्यापारियों का मत है कि पुलिस-प्रशासन मुस्तैद रहे और अतिक्रमण हटता भी है तो व्यापार में व्यवधान उत्पन्न न हो। देवभूमि व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह चड्ढा का कहना है कि अदालत का जो भी आदेश होगा वही सुप्रीम और सर्वमान्य होगा। हम सभी से यह अपील करते हैं कि अदालत के फैसले का सम्मान किया जाए। फिर भी यदि अतिक्रमण गिराने का आदेश आता है तो भी हम दुकानें बंद नहीं करेंगे। हमारी मांग है कि अतिक्रमण हटाने की सूरत में पुलिसबल मुस्तैद रहे और व्यापार भी होता रहे। व्यापारी नेता गोविंद सिंह बगड़वाल का कहना है कि मौजूदा स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।


याचिकाकर्ता बोले
सुबह ही हमारे साथ अन्य याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। गफूर बस्ती का केस नंबर 23 था लेकिन केस 15 तक की सुनवाई हो पाई। ऐसे में हमारे केस का नंबर नहीं आया। अब अगली तारीख 16 दिसंबर है। कोर्ट पर पूरा भरोसा है। माननीय न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, हमें मंजूर होगा। अब्दुल मतीन सिद्दीकी, याचिकाकर्ता

जो लोग रेलवे की जमीन में अतिक्रमण कर काबिज हुए हैं उनके पास उस जमीन के स्वामित्व संबंधी कोई साक्ष्य या आधार नहीं है। कोर्ट को सबूत और साक्ष्य चाहिए। वर्ष 2007, 2013 व 2022 में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई में कोर्ट ने माना है कि जमीन रेलवे की है। इसमें जो भी फैसला आएगा नजीर बनेगा। रविशंकर जोशी याचिकाकर्ता

देर रात दबिश देकर पुलिस ने 17 को हिरासत में लिया

बनभूलपुरा रेलवे जमीन प्रकरण में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के मद्देनजर पुलिस ने एहतियातन बवाल की आशंका में लोगों को पकड़ना शुरू कर दिया। मंगलवार रात पुलिस ने बनभूलपुरा के कई इलाकों में दबिश देकर 17 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें बनभूलपुरा दंगे में शामिल आरोपी भी थे। इन सभी को बुधवार देर शाम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद निजी मुचलके पर छोड़ा गया। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि ये सभी लोग क्षेत्र में रसूख रखते हैं। इनकी एक आवाज पर भीड़ एकत्रित हो सकती है। इसके अलावा, कुछ ऐसे भी हैं जिनकी संलिप्तता बनभूलपुरा हिंसा में भी थी। इसके साथ ही 20 को निजी मुचलके में पाबंद किया गया है। 

6 सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका पालन कराना पुलिस का कर्तव्य है। इस वजह से पर्याप्त फोर्स लगाई गई थी। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के साथ टीम मूवमेंट पर रही। बुधवार को माहौल शांतिपूर्ण रहा। सुनवाई की अगली तारीख पर भी इसी तरह से सुरक्षा व्यवस्था चुस्त रखी जाएगी। डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी

ड्रोन से की गई निगरानी...
रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा को देखते हुए फुटओवर ब्रिज से ड्रोन उड़ाकर उससे बनभूलपुरा की तंग गलियों की निगरानी की गई। गौलापुल के पास चोरगलिया की तरफ से आने वाले सभी वाहनों को वाया तीनपानी भेजा गया। बम निरोधक दस्ते ने भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चेकिंग की। डाग स्क्वायड भी सक्रिय रहा।

ग्राहक के लिए तरसे रेस्टोरेंट... रेलवे स्टेशन से रोडवेज स्टेशन तक होटल और रेस्टोरेंट हैं। रेलवे स्टेशन के सामने बैरिकेड के पास स्थित होटल तो खुले थे लेकिन इसमें लोग कम दिखे। यहां आवाजाही भी कम रही। यही स्थिति थोड़ी दूर के दो रेस्टोरेंटों में भी थी। रोडवेज स्टेशन के पास स्थित रेस्टोरेंट और होटल भरे दिखे।


गफूर बस्ती में दिखी हलचल... यह मामला रेलवे की जमीन से जुड़ा है। रेलवे के अनुसार गफूर बस्ती के साथ ही आसपास के 4365 मकान उसकी और सरकारी जमीन पर बने हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा इस बस्ती के लोग प्रभावित हो सकते हैं। बुधवार को सुनवाई की तारीख थी। बस्ती के मुहाने पर लोगों की जुबान पर इसी का जिक्र था। जैसे ही यहां एसएसपी टीम के साथ पहुंचे तो लोग अंदर चले गए। एसएसपी भी गली में चार कदम चले और फिर वापस आकर रेलवे स्टेशन की ओर चले गए।

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