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हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के एक रेलवे ट्रैक का खतरा, संचालन रोका गया
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हल्द्वानी। गौला नदी के कटाव से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के समीप पटरी संख्या- तीन को खतरा उत्पन्न हो गया है। ट्रैक को बचाने के लिए रेलवे कर्मियों ने बोल्डर और रेत की बोरी डालीं जो तेज बहाव में बह गईं। इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन के लिए लगे बिजली लाइन के खंभे भी कटाव में गिरने की स्थिति में हैं। बहरहाल, रेलवे ने पटरी संख्या-तीन पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया है।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर तीन रेलवे ट्रैक के माध्यम से ट्रेन का संचालन होता है। इसमें एक ट्रैक गौला नदी की तरफ है। बारिश से नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ गया है। रेलवे स्टेशन के समीप पटरी की तरफ कटाव हो रहा है। इससे ट्रैक खतरे में है। कर्मचारी दिन भर ट्रैक को बचाने में लगे रहे। इस बीच रेलवे ने ट्रैक नंबर तीन पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। ट्रैक नंबर एक और दो से ट्रेनों को गुजारा गया।
इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए लगाए गए बिजली के खंभे भी कटाव की जद में आने लगे हैैं। एक खंभा गिरताऊ स्थिति में पहुंच गया है। खतरे को भांपते हुए रेलवे अफसरों ने कुछ खंभों से तार हटा लिए हैं।
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इधर पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि संरक्षा की दृष्टि से पटरी संख्या-तीन पर ट्रेनों का संचालन रोका गया है जबकि रेलवे ट्रैक एक और दो से ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
पिछले साल भी हुआ था नुकसान
पिछले साल अक्तूबर में भी रेलवे लाइनों को नुकसान पहुंचा था। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर गौला नदी के कटाव के चलते शंटिंग लाइन को नुकसान पहुंचा। पटरी नदी में समा गई थी, यह अभी तक ठीक नहीं हो सका है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन की पटरी संख्या- तीन को लेकर खतरा उत्पन्न हुआ था। रेलवे कोे काठगोदाम और हल्द्वानी से ट्रेनों का संचालन को रोकना पड़ा था।
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हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर तीन रेलवे ट्रैक के माध्यम से ट्रेन का संचालन होता है। इसमें एक ट्रैक गौला नदी की तरफ है। बारिश से नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ गया है। रेलवे स्टेशन के समीप पटरी की तरफ कटाव हो रहा है। इससे ट्रैक खतरे में है। कर्मचारी दिन भर ट्रैक को बचाने में लगे रहे। इस बीच रेलवे ने ट्रैक नंबर तीन पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। ट्रैक नंबर एक और दो से ट्रेनों को गुजारा गया।
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इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए लगाए गए बिजली के खंभे भी कटाव की जद में आने लगे हैैं। एक खंभा गिरताऊ स्थिति में पहुंच गया है। खतरे को भांपते हुए रेलवे अफसरों ने कुछ खंभों से तार हटा लिए हैं।
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इधर पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि संरक्षा की दृष्टि से पटरी संख्या-तीन पर ट्रेनों का संचालन रोका गया है जबकि रेलवे ट्रैक एक और दो से ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
पिछले साल भी हुआ था नुकसान
पिछले साल अक्तूबर में भी रेलवे लाइनों को नुकसान पहुंचा था। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर गौला नदी के कटाव के चलते शंटिंग लाइन को नुकसान पहुंचा। पटरी नदी में समा गई थी, यह अभी तक ठीक नहीं हो सका है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन की पटरी संख्या- तीन को लेकर खतरा उत्पन्न हुआ था। रेलवे कोे काठगोदाम और हल्द्वानी से ट्रेनों का संचालन को रोकना पड़ा था।