फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Half an hour and left a trail of destruction Cyclone

आधे घंटे का चक्रवात और छोड़ गया तबाही के निशान

Tue, 07 Jun 2016 11:47 PM IST
निशांत खनी, हल्द्वानी।
निशांत खनी, हल्द्वानी। Updated Tue, 07 Jun 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
Half an hour and left a trail of destruction Cyclone
चक्रवात - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार सुबह चक्रवाती तूफान रुद्रपुर-हल्द्वानी रोड में टांडा जंगल में तबाही का मंजर छोड़ गया। तूफान का केंद्र मोतिया लाइन से संजय वन तक करीब छह किलोमीटर रहा। आधे घंटे के तूफान ने पूरा इलाका तहस नहस कर दिया। सैकड़ों छोटे और बड़े पेड़ धराशायी हो गए। रुद्रपुर को हल्द्वानी से जोड़ने वाली लाइफ लाइन बंद होने से सैकड़ों वाहनों में हजारों लोग फंसे रहे। ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिला प्रशासन के साथ वन विभाग की टीमों की कड़ी मशक्कत के बाद रूट खुला और वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।
विज्ञापन


मौसम विभाग ने सात से नौ जून तक उत्तराखंड में अलर्ट जारी किया है। इसमें बादल फटने, चक्रवात तूफान और मूसलाधार बरसात के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई है। सात जून की सुबह ही टांडा जंगल में चक्रवाती तूफान ने कहर बरपा। यह रोड हल्द्वानी और रुद्रपुर को जोड़ती है। हजारों लोग इससे आवाजाही करते हैं। सुबह दस बजे तूफान शुरू हुआ और साढ़े दस बजे तक तूफान से करीब छह किलोमीटर की परिधि में तबाही की दास्तां लिख दी। उस वक्त सैकड़ों वाहनों में हजारों लोग तूफान के बीच फंसे थे। अधिकांश लोग हल्द्वानी से सिडकुल के कारखानों में ड्यूटी करने वाले थे।
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हवा की गति इतनी तेज थी कि सड़क के दोनों तरफ खड़े दशकों पुराने पेड़ धराशायी हो गए। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक तूफान देख लोगों में भगदड़ मच गई। अधिकांश लोग वाहनों में फंसे थे। वाहनों के ऊपर पेड़ गिरने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन बाहर तूफान में उड़ने की डर से वाहनों से बाहर नहीं निकले। करीब साढ़े दस बजे तूफान संजय वन के करीब आकर शांत हो गया। आधे घंटे के तूफान से टांडा जंगल की सड़क धराशायी पेड़ों से पट गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सूचना पर ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौके पर रवाना हुई। दोनों जिलों की टीमों ने अपनी-अपनी सीमाओं से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह और एसडीएम एपी बाजपेयी खुद ही आरे से पेड़ काटने में जुट गए। जेसीबी और क्रेन की मदद से सड़क से पेड़ों को हटाया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रूट पूरी तरह खुल सका। तब तक कई किमी लंबी वाहनों की लाइन लग गई। रूट खुलने के बाद भी पूरी तरह यातायात सुचारु होने में दो घंटे लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed