Haldwani Hinsa: एक शख्स के अवैध कारोबार के चलते छिन गई शहर की शांति, 26 साल पहले भी बनभूलपूरा में हुआ था पथराव
एक शख्स अब्दुल मलिक के चलते पूरे शहर का अमन-चैन छिन गया। मलिक ने अपने रसूख से अवैध कब्जे के किले मजबूत किए, उसमें सरकारी महकमे घुसने की कोशिश करने से पहले सोचते थे। आठ फरवरी को सरकारी महकमे पहुंचे तो जमकर पथराव और आगजनी हुई।
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एक शख्स अब्दुल मलिक के चलते पूरे शहर का अमन-चैन छिन गया। मलिक ने अपने रसूख से अवैध कब्जे के किले मजबूत किए, उसमें सरकारी महकमे घुसने की कोशिश करने से पहले सोचते थे। आठ फरवरी को सरकारी महकमे पहुंचे तो जमकर पथराव और आगजनी हुई। पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इसके चलते पूरे शहर में कर्फ्यू लगा। अवाम दहशत में है। एक बड़े इलाके के लोग अभी भी कर्फ्यू झेल रहे हैं। 70 हजार की आबादी एक दायरे में कैद जैसी है।
मलिक के बगीचे में स्टांप पर जमीन खरीदने बेचने का खेल चला। यहां देखते ही देखते मकान बन गए। तुलनात्मक तौर पर सस्ती जमीन, सरकारी प्रक्रिया का झंझट नहीं होने के कारण लोगों ने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। इस पूरे खेल का रिमोट मलिक के पास था। उसका साम्राज्य अभेद्य बना हुआ था। ऐसे में जब कार्रवाई शुरू हुई तो हिंसा शुरू हो गई, जिस तरह से हमला किया गया, पेट्रोल बम से लेकर आगजनी और पथराव किया गया, उसको अचानक हुई प्रतिक्रिया नहीं माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि इसकी तैयारी की गई थी और जैसे ही टीम इलाके में दाखिल हुई और हमला हो गया। इस पूरी घटना का मास्टर माइंड मलिक माना जा रहा है। शहर ने पहली बार आगजनी, गोली चलने की घटना को देखा है। इसके बाद से कर्फ्यू लगा है, लोग उसमें फंसे रहे। इंटरनेट सेवा ठप रही। अभी भी सत्तर हजार से अधिक लोग एक इलाके में कैद होकर रहे गए हैं। रोजगार प्रभावित है। कई दिन बाद बीत जाने के बाद भी लोगों घटना से पूरी तरह उबर नहीं सके।
26 साल पहले भी बनभूलपुरा में पथराव हुआ था। बताया जाता है कि एक मामले में तत्कालीन बनभूलपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज योगेश दीक्षित के नेतृत्व में टीम एक मामले में अब्दुल मलिक को पकड़ने उनके आवास पर पहुंची थी। टीम जैसे ही मलिक को गिरफ्तार कर लेकर चलना शुरू हुई तो सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और टीम का विरोध करने लगे। इस दौरान जमकर पथराव हुआ। इसमें तत्कालीन एसपी सिटी पुष्कर सैलाल समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। पर इन हालात के बीच भी तत्कालीन चौकी इंचार्ज मलिक को लेकर कोतवाली तक पहुंच गए थे।