फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Haldwani Hinsa:People imprisoned in their own homes in Banbhoolpura Haldwani

Haldwani Hinsa: सड़क पर ईंट और पत्थर, जली हुई जेसीबी और वाहन...बंद दरवाजों के बीच खामोश है मलिक का बगीचा

Mon, 12 Feb 2024 09:20 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 12 Feb 2024 09:20 AM IST
सार

हल्द्वानी हिंसा के बाद से बनभूलपुरा इलाका सुनसान है। मलिक के बगीचे के चारों ओर ईंट और पत्थर, जली हुई जेसीबी और वाहन पड़े हुए है। सुनसान सड़कों पर जले हुए वाहनों के अवशेष आग की भयावहता को बता रहे हैं।

विज्ञापन
Haldwani Hinsa:People imprisoned in their own homes in Banbhoolpura Haldwani
हल्द्वानी बवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सड़क पर ईंट और पत्थर, जली हुई जेसीबी और वाहन, घरों के बंद दरवाजे, इन बंद घरों की दरख्तों से झांकते बच्चे, सामान लेकर पैदल ही गलियों से निकलते लोग...कुछ ऐसा नजारा है बनभूलपुरा के मलिक का बगीचा क्षेत्र का। यह बेबसी हिंसा और दहशत के मंजर को बयां कर रही है। सुनसान सड़कों पर जले हुए वाहनों के अवशेष आग की भयावहता को बता रहे हैं।

विज्ञापन

रविवार की सुबह नमरा मस्जिद के पास कब्रिस्तान से लगी सड़क से होते हुए मलिक के बगीचे तक पहुंचे तो तबाही का मंजर नजर आया। हर तरफ सन्नाटा पसरा था। आधे-अधूरे ढंग से ढहाए गए अतिक्रमण के पत्थर बिखरे हुए थे। मलिक का बगीचे के पास से गोपाल मंदिर को जाने वाले रास्ते में जहां-तहां जली हुईं गाड़ियां नजर आई। अतिक्रमण तोड़ने गई तीन जेसीबी मशीनें जली हुई थीं। एक पिकअप वाहन पलटा हुआ था। उसमें भी तोड़फोड़ की गई थी। इसके पीछे खड़ा एक मालवाहक छोटा वाहन पूरी तरह से जला पड़ा था। यहां एक दुकान में आग की भयावह के निशान जरूर थे। शटर टूटा और मुड़ा हुआ था। शटर और मकान में लगी कालिख आग के निशान बता रही थी। पुलिस के बेरिकेडिंग जहां-तहां पड़े थे। कई चार पहिया और दो पहिया वाहनों का जला हुआ अवशेष पड़ा था। इससे आगे नगर निगम का ट्रैक्टर और उसके पास एक कार जली हुई थी।

विज्ञापन

घरों पर लटके ताले, गलियां सुनसान
मलिक के बगीचे के चारों ओर के घरो में ताले लटके हुए थे। ऐसा लग रहा था कि यहां कोई रहता ही न हो। कुछ घरों में लोग जरूर थे लेकिन न तो कोई बाहर निकलने की हिम्मत जुटा रहा था और न झांकने की। हालांकि कुछ घरों से छोटे बच्चे जरुर छिपछिपकर बाहर देखने की कोशिश कर रहे। मलिक के बगीचे को जाने वाली तीनों गलियों में दोनों तरफ के घरों में ताले लटके हुए थे। लोग परिवार सहित इलाके को छोड़कर जा चुके थे। गलियों में पसरा सन्नाटा दहशत बताने के लिए काफी था। कुछ जगह घर पर लोग थे, जो बाहर देख रहे थे मगर फिर अंदर चले जा रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये पढ़ें- Haldwani: देखते ही देखते बनभूलपुरा में मलिक ने बगीचे में बसा दिए परिवार, जानें कैसे शुरू हुआ अतिक्रमण का खेल

शौहर को उठा ले गए, हमारी भी सुनो
मलिक के बगीचे को जाने वाली गलियों से कई लोग बाहर आते नजर आए। कोई मुंह छिपाकर बचते हुए निकल गया, तो कोई बात न करने की बात कहने लगा। एक व्यक्ति ने चलते-चलते कहा कि भाई बस यहां से निकल जाएं, तो फिर बात कर लेंगे। इसके बाद वह अपने बच्चों को भी तेजी से चलने के लिए कहकर आगे बढ़ गए। एक घर से एक महिला ने कहा कि हमारे शौहर को उठा ले गए हैं। उनकी गलती भी नहीं थी, हमारी भी सुन लो।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed