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Nainital News: शव कब्जे में लेने के लिए करने पड़े कई राउंड फायर
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प्रतीकात्मक
रामनगर (नैनीताल)। ढेला के जंगल में महिला को मारने के बाद बाघ शव को जंगल के अंदर करीब डेढ़ किलोमीटर तक ले गया। महिला को खोज रहे वनकर्मियों को अचानक बाघ नजर आया। शव को कब्जे में लेने के लिए वनकर्मियों को चार से पांच राउंड फायरिंग करनी पड़ी तब जाकर बाघ भागा।
ढेला रेंजर अजय कुमार ध्यानी ने बताया कि बाघ महिला पर हमला करने के बाद उसके शव को डेढ़ किलोमीटर दूर ले गया। करीब तीन घंटे बाद वनकर्मी जब जंगल में शव के पास पहुंचे तब वहां पर बाघ था। जैसे ही वनकर्मी करीब जाने लगे तो बाघ अचानक धमक आया। बाघ को देखकर वनकर्मियों ने उसे भगाने के लिए चार से पांच राउंड फायरिंग की। फायरिंग की आवाज सुनकर बाघ मौके से गया। इसके बाद वनकर्मियों ने शव को कब्जे में लिया। एसडीओ डॉ. शालिनी जोशी ने बताया कि इलाके में वनकर्मियों की गश्त शुरू करा दी है। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने की अपील की है। एसडीओ ने बताया कि तीन दिन पहले गांव में बाघ की दहशत को देखते हुए जंगल नहीं जाने की अपील की थी लेकिन महिलाएं ने नहीं सुनी। बाघ का शिकार बनी महिला का कॉर्बेट के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. दुष्यंत शर्मा ने ब्लड सैंपल लिया है।
महिला की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश, वनकर्मियों की सुरक्षा दिलाने की मांग
रामनगर (नैनीताल)। मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने से ग्रामीणों में आक्रोश है। हाथीडंगर में महिला के बाद कानिया में बाघ गायों को मार चुका है। अब बाघ के पटरानी की महिला को निवाला बनाने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मौके पर वनकर्मियों का घेराव कर रोष जताया।
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पटरानी (कारगिल) के मनोनीत प्रधान हरीश पंचवाल ने बताया कि मृतका अनीता उनकी भाभी है। अनीता के पति रमेश राम ढेला के एक रिजॉर्ट में काम करते हैं। महिला घरा का चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी बीनने जंगल में गई थी। वह अपने पीछे चार बच्चों का परिवार छोड़ गईं। घटना के बाद से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। हरीश पंचवाल का कहना है कि गांवों से लगे क्षेत्रों में बाघ के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। वन्यजीवों से ग्रामीणों की सुरक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं, ऐसे में ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है।
वन विभाग के खिलाफ करेंगे आंदोलन
किसान संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि इस घटना की पूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग की है। हमलावर बाघ को पकड़ने की कोशिश नहीं की गई है। इसी बाघ में हाथीडंगर में पूजा देवी को मारा था। अगर इस बाघ को तुरंत नहीं पकड़ा गया तो वन विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
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ढेला रेंजर अजय कुमार ध्यानी ने बताया कि बाघ महिला पर हमला करने के बाद उसके शव को डेढ़ किलोमीटर दूर ले गया। करीब तीन घंटे बाद वनकर्मी जब जंगल में शव के पास पहुंचे तब वहां पर बाघ था। जैसे ही वनकर्मी करीब जाने लगे तो बाघ अचानक धमक आया। बाघ को देखकर वनकर्मियों ने उसे भगाने के लिए चार से पांच राउंड फायरिंग की। फायरिंग की आवाज सुनकर बाघ मौके से गया। इसके बाद वनकर्मियों ने शव को कब्जे में लिया। एसडीओ डॉ. शालिनी जोशी ने बताया कि इलाके में वनकर्मियों की गश्त शुरू करा दी है। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने की अपील की है। एसडीओ ने बताया कि तीन दिन पहले गांव में बाघ की दहशत को देखते हुए जंगल नहीं जाने की अपील की थी लेकिन महिलाएं ने नहीं सुनी। बाघ का शिकार बनी महिला का कॉर्बेट के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. दुष्यंत शर्मा ने ब्लड सैंपल लिया है।
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महिला की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश, वनकर्मियों की सुरक्षा दिलाने की मांग
रामनगर (नैनीताल)। मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने से ग्रामीणों में आक्रोश है। हाथीडंगर में महिला के बाद कानिया में बाघ गायों को मार चुका है। अब बाघ के पटरानी की महिला को निवाला बनाने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मौके पर वनकर्मियों का घेराव कर रोष जताया।
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पटरानी (कारगिल) के मनोनीत प्रधान हरीश पंचवाल ने बताया कि मृतका अनीता उनकी भाभी है। अनीता के पति रमेश राम ढेला के एक रिजॉर्ट में काम करते हैं। महिला घरा का चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी बीनने जंगल में गई थी। वह अपने पीछे चार बच्चों का परिवार छोड़ गईं। घटना के बाद से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। हरीश पंचवाल का कहना है कि गांवों से लगे क्षेत्रों में बाघ के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। वन्यजीवों से ग्रामीणों की सुरक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं, ऐसे में ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है।
वन विभाग के खिलाफ करेंगे आंदोलन
किसान संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि इस घटना की पूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग की है। हमलावर बाघ को पकड़ने की कोशिश नहीं की गई है। इसी बाघ में हाथीडंगर में पूजा देवी को मारा था। अगर इस बाघ को तुरंत नहीं पकड़ा गया तो वन विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।