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गुरुद्वारे में गूंजा ‘जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल’
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Wed, 15 Apr 2015 02:19 AM IST
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खालसा पंथ के स्थापना दिवस पर गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में मंगलवार को सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह को याद किया गया। इस दौरान जलियावाला बाग कांड के शहीदों को भी सिख समुदाय ने श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरुद्वारा ‘जो बोले सो निकाल सतश्री अकाल’ से गूंज उठा। इधर, रात में कीर्तन दरबार गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब राजेंद्र नगर में किया गया।
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गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में मंगलवार को बैसाखी और खालसा स्थापना दिवस पर गुरमत समागम किया गया। सुबह चार बजे गुरुद्वारा साहिब श्री सुखमनी साहिब एवं नितनेम की वाणियों के पाठ का उच्चारण किया गया। इसके बाद खटीमा से आए पंच प्यारे साहिबान ने अमृत संचार कराया। चंडीगढ़ से आए भाई देशदीप सिंह और साथी ने पौवो पाहुल खंडेधार होगे जनम सुहैला और अमृत की सार सोई जाने जो अमृत का वापारि जिओ आदि शबदों का गायन कर संगत में जोश और उत्साह का संचार किया। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर चलता रहा।
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अध्यक्ष नरेंदर जीत सिंह कोहली ने साध संगत और सेवादारों को धन्यवाद दिया। इस दौरान ज्ञानी किरपाल सिंह, रणजीत सिंह, गुरुचरन सिंह प्रिंस, जतिंदर पाल सिंह, सतिंदर सिंह, गुरदीप सिंह, अमरीक सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, रविंदर सिंह, गुरदयाल सिंह, भूपिंदर कौर, गुरजीत सिंह आदि थे।
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उधर, गुरुद्वारा सचखंड दरबार बेलबाबा रामपुर रोड में बैसाखी पर्व पर दीवान सजाया गया। सुबह पाठ की समाप्ति के बाद सुखमनी सोसाइटी द्वारा एक घंटा कीर्तन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अटूट लंगर चलता रहा। इस दौरान प्रबंधक कमेटी के मुख्य सेवादार राजेंद्र सिंह महेंद्र सिंह, दलजीत सिंह, त्रिलोक सिंह, देवेंद्र सिंह, हीरा सिंह, वीर सिंह, गुरुमीत कौर, सुखबिंदर कौर आदि मौजूद रहे।