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Nainital News: गुलशन दुनिया में क्या खोया...उसे सारा जहां मिल गया
Wed, 20 Aug 2025 02:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 20 Aug 2025 02:25 AM IST
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रामनगर। बेगूसराय बिहार निवासी 14 साल के गुलशन के साथ 2023 में तकदीर ने एक खेल खेला। खेल ऐसा कि शुरुआत में लगा कि उसके साथ किस्मत दगा कर रही है, क्योंकि मात्र 60 प्रतिशत बौद्धिक क्षमता वाला यह बालक अपने घर और परिवार वालों से बिछड़कर दुनिया में अकेला पड़ गया था। मगर तकदीर का खेल कुछ और चल रहा था जिसने उसे दुनिया के तमाम उतार-चढ़ाव भरे रास्तों से होते हुए शिखर तक पहुंचाना था। किस्मत के इसी खेल की बदौलत खेलों के बारे में दूर-दूर तक वास्ता न रखने वाला बालक दो साल बाद न केवल अपने माता-पिता से मिल चुका है बल्कि दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित होने वाले स्पेशल ओलंपिक में वह हिस्सा लेते दिखेगा। अब इस बालक का जीवन के एक पड़ाव में खोना ही उसके जीवन में कुछ पाने का माध्यम बन गया।
ग्राम मझौल मधुबन बेगूसराय, बिहार निवासी गुलशन कुमार (14) मानसिक रूप से अपनी उम्र के बच्चों से पीछे है। जनवरी 2023 में घर से दोस्तों के साथ गया और खो गया। तब 12 साल का यह बालक हरिद्वार में भटकता मिला जिसे बाल कल्याण समिति ने संभाला मगर उसके माता-पिता का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। बाद में उसे हरिद्वार में ही राजकीय बाल गृह रोशनाबाद स्थानांतरित कर दिया गया। फिर तमाम प्रयासों के बाद उसका प्रवेश यूएसआर इंदू समिति रामनगर बाल गृह में हो गया और यहीं से उसके जीवन ने करवट ली। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि वह मानसिक रूप से 60 प्रतिशत अक्षम्य है। समिति के प्रयासों से उसे 2024 में दिव्यागों के जेएसआर विशेष विद्यालय रामनगर में दाखिला मिला। यहीं से गुलशन साइक्लिंग, फुटबाल, बॉल थ्रो जैसे खेलों से होते हुए फुटबाल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंच गया। इस बीच उसके माता-पिता से भी संपर्क हो गया, दूसरी तरफ उसका चयन सितंबर 2025 में राजस्थान गंगनगर में होने वाली राष्ट्रीय स्तर के स्पेशल ओलंपिक में हैंडबॉल के लिए हो गया है। माता-पिता को जब इस बारे में पता चला तो उन्हें लगा जैसे गुलशन की दुनिया ही बदल गई है। उन्हें यहां एक दूसरा ही गुलशन मिला और अब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
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ग्राम मझौल मधुबन बेगूसराय, बिहार निवासी गुलशन कुमार (14) मानसिक रूप से अपनी उम्र के बच्चों से पीछे है। जनवरी 2023 में घर से दोस्तों के साथ गया और खो गया। तब 12 साल का यह बालक हरिद्वार में भटकता मिला जिसे बाल कल्याण समिति ने संभाला मगर उसके माता-पिता का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। बाद में उसे हरिद्वार में ही राजकीय बाल गृह रोशनाबाद स्थानांतरित कर दिया गया। फिर तमाम प्रयासों के बाद उसका प्रवेश यूएसआर इंदू समिति रामनगर बाल गृह में हो गया और यहीं से उसके जीवन ने करवट ली। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि वह मानसिक रूप से 60 प्रतिशत अक्षम्य है। समिति के प्रयासों से उसे 2024 में दिव्यागों के जेएसआर विशेष विद्यालय रामनगर में दाखिला मिला। यहीं से गुलशन साइक्लिंग, फुटबाल, बॉल थ्रो जैसे खेलों से होते हुए फुटबाल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंच गया। इस बीच उसके माता-पिता से भी संपर्क हो गया, दूसरी तरफ उसका चयन सितंबर 2025 में राजस्थान गंगनगर में होने वाली राष्ट्रीय स्तर के स्पेशल ओलंपिक में हैंडबॉल के लिए हो गया है। माता-पिता को जब इस बारे में पता चला तो उन्हें लगा जैसे गुलशन की दुनिया ही बदल गई है। उन्हें यहां एक दूसरा ही गुलशन मिला और अब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
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