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मैदान के डिग्री कॉलेजों में नहीं रखे जाएंगे गेस्ट टीचर
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प्रतीकात्मक फोटो
हल्द्वानी। मैदानी क्षेत्रों के राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत 47 गेस्ट टीचरों को पहाड़ के दुर्गम महाविद्यालयों में स्थानांतरित करने के बाद इनके स्थान पर दूसरे गेस्ट टीचर रखने का मामला खटाई में पड़ गया है। शासन ने केवल पहाड़ के महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के रिक्त स्थानों पर गेस्ट टीचर रखने के आदेश दिए हैं।
पहाड़ के दुर्गम राजकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित होने पर शासन ने दो महीने पूर्व मैदानी क्षेत्रों के महाविद्यालयों में तैनात करीब 47 गेस्ट टीचरों को वहां स्थानांतरित कर दिया था। महिला महाविद्यालय समेत कई महाविद्यालयों से गेस्ट टीचर इसके बावजूद पहाड़ भेज दिए गए थे जहां नियमित प्राध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण गेस्ट टीचरों से ही काम चलाया जा रहा था।
शासन के आदेश पर उच्चशिक्षा निदेशालय से जो आदेश जारी हुए उसमें केवल पहाड़ के महाविद्यालयों में ही गेस्ट टीचर रखने का जिक्र किया गया है। पहाड़ के महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अत्यंत अस्थायी कामचलाऊ व्यवस्था के तहत गेस्ट टीचर रखने का अधिकार दिया गया है। इन गेस्ट टीचरों को 500 रुपये प्रति वादन, दिन में अधिकतम दो वादन पढ़वाने को कहा गया है। मैदान के महाविद्यालयों से हटाए गए गेस्ट टीचरों के स्थान पर तैनाती करने के संबंध में कोई आदेश नहीं किया है। इधर, छात्र संख्या के हिसाब से कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज समेत रामनगर, रुद्रपुर समेत दूसरे महाविद्यालयों में गेस्ट टीचर न रखे जाने की वजह से पढ़ाई प्रभावित होने के आसार है।
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पहाड़ के दुर्गम राजकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित होने पर शासन ने दो महीने पूर्व मैदानी क्षेत्रों के महाविद्यालयों में तैनात करीब 47 गेस्ट टीचरों को वहां स्थानांतरित कर दिया था। महिला महाविद्यालय समेत कई महाविद्यालयों से गेस्ट टीचर इसके बावजूद पहाड़ भेज दिए गए थे जहां नियमित प्राध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण गेस्ट टीचरों से ही काम चलाया जा रहा था।
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शासन के आदेश पर उच्चशिक्षा निदेशालय से जो आदेश जारी हुए उसमें केवल पहाड़ के महाविद्यालयों में ही गेस्ट टीचर रखने का जिक्र किया गया है। पहाड़ के महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अत्यंत अस्थायी कामचलाऊ व्यवस्था के तहत गेस्ट टीचर रखने का अधिकार दिया गया है। इन गेस्ट टीचरों को 500 रुपये प्रति वादन, दिन में अधिकतम दो वादन पढ़वाने को कहा गया है। मैदान के महाविद्यालयों से हटाए गए गेस्ट टीचरों के स्थान पर तैनाती करने के संबंध में कोई आदेश नहीं किया है। इधर, छात्र संख्या के हिसाब से कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज समेत रामनगर, रुद्रपुर समेत दूसरे महाविद्यालयों में गेस्ट टीचर न रखे जाने की वजह से पढ़ाई प्रभावित होने के आसार है।
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