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सरकार ने कहा-भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड में नहीं हुआ भ्रष्टाचार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 02:38 AM IST
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Government said - there was no corruption in the building and other construction welfare board
नैनीताल। हाईकोर्ट में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड में हुए भ्रष्टाचार के मामले में सरकार ने जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। इसमें सरकार ने बताया कि बोर्ड में 20 करोड़ रुपये का कोई गबन या भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।
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बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के कारण 20 करोड़ रुपये दूसरी कंपनी को दे दिए गए थे, जो अब सरकार के खाते में वापस आ चुके हैं। सरकार ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड के जिन अधिकारियों के कारण यह लापरवाही हुई, उनके खिलाफ उत्तराखंड सरकारी सेवक अनुशासनिक संशोधित नियमावली के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने शपथपत्र में बताया कि भवन एवं सन्निर्माण कल्याण बोर्ड की तत्कालीन सचिव दमयंती रावत, मुख्य चिकित्साधिकारी कर्मचारी राज्य बीमा योजना डॉ. आकाशदीप, मुख्य फार्मासिस्ट कर्मचारी राज्य बीमा योजना बीएन सेमवाल और वरिष्ठ सहायक श्रम नवाब सिंह इसमें शामिल थे।
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सरकार की इस दलील के बाद मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट 10 नवंबर तक कोर्ट में पेश करने के निर्देश सरकार को दिए हैं।
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यह है मामला
काशीपुर निवासी खुर्शीद अहमद ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2020 में भवन एवं सन्निर्माण कल्याण बोर्ड ने श्रमिकों के लिए टूल किट, सिलाई मशीनें एवं साइकिलें खरीदीं थीं। इस खरीद में बोर्ड अधिकारियों ने वित्तीय अनियमितताएं कीं। जब इसकी शिकायत प्रशासन और राज्यपाल से की गई तो अक्तूबर 2020 में बोर्ड को भंग कर दिया गया। बोर्ड का नया चेयरमैन शमशेर सिंह सत्याल को नियुक्त किया गया। जब चेयरमैन ने जांच कराई गई तो घोटाले की पुष्टि हुई। मामले में श्रम आयुक्त उत्तराखंड ने भी जांच की, जिसमें बड़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों के नाम सामने आए लेकिन सरकार ने श्रमायुक्त को हटाकर नया जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया। याचिका में कहा गया कि नए जांच अधिकारी निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे हैं।
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