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राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर होगी श्री गोलज्यू रथयात्रा -मर्तोलिया
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Goljyu Yatra in Pithauragarh
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पिथौरागढ़। न्याय के देवता के रूप में विख्यात गोलज्यू की रथयात्रा सोमवार को सीमांत मदकोट के बौना गांव की अति दुर्गम पहाड़ी धरतीधार से शुरू होगी। ये यात्रा 26 अप्रैल को जिला मुख्यालय में पहुंचेगी। यात्रा मार्ग पर कई जगह लोग गोलज्यू रथ का स्वागत करेंगे। करीब 2200 किमी की इस यात्रा में उत्तराखंड राज्य स्थापना के दो दशकों की उपलब्धियों और खामियों पर का दस्तावेज भी तैयार किया जाएगा।
यात्रा के संयोजक और अपनी धरोहर संस्था के अध्यक्ष पूर्व पुलिस महानिरीक्षक अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश मर्तोलिया ने रविवार को पत्रकार वार्ता में ये जानकारी दी। मर्तोलिया ने बताया कि श्री गोलज्यू रथयात्रा राज्य के भीतर पौराणिक महत्व के उन 22 आध्यात्मिक स्थलों तक पहुंचेगी, जहां गोलज्यू स्वयं गए थे, यात्रा के जरिये पूरे राज्य को एकसूत्र में पिरोएगा। इस दौरान राज्य निर्माण के बाद की बदलती सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, लोकजीवन का भी व्यापक अध्ययन किया जाएगा। इन सब स्थितियों का समग्र दस्तावेज तैयार कर राज्य और केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। ताकि लोगों के जीवनस्तर को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि ये यात्रा उत्तराखंड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
गोलज्यू चौपाल लगाकर ली जाएगी राय
पिथौरागढ़। अपनी धरोहर संस्था के सचिव विजय भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद लोगों ने क्या खोया, क्या पाया। इस पर सभी लोगों की राय इस यात्रा के दौरान गोलज्यू चौपाल में ली जाएगी। इसके लिए एक टीम इसी यात्रा में काम कर रही है। पूरे राज्य में इस यात्रा को लेकर लोगों में बहुत उत्साह है। प्रवासी उत्तराखंडी, सभी राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन इस यात्रा के संचालन में शामिल हैं। यहां जिला संयोजक विप्लव भट्ट, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगदीश कलौनी, यात्रा संयोजक ललित पंत आदि रहे।
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यात्रा के संयोजक और अपनी धरोहर संस्था के अध्यक्ष पूर्व पुलिस महानिरीक्षक अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश मर्तोलिया ने रविवार को पत्रकार वार्ता में ये जानकारी दी। मर्तोलिया ने बताया कि श्री गोलज्यू रथयात्रा राज्य के भीतर पौराणिक महत्व के उन 22 आध्यात्मिक स्थलों तक पहुंचेगी, जहां गोलज्यू स्वयं गए थे, यात्रा के जरिये पूरे राज्य को एकसूत्र में पिरोएगा। इस दौरान राज्य निर्माण के बाद की बदलती सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, लोकजीवन का भी व्यापक अध्ययन किया जाएगा। इन सब स्थितियों का समग्र दस्तावेज तैयार कर राज्य और केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। ताकि लोगों के जीवनस्तर को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि ये यात्रा उत्तराखंड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
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गोलज्यू चौपाल लगाकर ली जाएगी राय
पिथौरागढ़। अपनी धरोहर संस्था के सचिव विजय भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद लोगों ने क्या खोया, क्या पाया। इस पर सभी लोगों की राय इस यात्रा के दौरान गोलज्यू चौपाल में ली जाएगी। इसके लिए एक टीम इसी यात्रा में काम कर रही है। पूरे राज्य में इस यात्रा को लेकर लोगों में बहुत उत्साह है। प्रवासी उत्तराखंडी, सभी राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन इस यात्रा के संचालन में शामिल हैं। यहां जिला संयोजक विप्लव भट्ट, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगदीश कलौनी, यात्रा संयोजक ललित पंत आदि रहे।
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