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अजय की ‘जय’ से दिग्गजों में अपच
निशांत खनी हल्द्वानी।
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:17 PM IST
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केंद्रीय कपड़ा एवं टेक्सटाइल राज्य मंत्री अजय टम्टा शुक्रवार दोपहर मंत्री बनने के बाद दूसरी बार हल्द्वानी पहुंचे। काफिले में अधिकांश बड़े नेता और उनके समर्थक गायब दिखे। मुंडन संस्कार से लेकर बर्थडे पार्टियों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले अधिकांश नेताओं की केंद्रीय राज्य मंत्री के स्वागत समारोह में गैर मौजूदगी चर्चाओं में रही। नेताओं के गायब रहने से उनके समर्थक भी नहीं दिखे। भाजपा नगर और जिला कार्यकारिणी के जो पदाधिकारी उपस्थित भी थे वो पार्टी के प्रोटोकॉल में औपचारिकता निभाते नजर आए।
केंद्रीय कपड़ा एवं टेक्सटाइल राज्य मंत्री अजय टम्टा मोदी सरकार में खुद के मंत्री बनने के पीछे भले ही उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद बता रहे हों, लेकिन हकीकत में भाजपा के बड़े दिग्गज ही टम्टा के बढ़ते कद को पचा नहीं पा रहे हैं। टम्टा की ताजपोशी के बाद से दिग्गजों में छटपटाहट शुरू हो गई है। खासकर 2017 का विधानसभा चुनाव अपने नेतृत्व में लड़वाने और मुख्यमंत्री की दावेदारी का सपना देखने वाले अब खुद में लालकृष्ण आडवाणी का प्रतिबिंब देखने लगे हैं। इससे पार्टी की गुटबाजी उभरकर सामने दिखने लगी है।
अजय टम्टा युवा सांसद हैं। संघ में मजबूत पकड़ होने के साथ ही सरल स्वभाव है उनका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजय टम्टा को अपनी कैबिनेट में शामिल कर उत्तराखंड के दिग्गजों को झटका देने के साथ ही भविष्य की राजनीति का एक संकेत भी दिया है। मोदी और शाह की सोच ने कई बड़े दिग्गजों को सदमे में पहुंचा दिया है। दिग्गजों के अलग-थलग पड़ने से भाजपा धड़ों में बंट गई है। खासकर, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा के कार्यक्रमों से दिग्गजों के समर्थक दूरियां बनाने लगे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों के अलावा होर्डिंग में भी गुटबाजी साफ नजर आने लगी है। दिग्गज खुद को इस सदमे से बाहर नहीं निकाल पाए तो भाजपा के लिए मिशन 2017 में मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
केंद्रीय कपड़ा एवं टेक्सटाइल राज्य मंत्री अजय टम्टा मोदी सरकार में खुद के मंत्री बनने के पीछे भले ही उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद बता रहे हों, लेकिन हकीकत में भाजपा के बड़े दिग्गज ही टम्टा के बढ़ते कद को पचा नहीं पा रहे हैं। टम्टा की ताजपोशी के बाद से दिग्गजों में छटपटाहट शुरू हो गई है। खासकर 2017 का विधानसभा चुनाव अपने नेतृत्व में लड़वाने और मुख्यमंत्री की दावेदारी का सपना देखने वाले अब खुद में लालकृष्ण आडवाणी का प्रतिबिंब देखने लगे हैं। इससे पार्टी की गुटबाजी उभरकर सामने दिखने लगी है।
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अजय टम्टा युवा सांसद हैं। संघ में मजबूत पकड़ होने के साथ ही सरल स्वभाव है उनका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजय टम्टा को अपनी कैबिनेट में शामिल कर उत्तराखंड के दिग्गजों को झटका देने के साथ ही भविष्य की राजनीति का एक संकेत भी दिया है। मोदी और शाह की सोच ने कई बड़े दिग्गजों को सदमे में पहुंचा दिया है। दिग्गजों के अलग-थलग पड़ने से भाजपा धड़ों में बंट गई है। खासकर, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा के कार्यक्रमों से दिग्गजों के समर्थक दूरियां बनाने लगे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों के अलावा होर्डिंग में भी गुटबाजी साफ नजर आने लगी है। दिग्गज खुद को इस सदमे से बाहर नहीं निकाल पाए तो भाजपा के लिए मिशन 2017 में मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
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