Nainital: सैलानियों के लिए आफत बना मस्ती वाला रविवार, कही मची चीख पुकार...तो कही जाम ने रुलाया
सुकून और मौज-मस्ती की तलाश में पहाड़ की वादियों में पहुंचे सैलानियों के लिए रविवार आफतभरा रहा। भीमताल झील में सैलानियों की नाव फंस गई, उनकी अटकी सांसों को उस वक्त सुकून मिला जब नाव किसी तरह किनारे आ लगी।
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सुकून और मौज-मस्ती की तलाश में पहाड़ की वादियों में पहुंचे सैलानियों के लिए रविवार आफतभरा रहा। भीमताल झील में सैलानियों की नाव फंस गई, उनकी अटकी सांसों को उस वक्त सुकून मिला जब नाव किसी तरह किनारे आ लगी। भीमताल और गरमपानी में सैलानियों को जाम से जूझना पड़ा। गर्मी में रेंगते हुए वाहनों की वजह से पर्यटकों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सरोवरनगरी में भीड़ देखकर पुलिस ने दूसरे राज्यों से आए पर्यटकों के वाहन रोक दिए तो सैलानी परेशान हो गए, उन्हें समझ में नहीं अब क्या करें। भला हो व्यापारियों का जिन्होंने पुलिस से कहसुनकर पर्यटकों को नैनीताल जाने दिया। इधर, कालाढूंगी में नैनीताल से लौट रहे पर्यटकों का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
टेंपो ट्रैवलर पलटने से 10 घायल, मची चीखपुकार
नैनीताल से घूमकर नई दिल्ली लौट रहे पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर रविवार दोपहर कालाढूंगी से पांच किमी पहले पलट गया। हादसे में टेंपो ट्रैवलर में सवार करीब 10 लोग घायल हो गए। गाड़ी में चालक परिचालक समेत 18 लोग सवार थे। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया। इनमें गंभीर रूप से घायलों को हल्द्वानी के उजाला सिग्नस अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
भीमताल से कैंचीधाम तक घंटों लगा रहा जाम
पर्यटन सीजन में सैलानियों को बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के पुलिस और जिला प्रशासन के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। रविवार को भीमताल, रानीबाग, भवाली और कैंचीधाम में घंटों जाम लगने से सैलानियों और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आधा घंटा झील में फंसी रही सैलानियों की नाव
जलस्तर कम होने से भीमताल झील में जमी सिल्ट सैलानियों के लिए खतरा बन रही है। रविवार को झील में बोटिंग करते समय सैलानियों की नाव आधे घंटे तक सिल्ट में फंसी रही। इससे सैलानियों में भय का माहौल पैदा हो गया। बाद में नाव चालकों ने धक्का देकर नावों को किनारे लगाया। स्थानीय लोगों ने कहा कि सिंचाई विभाग को उन जगहों पर नौकायन का संचालन बंद करवाना चाहिए, जहां जलस्तर कम होने से सिल्ट दिखाई दे रही है। ताकि सैलानियों की जान को कोई खतरा न हो सके और भीमताल झील को लेकर सैलानियों में कोई सवाल खड़े न हो सके।