{"_id":"5824c8ca4f1c1bf47eb3a95e","slug":"from-daylight-to-dark-on-the-bank-s-rate","type":"story","status":"publish","title_hn":"उजाले से अंधेरे तक बैंक के दर पर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उजाले से अंधेरे तक बैंक के दर पर
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
उजाले से अंधेरे तक बैंक के दर पर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुराने नोट बंद होने के बाद पहली बार बृहस्पतिवार को बैंक खुले। बैंकों में सुबह सात बजे से ही ग्राहकों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। पांच-पांच घंटे के इंतजार के बाद लोगों का नंबर तो आया, लेकिन कई बैंकों और पोस्ट ऑफिस को कैश नहीं मिलने के कारण लोगों को निराश लौटना पड़ा।
विज्ञापन
हालांकि लोगों ने अमान्य घोषित किए गए पांच सौ और एक हजार के नोट अपने खातों में जमा कराए। लेकिन, कैश नहीं होने से उन्हें निराश होना पड़ा। अन्य जिन बैंकों में कैश था, वहां खाताधारक को 10 हजार रुपए और बिना खाताधारक को एनेक्जर-5 फार्म भरवाकर पुराने नोट के बदले चार-चार हजार रुपए दिए गए।
विज्ञापन
शहर के तमाम बैंकों में लंबीं-लंबी कतारों में लगे लोग अपनी बारी की प्रतीक्षा करते नजर आए। बैंकों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण ग्राहकों को लेन-देन में काफी विलंब हो रहा था। एक ग्राहक को निपटाने में ही करीब पांच से सात मिनट का समय लग रहा था।
विज्ञापन
वहीं, बैंकों के बाहर पुलिस तैनात होने के बावजूद चौपहिया वाहनों में आ रहे ग्राहक सीधे बैंकों के भीतर घुस रहे थे और उनका काम बैंक शाखाएं जल्दी निपटा रही थीं। बैंकों के दोयम दर्जे के व्यवहार को लेकर आम ग्राहकों में नाराजगी दिखी और उन्होंने पुलिस को खरीखोटी सुनाई।
सबसे अधिक भीड़ एसबीआई की देवलचौड़ शाखा, निकट नगर निगम स्थित शाखा और बैंक ऑफ बड़ौदा की तिकोनिया शाखा, प्रधान डाकघर तथा कोऑपरेटिव बैंक शाखा में देखी गई। पोस्ट ऑफिस, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा को कैश नहीं मिला, जिस कारण वहां लोगों ने अपने पुराने नोट जमा कराने का काम किया।
नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक में भी पर्याप्त कैश नहीं होने से वहां ग्राहकों को मात्र दो-दो हजार रुपए ही दिए गए। सुबह से भूखे प्यासे लोगों को बैंकों में पानी भी उपलब्ध नहीं हुआ। बुजुर्गों के लिए कहीं कोई व्यवस्था नहीं थी।
बैंकों ने महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों के लिए अलग काउंटर तो दूर उन्हें पहले बैंक में बुलाने तक की कोई व्यवस्था नहीं की। बगैर केवाईसी वाले ग्राहकों का पेन कार्ड दिखाने के बाद 50 हजार रुपए तक जमा किया गया। केवाईसी ग्राहकों के जमा करने की सीमा अनलिमिटेड रही।
सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा ने बताया कि कई बैंकों में कैश खत्म होने और कम देने को लेकर ग्राहकों में नाराजगी दिखी। ग्राहकों की शिकायत पर कैनरा बैंक का निरीक्षण किया गया। शाखा प्रबंधक ने कहा कि कैश न होने के कारण नहीं दिया जा सका, जिससे ग्राहक नाराज दिखे।