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Nainital News: गूगल सर्च से ठगों को मिली खाते की चाभी
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हल्द्वानी। पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत्त कर्मी की एक चूक ने उन्हें 2.44 लाख की ठगी का शिकार बना दिया। गूगल से पीएनबी के एप को डाउनलोड करने की कोशिश को साइबर ठगों ने पकड़ा और उनके नंबर पर फोन कर उनके खाते से यह रकम उड़ाई। मुखानी थाना में मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना जुटी है।कुसुमखेड़ा स्थिति बिठौरिया नंबर एक बैंक काॅलोनी निवासी विनीत भेतीवाल ने मुखानी थाने में तहरीर दी। इसमें कहा कि उसके पिता गंगाराम आर्य कुछ साल पहले पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर हुए। उनके पंजाब नेशनल बैंक की नैनीताल रोड स्थित शाखा में तीन खाते हैं। जबकि एक ओडी खाता भी है। विनीत के अनुसार 16 जून को पिता ने अपना मोबाइल बदला। नए मोबाइल में पीएनबी वन एप्लीकेशन डाउनलोड किया। उन्होंने एप को गूगल पर सर्च किया था। हालांकि तब एप डाउनलोड नहीं हो पाया। बाद में उनके नंबर पर अलग-अलग तीन नंबरों से फोन, व्हाट्सएप कॉल व मैसेज आए। फोन करने वाले ने खुद को पीएनबी का प्रतिनिधि राहुल शर्मा बताया। उसने व्हाट्सएप पर भेजे लिंक से एप डाउनलोड करने के लिए कहा और बातों में उलझाकर ओटीपी बताने के लिए कहा। इन्कार करने पर फोन काट दिया। शाम को उनके मोबाइल पर कई ओटीपी और खाते से पैसा कटने के मैसेज आए। साइबर ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पीएनबी के टोल फ्री नंबर 1800 2021 पर कॉल कर शिकायत की। उनके खाते से 2,44,000 रुपये गायब हुए। थाना प्रभारी दिनेश जोशी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
गूगल से टोलफ्री नंबर और एप्लीकेशन डाउनलोड करने से पहले जाने सच
सीओ हल्द्वानी नितिन लोहनी ने कहा कि गूगल पर सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के जरिये साइबर ठग सारा खेल करते हैं। यह अपने नंबर ऊपर कर देते हैं। ऐसे में पड़ताल कर सही नंबर तलाशना होता है। इससे बेहतर है कि आप बैंक की पासबुक से टोल फ्री नंबर ले सकते हैं। इसी प्रकार ठग यहां डाउनलोड के लिंक भी रखते हैं। जैसे ही आप इस पर क्लिक करेंगे साइबर ठग सक्रिय हो जाएंगे और आपका मोबाइल एक्सेस कर लेंगे। यहां तक कि आपके मोबाइल पर आए ओटीपी को वह एक्सेस कर लेते हैं। प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कर रहे हैं तो नीचे रिव्यू देखे। यदि रिव्यू दो चार है तो सतर्क हो जाएं। यह एपीके फाइल भी हो सकती है। मोबाइल के जरिये डाउनलोडिंग को लेकर सतर्कता जरूरी है।
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गूगल से टोलफ्री नंबर और एप्लीकेशन डाउनलोड करने से पहले जाने सच
सीओ हल्द्वानी नितिन लोहनी ने कहा कि गूगल पर सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के जरिये साइबर ठग सारा खेल करते हैं। यह अपने नंबर ऊपर कर देते हैं। ऐसे में पड़ताल कर सही नंबर तलाशना होता है। इससे बेहतर है कि आप बैंक की पासबुक से टोल फ्री नंबर ले सकते हैं। इसी प्रकार ठग यहां डाउनलोड के लिंक भी रखते हैं। जैसे ही आप इस पर क्लिक करेंगे साइबर ठग सक्रिय हो जाएंगे और आपका मोबाइल एक्सेस कर लेंगे। यहां तक कि आपके मोबाइल पर आए ओटीपी को वह एक्सेस कर लेते हैं। प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कर रहे हैं तो नीचे रिव्यू देखे। यदि रिव्यू दो चार है तो सतर्क हो जाएं। यह एपीके फाइल भी हो सकती है। मोबाइल के जरिये डाउनलोडिंग को लेकर सतर्कता जरूरी है।
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