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अनशनकारी को पुलिस ने जबरन अस्पताल में कराया भर्ती
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बेस अस्पताल के बरामदे से अनशनकारी को मेडिकल जांच के लिए ले जाती पुलिस।
हल्द्वानी। रामलीला कमेटी को ट्रस्ट बनाने के विरोध में बुद्ध पार्क में मौन व्रत के साथ आमरण अनशन पर बैठे रामलीला कमेटी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक संतोष कबड़वाल को शुक्रवार की रात पुलिस ने जबरदस्ती अनशन स्थल से उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस की कार्रवाई के विरोध में लोग अस्पताल में धरने पर बैठ गए। तहसीलदार के मान मनौव्वल के बाद संतोष अस्पताल के बेड पर गए। देर शाम तक बेस अस्पताल में संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। इधर रात में संतोष की जगह समिति के सह संयोजक पंडित मदन मोहन जोशी बुद्ध पार्क में आमरण अनशन पर बैठ गए।
रामलीला कमेटी को ट्रस्ट बनाने के विरोध में रामलीला कमेटी के संयोजक संतोष कबड़वाल 15 जुलाई से बुद्ध पार्क में मौन ब्रत और तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार को पुलिस अचानक अनशन स्थल पर पहुंची और गाड़ी में संतोष कबड़वाल को बैठाकर बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में समिति के लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए धरने पर बैठ गए।
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लोग सिटी मजिस्ट्रेट के बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन तहसीलदार के समझाने पर अनशनकारी संतोष मान गए और मौन ब्रत तोड़ कर बिस्तर पर चले गए। अनशनकारी संतोष का कहना था कि रामलीला कमेटी को किसी कीमत पर ट्रस्ट नहीं बनने देंगे। जब तक नगर प्रशासन ट्रस्ट बनाने के निर्णय को वापस नहीं लेगा और समिति के चुनाव करवाने की घोषणा नहीं की जाएगी अनशन जारी रहेगा। संतोष कबड़वाल ने आरोप लगाया कि नगर प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। संतोष की जगह कमेटी के सह संयोजक मदन मोहन जोशी अनशन स्थल पर बैठ गए हैं।
दिन में रामलीला संघर्ष समिति ने रिसीवर को घेरा
हल्द्वानी। रामलीला कमेटी बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट/रिसीवर का घेराव कर आंदोलनकारियों की मांगों की उपेक्षा पर गहरा रोष जताया। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। संघर्ष समिति संयोजक संतोष कबड़वाल बुधवार को भी आमरण अनशन पर थे। इस बीच समिति के सह संयोजक पंडित मदन मोहन जोशी के नेतृत्व में लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार सिंह का घेराव किया। घेराव करने वालों में खजान पांडे, पार्षद राजेंद्र जीना, रवि जोशी, दीप्ति तिवारी, मनीषा बिष्ट, योगेंद्र सिंह बिष्ट, गोविंद बगड्वाल, लीला कांडपाल, राजेंद्र गौनिया, पार्षद मनोज जोशी, वीरेंद्र बिष्ट, देवेंद्र मटियानी, विनोद कांडपाल आदि शामिल थे। आंदोलन को समर्थन देने वालों में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, भुवन जोशी, हरीश पांडे, मुकुल बल्यूटिया, जसविंदर भसीन आदि शामिल थे।
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पुलिस की कार्रवाई के विरोध में लोग अस्पताल में धरने पर बैठ गए। तहसीलदार के मान मनौव्वल के बाद संतोष अस्पताल के बेड पर गए। देर शाम तक बेस अस्पताल में संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। इधर रात में संतोष की जगह समिति के सह संयोजक पंडित मदन मोहन जोशी बुद्ध पार्क में आमरण अनशन पर बैठ गए।
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रामलीला कमेटी को ट्रस्ट बनाने के विरोध में रामलीला कमेटी के संयोजक संतोष कबड़वाल 15 जुलाई से बुद्ध पार्क में मौन ब्रत और तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार को पुलिस अचानक अनशन स्थल पर पहुंची और गाड़ी में संतोष कबड़वाल को बैठाकर बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में समिति के लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए धरने पर बैठ गए।
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लोग सिटी मजिस्ट्रेट के बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन तहसीलदार के समझाने पर अनशनकारी संतोष मान गए और मौन ब्रत तोड़ कर बिस्तर पर चले गए। अनशनकारी संतोष का कहना था कि रामलीला कमेटी को किसी कीमत पर ट्रस्ट नहीं बनने देंगे। जब तक नगर प्रशासन ट्रस्ट बनाने के निर्णय को वापस नहीं लेगा और समिति के चुनाव करवाने की घोषणा नहीं की जाएगी अनशन जारी रहेगा। संतोष कबड़वाल ने आरोप लगाया कि नगर प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। संतोष की जगह कमेटी के सह संयोजक मदन मोहन जोशी अनशन स्थल पर बैठ गए हैं।
दिन में रामलीला संघर्ष समिति ने रिसीवर को घेरा
हल्द्वानी। रामलीला कमेटी बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट/रिसीवर का घेराव कर आंदोलनकारियों की मांगों की उपेक्षा पर गहरा रोष जताया। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। संघर्ष समिति संयोजक संतोष कबड़वाल बुधवार को भी आमरण अनशन पर थे। इस बीच समिति के सह संयोजक पंडित मदन मोहन जोशी के नेतृत्व में लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार सिंह का घेराव किया। घेराव करने वालों में खजान पांडे, पार्षद राजेंद्र जीना, रवि जोशी, दीप्ति तिवारी, मनीषा बिष्ट, योगेंद्र सिंह बिष्ट, गोविंद बगड्वाल, लीला कांडपाल, राजेंद्र गौनिया, पार्षद मनोज जोशी, वीरेंद्र बिष्ट, देवेंद्र मटियानी, विनोद कांडपाल आदि शामिल थे। आंदोलन को समर्थन देने वालों में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, भुवन जोशी, हरीश पांडे, मुकुल बल्यूटिया, जसविंदर भसीन आदि शामिल थे।