Bhimtal: पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए वोट नहीं दे पाए पांच सदस्य, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है रील
प्रदेश में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पांच जिला पंचायत सदस्य वोट तक नहीं डाल पाए। खबर में पढ़िये पूरा मामला?
विस्तार
प्रदेश में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पांच जिला पंचायत सदस्य वोट तक नहीं डाल पाए। वोट नहीं डालने की वजह 14 अगस्त को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दिन पांचों जिला पंचायत सदस्यों का कथित अपहरण कर लिया जाना है। कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी ने भाजपाइयों पर सदस्यों का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों के साथ प्रदर्शन किया था। हालांकि बाद में पांचों जिला पंचायत सदस्यों ने खुद ही घूमने की बात कहकर वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया था।
भीमताल ब्लॉक
- जंगलियागांव जिला पंचायत से विपिन जंतवाल ने भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। विपिन इससे पहले जंतवाल गांव के ग्राम प्रधान रह चुके हैं।
ओखलकांडा ब्लॉक
- मल्ला ओखलकांडा से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी प्रमोद कोटलिया ने जीता था। हालांकि प्रमोद कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। वह हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज से छात्रनेता रह चुके हैं। वर्ष 2019 में भी प्रमोद ने जिपं सदस्य का चुनाव लड़ा था लेकिन वह जीत नहीं पाए थे।
- ककोड़ जिला पंचायत सीट से डिकर मेवाड़ी ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की। डिकर इससे पहले ग्राम प्रधान और हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज से छात्र नेता रह चुके हैं। डिकर को विधायक राम सिंह कैड़ा का करीबी माना जाता है। चुनाव जीतने के बाद 14 अगस्त को अपहरण की घटना के बाद डिकर की ओर से जारी वीडियो में घूमने की बात कही गई।
बेतालघाट ब्लॉक
- चापड़ जिला पंचायत सदस्य से निर्दलीय प्रत्याशी तरुण शर्मा ने जीत हासिल की है। तरुण ने भी पहली बार जिपं सदस्य का चुनाव जीतकर पंचायत की राजनीति में कदम रखा है। अपहरण की घटना के बाद तरुण ने एक वीडियो जारी कर उनके सुरक्षित होने का हवाला देते हुए उनके भाजपा से ही जुड़े होने की बात कही।
धारी ब्लॉक
- चौखुटा जिला पंचायत से निर्दलीय प्रत्याशी दीपक बिष्ट ने जीत हासिल की। दीपक ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा है।