{"_id":"592085b34f1c1bc213f23349","slug":"filling-up-the-empty-treasure-can-be-done-gaugala","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाली खजाना भरने को गौला की जा सकती है ‘कंगाल’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाली खजाना भरने को गौला की जा सकती है ‘कंगाल’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 May 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
rupee shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब खाली खजाना भरने की आड़ में गौला को कंगाल किया जा सकता है। वन निगम के आला अधिकारियों ने शासन को पत्र लिख कर राजस्व कम वसूली होने का हवाला देते हुए गौला में खनन शुरू करने की मांग की है।
विज्ञापन
सूबे में आय का बड़ा स्रोत खनन भी है। वहीं गौला प्रदेश का सबसे बड़ा खनन केंद्र है। गौला से हर साल सौ से दो सौ करोड़ तक का राजस्व मिलता है। जो सरकारी खजाना भरने की एक महत्वपूर्ण मद है। इस साल भी गौला से 1 अरब 69 करोड़ 97 लाख 88 हजार 350 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
विज्ञापन
अब इसी को चाबी बनाकर गौला के खनन गेटों का ताला खोलने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो वन निगम के एक आला अफसर ने शासन को पत्र लिखा है। पत्र में गौला में खनन बंद होने से सीधे राजस्व प्रभावित होने की बात कही गई है।
विज्ञापन
उप खनिज निकासी का लक्ष्य पूरा नहीं होने से वन निगम का राजस्व का अनुमानित लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका है। इसके साथ ही केंद्र से मिली 10 साला अनुमति 54.25 लाख घन मीटर की निकासी को सीएसडब्ल्यूआरटीआई की उप खनिज आकलन रिपोर्ट के खिलाफ हथियार बनाया गया है। शासन को 37.34 लाख घन मीटर की रिपोर्ट को अनदेखा करते हुए केंद्र की लिमिट पर अमल करने को कहा गया है।
वन विभाग और वन निगम के अफसरों में खिंची तलवारें
गौला में खनन बंद होने पर वन, वन निगम के अफसरों में तनातनी हो गई है। अधिकारी खनन बंद के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो दोनों ही खनन चालू रखना चाहते थे लेकिन रिपोर्ट की अनदेखी भी नहीं की जा सकती थी। पहली बार गौला खनन बंद करने का फैसला जिला खनन समिति की बैठक में हुआ है जो वन, प्रशासन महकमे में चर्चा का विषय रहा।
एक अफसर पहुंचा मंत्री दरबार
सूत्रों की मानें तो गौला में खनन बंद होने से कहीं किसी अधिकारी पर गाज नहीं गिर जाए इसलिए कुर्सी बचाने को घेराबंदी भी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार एक अधिकारी ने कोटद्वार में मंत्री के दरबार में भी दरख्वास्त लगा दी है।
गौला खुलने को दिन भर अफवाहें
गौला में खनन शुरू होने को लेकर अफवाहें शुरू हो गई हैं। शनिवार को बंदी के बाद भी लालकुआं डिवीजन के गेटों पर दर्जनों डंपर पहुंच गए। बाद में वन कर्मियों ने उन्हें बैरंग लौटाया।
वहीं बंदी का सख्ती से पालन कराने के लिए एसडीएम एपी वाजपेयी ने खुद नदी का निरीक्षण किया तो अफवाह फैल गई कि प्रशासन के निरीक्षण के बाद गौला खुल जाएगी। फिलहाल देर रात तक अधिकारियों, व्यवसायियों के फोन घनघनाते रहे।