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खड़ी चढ़ाई चढ़कर पानी के लिए लड़नी पड़ रही लड़ाई
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भीमताल/नैनीताल। लंबे समय से पेयजल संकट से झेल रहे नगर पंचायत भीमताल के थकुड़ा वार्ड के ग्रामीणों ने मंगलवार को जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव किया। कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अनुसूचित बहुल गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं कराई जा रही है जिस कारण ग्रामीण दूर दराज से पानी लाने को मजबूत हैं। कहा कि यदि शीघ्र गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे।
मंगलवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गोपाल बिष्ट के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने ईई दलीप बिष्ट को बताया कि पिछले छह माह से अधिक समय से उनके गांव में आने वाली पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है। अक्तूबर में आपदा के दौरान लाइन पूरी तरह से टूट गई थी और पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। पेयजल लाइन टूटी होने की जानकारी उन्होंने कई बार स्थानीय स्तर पर जल संस्थान के अधिकारियों को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 1984 में ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर जल संस्थान के सहयोग से पेयजल लाइन बिछाई थी। अब जब से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है तब से ग्रामीण डेढ़-दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर सिर पर बाल्टियां रख पानी लाने को मजबूर हैं। कांग्रेसी नेता बिष्ट ने जल संस्थान के अधिकारियों को चेताया कि यदि शीघ्र थकुड़ा में पेयजल संकट हल नहीं किया गया तो वह ग्रामीणों के साथ आंदोलन को मजबूर होंगे। इस पर जल संस्थान के सहायक अभियंता दिलीप बिष्ट ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि दो दिन के भीतर क्षतिग्रस्त लाइन का निरीक्षण कराकर उसे ठीक करा दिया जाएगा। ताकि गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु हो सके। घेराव करने वालों में गोपाल सिंह बिष्ट, वीरेंद्र मेहरा, ईश्वर लाल, अजय कुमार आदि थे।
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पाडली के कई परिवार पेयजल से वंचित
गरमपानी। बेतालघाट ब्लॉक के पाडली गांव क्षेत्र में 12 परिवारों के घरों में दो सप्ताह से पानी न आने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रकाश चंद्र ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद कलवागाढ़ पेयजल लाइन टूटने के कारण परेशानी हो रही है। पाइप लाइन अभी तक नहीं जोड़ी गई है। लोगों को पानी के लिए जलस्रोतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गांव के मुकेश भट्ट, रमेश कुमार, यशपाल, आनंद प्रसाद ने विभाग से जल्द पेयजल लाइन जोड़ने की मांग की है।
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मंगलवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गोपाल बिष्ट के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने ईई दलीप बिष्ट को बताया कि पिछले छह माह से अधिक समय से उनके गांव में आने वाली पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है। अक्तूबर में आपदा के दौरान लाइन पूरी तरह से टूट गई थी और पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। पेयजल लाइन टूटी होने की जानकारी उन्होंने कई बार स्थानीय स्तर पर जल संस्थान के अधिकारियों को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 1984 में ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर जल संस्थान के सहयोग से पेयजल लाइन बिछाई थी। अब जब से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है तब से ग्रामीण डेढ़-दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर सिर पर बाल्टियां रख पानी लाने को मजबूर हैं। कांग्रेसी नेता बिष्ट ने जल संस्थान के अधिकारियों को चेताया कि यदि शीघ्र थकुड़ा में पेयजल संकट हल नहीं किया गया तो वह ग्रामीणों के साथ आंदोलन को मजबूर होंगे। इस पर जल संस्थान के सहायक अभियंता दिलीप बिष्ट ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि दो दिन के भीतर क्षतिग्रस्त लाइन का निरीक्षण कराकर उसे ठीक करा दिया जाएगा। ताकि गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु हो सके। घेराव करने वालों में गोपाल सिंह बिष्ट, वीरेंद्र मेहरा, ईश्वर लाल, अजय कुमार आदि थे।
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पाडली के कई परिवार पेयजल से वंचित
गरमपानी। बेतालघाट ब्लॉक के पाडली गांव क्षेत्र में 12 परिवारों के घरों में दो सप्ताह से पानी न आने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रकाश चंद्र ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद कलवागाढ़ पेयजल लाइन टूटने के कारण परेशानी हो रही है। पाइप लाइन अभी तक नहीं जोड़ी गई है। लोगों को पानी के लिए जलस्रोतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गांव के मुकेश भट्ट, रमेश कुमार, यशपाल, आनंद प्रसाद ने विभाग से जल्द पेयजल लाइन जोड़ने की मांग की है।