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Nainital News: मम्मी-पापा को सताता है डर, जब तक सलामती से न पहुंच जाएं घर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Nov 2025 01:42 AM IST
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Fear haunts mom and dad until they reach home safely.
हल्द्वानी। रोजाना स्कूल जाते-आते वक्त छात्र-छात्राएं डंपरों की रफ्तार से डरे सहमे रहते हैं। घर और स्कूल से निकलते छात्र छात्राओं को ही नहीं बल्कि उनके अभिभावकों को भी अनहोनी का भय सताता रहता है। बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी के प्रतिनिधियों से हुए संवाद में अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने कहा कि सड़क पर डंपर बेलगाम होकर दौड़ रहे हैं। ऐसे में उन्हें सड़क पार करने में डर लगता है। सही सलामत घर पहुंचने तक परिजनों को चिंता सताए रहती है। इन डंपरों के संचालन के लिए समय के साथ-साथ रूट भी तय होना चाहिए।
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दोस्तों के साथ पैदल स्कूल जाती हूं। पहले स्कूल समय में रेता-बजरी लाने वाली गाड़ियां चलती थी। इनसे बचने के लिए सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता था। अब स्कूल का समय बदल गया है। डंपर तो कम मिलते हैं लेकिन ट्रैक्टर और पानी के टैंकरों से खतरा बना रहता है। -प्रतिभा मेहरा, कक्षा आठ
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मैं साइकिल से स्कूल आता-जाता हूं। घर से निकलते समय कई बार ट्रक और डंपरों से बचने के लिए साइकिल को फुटपाथ पर उतारना पड़ता है। स्कूल पहुंचने तक दो तिराहे पड़ते हैं। यहां भी आते-जाते वक्त बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। ट्रक और डंपरों का समय तय होना चाहिए। -शुभम सिंह, कक्षा 11
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साइकिल से स्कूल जाती हूं। गली से बाहर निकलते समय ध्यान से रोड पार करनी पड़ती है। कई बार ट्रक व डंपरों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि आंखों में धूल चली जाती है। रोड पर बनाए गए स्पीड ब्रेकरों से सिर्फ छोटे वाहनों की रफ्तार धीमी होती है। परिजन घर पहुंचने तक चिंतित रहते हैं। -स्नेहा, कक्षा नौ



डंपरों के साथ ट्रैक्टर और पिकअप से भी बचकर निकलना पड़ता है। सड़कों पर बने गड्ढों पर भी ये तेजी से निकलते जाते हैं। सुबह स्कूल और शाम को ट्यूशन जाते समय सावधानी बरतनी पड़ती है। रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए बड़े स्पीड ब्रेकर बनाने चाहिए। -शान्तनु सिंह, कक्षा 11

मैं प्रतिदिन साइकिल से स्कूल आना जाना करता हूं। आए दिन बरेली रोड में सड़क हादसे होते रहते है। हाल ही में एक ट्रक ने दो बाइक सवारों को कुचल दिया। इसमें एक युवक की मौके पर ही मौत ही हो गई थी। बड़ी गाड़ियों की तेज गति से डर लगने लगा है। - तनुज कक्षा दस


अपनी साइड में चलने के बाद भी हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। देवलचौड़ बिड़ला स्कूल की रोड संकरी है फिर भी यहां ट्रक और डंपर रफ्तार भरते हैं। इनकी रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए शासन-प्रशासन को सख्त नियम लागू करने चाहिए। - निधि बिष्ट कक्षा 11
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